बलिया
बलिया- सतीश चन्द कॉलेज में अराजकता का विरोध, शिक्षक- कर्मचारियों ने दिया अल्टीमेटम
बलिया। सतीश चन्द कॉलेज में अराजकतत्वों की दहशतगर्दी से नाराज होकर शिक्षक – कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। जहां शिक्षक और कर्मचारियों ने शुक्रवार को ध्यानाकर्षण रैली निकालकर न सिर्फ एकजुटता का प्रदर्शन किया, बल्कि अल्टीमेटम भी दिया। बता दें 25 नवंबर को अराजकतत्वों ने गुंडागर्दी की थी।
कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी और पेंशनर्स अधिकार मंच ने सतीश चन्द कॉलेज से कलेक्ट्रेट के लिए निकली रैली में अराजकतत्वों और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पहुंचकर रैली सभा में तब्दील हो गई। धरनास्थल पर पहुंचे मुख्य राजस्व अधिकारी ने मांग पत्र लेते हुए आंदोलित शिक्षक-कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि मांगों पर सार्थक पहल होगी।
उग्र आंदोलन की चेतावनी- सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि जिला प्रशासन सब जानकर भी अंजान बना हुआ है। जिसकी वजह से उन्हें आंदोलन करना पड़ रहा है। साथ ही कहा कि जिला प्रशासन ने मांगों पर सार्थक पहल नहीं की हमारा आंदोलन और उग्र होगा। न सिर्फ स्कूल-कॉलेज और कार्यालय, बल्कि इमरजेंसी सेवाएं भी ठप कर दी जायेगी।
12 दिसंबर तक का अल्टीमेटम- कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी और पेंशनर्स अधिकार मंच के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह ने जिला प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि 12 दिसम्बर की सुबह 10 बजे तक अराजकतत्वों के खिलाफ गुण्डा एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई, तीनों अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी, जनपद के सभी महाविद्यालयों में उनके प्रवेश को बैन करने के साथ सतीश चन्द कॉलेज के मुख्य कुलानुशासक अवनीश चन्द पाण्डेय पर दर्ज मुकदमें वापस नहीं हुए तो शिक्षक-कर्मचारी निर्णायक आंदोलन करने को विवश होंगे।
वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय सम्बद्घ महाविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि प्रकरण को दो दिन में उप मुख्यमंत्री को संज्ञानित कराकर कार्रवाई कराई जाएगी। कराऊंगा। वहीं रैली में स्वास्थ्य, सिंचाई, नलकूप, कलेक्ट्रेट, ट्रेजरी, पीडब्ल्यूडी इत्यादि विभागों के कर्मचारी और प्राथमिक से लेकर विश्वविद्यालय तक के शिक्षक शामिल हिए। अध्यक्षता सत्या सिंह व संचालन वेद प्रकाश पांडेय ने किया।
बता दें सतीश चन्द कॉलेज में 25 नवम्बर को घटना के बाद जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, महाविद्यालयीय शिक्षक एसोसिएशन (जनकुआक्टा), बलिया ने मांगे पूरी कराने के लिए धरना शुरू किया था। जिन्हें सरकार ने मान्यता प्राप्त संघो, महासंघों और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का संयुक्त मंच ‘कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी और पेंशनर्स अधिकार मंच’ ने समर्थन दिया था साथ ही चेतावनी दी थी कि 8 दिसंबर तक मांगों को पूरा नहीं किया तो ध्यानाकर्षण रैली निकाली जाएगी।
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
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बलिया में रोजगार का सुनहरा अवसर: 23 जून को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला
बलिया। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला सेवायोजन कार्यालय, बलिया द्वारा 23 जून 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला सतनी सराय स्थित तारा निवास गली, भृगु आश्रम के पास स्थित जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में आयोजित होगा।
मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी विजन इंडिया ग्लोबल एल्यूमिनियम द्वारा अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस पद के लिए 10वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को ₹17,500 प्रतिमाह तक का वेतन प्रदान किया जाएगा।
कंपनी द्वारा निर्धारित आयु सीमा 18 से 28 वर्ष रखी गई है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का कार्यस्थल हैदराबाद (तेलंगाना) होगा। अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के माध्यम से उनकी योग्यता एवं क्षमता के आधार पर किया जाएगा।
जिला सेवायोजन कार्यालय ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले सभी अभ्यर्थियों का रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कैंपस चयन की पूरी प्रक्रिया रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होने की अपील की है।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?
बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।
लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)
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