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CM योगी का बड़ा ऐलान, बलिया समेत इन जिलों में 6 महीने के अंदर बनाया जाएगा मेडिकल कॉलेज
उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में अब मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इनमें बलिया भी शामिल है। खास बात यह है कि वर्ष 2022 तक सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज बन कर तैयार होंगे। देवरिया में महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बड़ी घोषणा की। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन जिलों में मेडिकल कॉलेज नहीं है, वहां छह माह के अंदर पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा। उन्होंने बताया कि 1947 से वर्ष 2016 के बीच प्रदेश में 12 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन वर्तमान में 32 मेडिकल कालेज स्वीकृत हैं। इनमें अधिकतर का निर्माण पूर्ण हो चुका है। वर्ष 2021-22 में 14 मेडिकल कॉलेज और बनाए जाएंगे।
बलिया में भी बनेगा मेडिकल कॉलेज- सिर्फ 16 जनपद ऐसे बचेंगे, जहां मेडिकल कॉलेज नहीं है। इनमें मऊ, बलिया, महराजगंज, संतकबीर नगर आदि जिले शामिल हैं। यहां छह माह के अंदर पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवरिया, सिद्धार्थनगर में मेडिकल की पढ़ाई इसी सत्र से शुरू हो रही है। बस्ती में शुरू हो चुकी है। कुशीनगर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू हो गया है। आजमगढ़, बलरामपुर, गोंडा, बहराइच, चंदौली, सोनभद्र, जौनपुर सहित कई ऐसे जिले हैं, जहां मेडिकल कॉलेज शीघ्र शुरू हो जाएंगे। देवरिया में 208 करोड़ की लागत से मेडिकल कालेज बन रहा है। इसमें 155 करोड़ खर्च हो चुके हैं। 15 दिसंबर तक निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। यहां मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त संसाधन होंगे।
नौ मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई का शुभांरभ करेंगे पीएम मोदी– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 जुलाई को सिद्धार्थनगर से नेशनल मेडिकल काउंसिल के निरीक्षण के बाद देवरिया सहित नौ मेडिकल कॉलेेेजों में प्रथम सत्र में पढ़ाई का शुभारंभ करेंगे। वहीं गोरखपुर और रायबरेली का एम्स बनकर तैयार है। अक्टूबर में प्रधानमंत्री इसका शुभारंभ करेंगे। सीएम ने आगे चर्चा करते हुए बताया कि प्रदेश में 75 मेडिकल कॉलेज होंगे। मेडिकल कॉलेज खुलने के बाद इलाज के क्षेत्र में लोगों को बड़ी सुविधा प्राप्त होगी। प्रथम सत्र में पढ़ाई की औपचारिकताएं पूर्ण हो चुकी हैं, जो एनसीआई का मानक है उससे अच्छी स्थिति में मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार है। छात्रावास, आवासीय सुविधा की व्यवस्था हो चुकी है।
देवरिया में निरीक्षण करने पहुंचे सीएम के साथ तमाम मंत्री अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान प्रभारी मंत्री श्रीराम चौहान, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जिला पंचायत अध्यक्ष गिरीश चंद तिवारी, राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद, सांसद डॉ. रमापति राम त्रिपाठी, सांसद सलेमपुर रविंद्र कुशवाहा, क्षेत्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, सदर विधायक डॉ. सत्यप्रकाश मणि त्रिपाठी, विधायक काली प्रसाद, विधायक रामपुर कारखाना प्रतिनिधि डॉ. संजीव शुक्ल, भाजपा जिलाध्यक्ष अंतर्यामी सिंह, नीरज शाही, नगर पालिका अध्यक्ष अलका सिंह, जितेंद्र राव मौजूद रहे।
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बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में सफलता का जश्न, छात्रों ने रचा इतिहास
सीबीएसई कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया।
गुरुवार की सुबह विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दर्जनों विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद जी एवं प्राचार्य अजीत कुमार सिंह ने मेधावी छात्रों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मिष्ठान खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
परीक्षा परिणाम में चैतन्य कुमार ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। अर्पित मिश्रा ने 94.6 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सजल शेखर तिवारी 92 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे।
इसके अलावा अविरल तिवारी, रोहन गिरी, शिवराज चौहान, अनन्या सिंह, आस्था गुप्ता, अंशुमान सिंह, शिवम सिंह, भूमि सिंह एवं प्रिया मौर्य सहित कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चैतन्य कुमार के पिता अनिल कुमार (प्रधानाचार्य, जूनियर हाई स्कूल नरही) तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सजल शेखर तिवारी के पिता देवेश तिवारी को भी विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।
विद्यालय परिवार ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो पाई है।
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बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’
बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच “नव आरंभ विदाई समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। बीए चतुर्थ व एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अपने सीनियर्स (बीए VI व एमए IV सेमेस्टर) को यादगार विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि० तुषारनंद ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

प्राचार्य डॉ० अंगद प्रसाद गुप्त ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं सीनियर छात्रों ने गुरुजनों को अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, भजन और कविता ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए सफर के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा देते हैं।

समारोह में महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि संचालन बृजेश गुप्ता, अंकिता और सलोनी ने संयुक्त रूप से किया।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।


