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बलिया – स्वच्छता सर्वेक्षण 2023: इस बार अंक बढ़े, जानिए कैसे तय की जाती रैंकिंग

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बलिया। स्वच्छता में अव्वल आने के लिए अभी से तैयारी तेज हो गई हैं। नगर निकायों में स्वच्छता की रैंकिंग के लिए एक बार फिर से सर्वे जल्द ही शुरू होने वाला है। इस बार निकायों की रैंकिंग 9500 अंकों में प्राप्त अंकों के आधार पर होगी। जबकि पिछली बार 7500 में प्राप्त अंकों के आधार पर ही हुई थीं।

बलिया में 12 नगर निकायों में दो नगर पालिका और 10 नगर पंचायत हैं। 2022 के सर्वे में नगर पालिका ने एक लाख से 10 लाख की आबादी वाले नगर निकाय में 200 रैंक हासिल किए थे। स्टेट रैंकिंग में जिले को 33वां स्थान मिला । जबकि जोनल रैकिंग में नगर पालिका रसड़ा ने 173 के अलावा नगर पंचायत बैरिया ने 111, बांसडीह ने 136, चितबड़ा गांव 240, रेवती 32, बेल्थरारोड 90, मनियर 224, सहतवार 109 और सिंकंदरपुर ने 119वां रैक हासिल किया था।

इस आधार पर होगी रैंकिंग- स्वच्छ भारत मिशन के जिला कोआर्डिनेटर सत्यानंद के मुताबिक़ सर्विस लेवल प्रोग्रेस (SLP) के तहत नगर निकायों में स्वच्छता के लिए किए जा रहे कार्यों का आंकलन होगा। सर्टिफिकेशन में नगर निकायों को विभिन्न प्रकार के सर्टिफिकेट्स को प्राप्त करना है। जिसमें ओडीएफ, जीएफसी, सफाई मित्र जैसे प्रमाणपत्र शामिल हैं। फीडबैक में स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत एजेंसी सफाई को लेकर विभिन्न माध्यमों से आम नागरिकों की प्रतिक्रिया लेगी। इसमें निकाय की कुल आबादी के 3% प्रतिक्रिया ली जाएगी।

फीडबैक के लिए सवाल – जनता से पूछा जायेगा कि क्या आप अपने शहर को पहले से ज्यादा साफ-सुधरा पाते हैं? क्या आप डोर टू डोर कचरा प्रबंधन से संतुष्ट हैं?, क्या आप कचरा संग्रहकर्ता को अलग कचरा देते हैं?, क्या आप देखते हैं कि कचरे को जिम्मेदारी से प्रबंधन करने में लोगों का व्यवहार बदला है? क्या आप देखते हैं कि लोग अब खुले में शौच, पेशाब के प्रति अधिक संवेदनशील हैं? क्या आप पाते हैं कि सार्वजनिक-सामुदायिक शौचालय पहले की तुलना में अधिक सुलभ और स्वच्छ हैं? क्या आप देखते हैं कि सीवर लाइन बंद होने या सेप्टिक टैंकों से कीचड़ निकालने से संबंधित मुद्दों को प्राथमिकता दी जाती है?

सर्वेक्षण में ऐसे हो सकते शामिल – स्वच्छता सर्वेक्षण में नगर के आम नागरिक स्वच्छता एप, स्वच्छ सर्वेक्षण की वेबसाइट और टीम के आने के बाद कागज पर लिखकर भी अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं। सर्वेक्षण में उम्रवार प्रश्न पूछे जाएंगे सबसे ज्यादा भरोसा वरीय नागरिकों (60 वर्ष से ऊपर) पर किया गया है। ये 400 अंकों के लिए स्वच्छता एप पर फीडबैक देंगे।

वहीं 15-29 वर्ष के युवाओं से 11 प्रश्न पूछे जाएंगे। 30 से 59 वर्ष वालों से हर प्रकार के सवाल किए जाएंगे। इनसे मिले जवाब के आधार पर ही शहर की रैंकिंग होगी। 3 श्रेणी में 4-4 प्रश्नों का जवाब देना है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और सतत स्वच्छता पर पूछे जाने वाले 4-4 सवाल 40-40 और जागरूकता पर आधारित 4 सवाल 20-20 अंकों के होते हैं। निर्धारित मापदंडों के आधार पर सर्वेक्षण होगा।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन

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बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।

सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।

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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

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भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।

इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।

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