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सपा ने एक फिर रिजवी पर खेला दांव, क्या इत्र नगरी सिकन्दरपुर में फिर फैलेगी समाजवादी खुशबू!

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बलिया की सिकंदरपुर विधानसभा सीट से जुड़ा इलाका गुलाब के उत्पादन और इत्र की खुशबू के लिए प्रसिद्ध है। अब यहां से अखिलेश यादव ने अपने पुराने और कद्दावर चेहरे मो.जियाउद्दीन रिजवी को टिकट देकर समाजवादी खुशबू फैलाने की जिम्मेदारी दी है। सिकंदरपुर इत्र कारोबार के लिए पूरी दुनिया में अपनी पहचान रखता है। यहां का इत्र विदेशों तक अपनी खुशबू बिखेरता रहा है। हालांकि, अब यह काम सिमट कर छोटे पैमाने पर हो रहा है। राजनीतिक समीकरण की बात करें तो सिकन्दरपुर विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की भी संख्या अच्छी खासी है। यादव, राजभर और भूमिहार भी ठीक-ठाक संख्या में हैं।

बलिया की सिकंदरपुर सीट पर 2017 में पहली बार कमल खिला था। हालांकि सिकंदरपुर सीट पर बीजेपी की जीत का कारण मोदी लहर को माना गया था। जब राजनीति के सभी समीकरण फेल हो गए थे और यही वजह है कि एक बार फिर अखिलेश यादव ने मोहम्मद जियाउद्दीन पर भरोसा जताया है। जो मुस्लिम वोट बैंक के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। दो बार के विधायक और मंत्री रहे रिजवी- मो.जियाउद्दीन रिजवी कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं। रिजवी पहली बार 2002 में समाजवादी पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए थे, जिन्होंने अपने कार्यकाल में अनेकों विकास कार्य किए हैं, जबकि दूसरी बार 2012 में दोबारा विधायक निर्वाचित हुए इस बीच 2007 में बसपा के श्रीभगवान ने सिकंदरपुर में अपना कब्जा जमाया। लेकिन 2017 में ऐसा पहली बार हुआ जब बीजेपी के हाथ में यह सीट चली गई।

मोदी लहर में जीते संजय यादव- 2017 के चुनावों में यूपी की जिन सीटों पर मोदी लहर के चलते जीत मानी गई थी, उनमें से सिकंदरपुर सीट भी एक है। सभी जातिगत समीकरण ध्वस्त हो गए थे और पहली बार यहां कमल खिला था। बीजेपी ने शानदार सफलता हासिल की। पार्टी के उम्मीदवार संजय यादव को 69 हजार 536 वोट पड़े जबकि सपा के कद्दावर नेता और कई बार विधायक रह चुके जियाउद्दीन रिजवी को 45 हजार 988 मतों से ही संतोष करना पड़ा। इससे पहले यहां से सपा और बसपा के उम्मीदवार जीतते आ रहे थे।

सिकंदरपुर में काफी लोकप्रिय रिजवी- मोहम्मद रिजवी ने विधायक बनते ही यूपी-बिहार को जोड़ने वाले सबसे महत्वपूर्ण काम खरीद दरौली पर पीपा का पुल दिया, बाद में क्षेत्र के लोगों की मांग पर मोहम्मद रिजवी ने मुख्यमंत्री रहे, अखिलेश यादव से पक्का पुल बनाने की मांग कर दी, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मोहम्मद रिजवी की मांगों को मानते हुए तत्काल खरीद दरौली घाट पर पक्का पुल बनाने की घोषणा कर दी। खरीद दरौली घाट पर पक्का पुल मोहम्मद रिजवी का ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक था, इन्होंने पूरे क्षेत्र में सड़कों का चौड़ीकरण करवाया। 

हालांकि इत्र नगरी सिकंदरपुर में मुस्लिम और ओबीसी जिधर रुख करते हैं, उसी पार्टी का विधायक जीतता है। मुस्लिम वोटबैंक काफी अहम भूमिका निभाते हैं। सपा और बसपा के बीच सीधा मुकाबला होने की यह एक बड़ी वजह रही है। सिकंदरपुर में 3 मार्च को वोटिंग होना है। और अब देखना होगा कि मोहम्मद रिजवी को दोबारा मैदान में उतारने का सपा को कितना फायदा मिलता है। यहां दो बार विधायक रहे मो. रिजवी का नाम गुरूवार को लखनऊ में जारी सपा उम्मीदवारों की लिस्ट में देखकर उनके समर्थकों में जोश भर गया।

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बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में सफलता का जश्न, छात्रों ने रचा इतिहास

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सीबीएसई कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया।

गुरुवार की सुबह विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दर्जनों विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद जी एवं प्राचार्य अजीत कुमार सिंह ने मेधावी छात्रों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मिष्ठान खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

परीक्षा परिणाम में चैतन्य कुमार ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। अर्पित मिश्रा ने 94.6 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सजल शेखर तिवारी 92 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे।

इसके अलावा अविरल तिवारी, रोहन गिरी, शिवराज चौहान, अनन्या सिंह, आस्था गुप्ता, अंशुमान सिंह, शिवम सिंह, भूमि सिंह एवं प्रिया मौर्य सहित कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।

विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चैतन्य कुमार के पिता अनिल कुमार (प्रधानाचार्य, जूनियर हाई स्कूल नरही) तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सजल शेखर तिवारी के पिता देवेश तिवारी को भी विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।

विद्यालय परिवार ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो पाई है।

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बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’

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बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच “नव आरंभ विदाई समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। बीए चतुर्थ व एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अपने सीनियर्स (बीए VI व एमए IV सेमेस्टर) को यादगार विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि० तुषारनंद ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

प्राचार्य डॉ० अंगद प्रसाद गुप्त ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं सीनियर छात्रों ने गुरुजनों को अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, भजन और कविता ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए सफर के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा देते हैं।

समारोह में महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि संचालन बृजेश गुप्ता, अंकिता और सलोनी ने संयुक्त रूप से किया।

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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!

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बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।

तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।

युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।

इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।

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