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बलिया

दो महीनों में दोगुने हो गए बलिया में श्रमिक, ग्रेजुएट युवा भी बनवा रहे ई-श्रम कार्ड

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सरकार ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को हर महीने पांच सौ रुपए भत्ता देने की बात कही है। इसके बाद से बलिया में अचानक श्रमिकों की संख्या दोगुनी हो गई है। जी हैं श्रम विभाग के द्वारा दिया जाने वाला 500 रुपए का भत्ता पाने अब ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट बेरोजगार भी रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं।

जब से सीएम योगी ने श्रमिकों को 500 रुपए प्रति महीने देने की बात कही है तब से ई-श्रम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन की बाढ़ आ गई है। इसके पहले अक्तूबर तक जिले में केवल 5.46 लाख श्रमिक पंजीकृत थे। लेकिन दिसम्बर में श्रमिकों की संख्या दोगुनी हो गई है। आंकड़ो पर नज़र डालें तो 31 दिसम्बर तक 11 लाख 47 हज़ार 254 लोगों ने श्रमिक कार्ड के लिए पंजीकरण कराया है।

हालात ये हैं कि अब स्नातक व परास्नातक की पढ़ाई कर चुके बेरोजगार युवक पंजीयन करा रहे हैं। युवाओं में होड़ लग गई है ई श्रम पोर्टल पर पंजीयन कराने की। और यही वजह से है कि बलिया में श्रमिकों की संख्या अचानक से बढ़ गई है। वहीं ई श्रम योजना के तहत श्रमिक कार्ड बनवाने में असंगठित क्षेत्र की महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। श्रमिक कार्ड के लिए 31 दिसंबर तक करीब पांच लाख से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया है। योजना का लाभ लेने के लिए महिलाएं आगे आई हैं।

गौरतलब है कि सरकारी योजना के मुताबिक असंगठित क्षेत्र के ई-श्रम कार्डधारकों को इसका लाभ दिया जाएगा। लाभार्थियों को प्रतिमाह पांच सौ रुपये दिए जाएंगे। यह रकम उन्हें भत्ते के रूप में मिलेगी। श्रम विभाग के मुताबिक, 31 दिसंबर तक जिले में 11,47,254 लोगों ने आवेदन किए हैं। इन लोगों ने अपने ई-श्रम कार्ड बनवाए हैं। 25 दिसंबर तक आवेदन करने वाले लोगों को पहली किस्त जल्द ही मिल जाएगी। उन लोगों के खाते में दो माह का भत्ता एक हजार रुपये ट्रांसफर किया जाएगा। 25 दिसंबर तक आवेदन करने वाले लोगों को इसी माह पहली किस्त मिल जाएगी। पहले चरण में इन लोगों के खाते में दो माह का भत्ता का एक हजार रुपया ट्रांसफर किया जाएगा। जबकि अन्य लाभार्थियों को दूसरे चरण में लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा पंजीकृत नवीनीकृत 54257 श्रमिकों को भी भत्ता का दो माह का एक हजार रुपया पहले चरण में अंतरित किया जाएगा।

कौन कर सकता है एप्लाईः असंगठित क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है। उसकी उम्र 18 से 59 आयु वर्ग के बीच होनी चाहिए। उसकी मासिक कमाई 15 हजार से कम हो। केवल आधारकार्ड व मोबाइल नंबर के जरिए ई-श्रम पोर्टल पर आवेदन करके लाभ उठाया जा सकता है।

आजे से खातों में ट्रांसफर की जाएगी राशिः आज ई-श्रम योजना के तहत भत्ता की पहली किस्त एक हजार रुपये पंजीकृत श्रमिकों के खाते में भेजी जाएगी। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में किया जाएगा। इसी दौरान सीएम वीडियो कांफ्रेसिंग के द्वारा जिले के दस पंजीकृत श्रमिकों को भत्ता की पहली किस्त जारी करेंगे। यह जानकारी जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र कुमार ने दी। बताया कि इसके लिए दस पंजीकृत श्रमिक विकास भवन स्थित एनआईसी में कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहेंगे।

बलिया के श्रम प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि ई-श्रम योजना के तहत 1147254 लोगों ने 31 दिसंबर तक श्रमिक कार्ड के लिए आवेदन किया है। ऐसे लोगों के खाते में पांच-पांच सौ रुपये भत्ते के रूप में भेजे जाएंगे। यदि आवेदन करने वाला अपात्र होगा तो उससे रिकवरी भी कराई जाएगी। दो चरणों में लाभार्थियों को लाभ दिया जाएगा।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन

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बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।

सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।

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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

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भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।

इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।

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