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बलिया में कटान से प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने पहुंचे राज्य मंत्री और सांसद

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बलिया में घाघरा के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में कटान तेज हो गया है। इससे कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ से बिगड़ते हालातों के बीच कई ग्रामीण पलायन कर रहे हैं।

बलिया के गांवों में बिगड़ते हालातों को मद्देनजर रखने हुए राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आयुष खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग दयाशंकर मिश्र “दयालु” और सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने कटानरोधी कार्यों और कटान से प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया।

इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने सबसे पहले पंचरुखिया में लगे मीटर गेज की स्थिति का जायजा लिया और बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि विभिन्न पिलरों के माध्यम से दर्शाये गए मीटर गेज को एक ही पिलर के पर दर्शाया जाए और उस पर विगत वर्षों में आए बाढ़ के पानी की स्थिति का अंकन किया जाए। जिस वर्ष के दौरान ज्यादा बाढ़ का पानी आया हो उसको उस पिलर पर हाइलाइट किया जाए।

इससे लोगों को साल दर साल आए बाढ़ के पानी की स्थिति का सही आकलन हो सकेगा। इसके बाद मंत्री दुबेछपरा गोपालनगर में हुए कटानरोधी कार्यों को देखने पहुंचे और वहां पर उन्होंने ग्राम प्रधान और गांव के लोगों की समस्याएं सुनी। उन्होंने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया कि कटानरोधी कार्यों में उपयोग किए गए जिओबैग को धूप से बचाने के लिए उसके ऊपर मिट्टी डलवा कर उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करें।

इस दौरान उन्होंने गांव के लोगों और ग्राम प्रधान से वहां हुए बचाव कार्य के संतुष्टि के बारे में जानकारी ली तो उन लोगों ने बताया कि बाढखंड के कटानरोधी कार्यों से वे सब खुश हैं। प्रभारी मंत्री गोपालनगर टाड़ी गांव के उच्च उच्च प्राथमिक विद्यालय में आयोजित कटान से प्रभावित लोगों के लिए जमीन के पट्टे एवं बाढ़ राहत सामग्री प्रदान करने पहुंचे। यहां पहले से ही जिले के सांसद वीरेंद्र सिंह ‘मस्त’ मौजूद थे। इस कार्यक्रम में दोनों जनप्रतिनिधियों ने कटान से प्रभावित लोगों को बाढ़ राहत सामग्री प्रदान की एवं 188 लोगों को मकान बनाने के लिए पट्टे प्रदान किया।

इसके बाद प्रभारी मंत्री जी ने वहां बैठे लोगों को संबोधित किया और कहा कि नदियां हमारे लिए वरदान और अभिशाप दोनों होती है। जब तक इसमें पानी कम रहता है तो यह हमारे लिए फायदेमंद होती है और जब पानी बढ़ जाता है तो इससे मकान, पशु और खेत जैसे संसाधनों को क्षति पहुंचती है। उन्होंने वहां के लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार एवं प्रशासन जनता की आपदा या विपरीत परिस्थितियों के समय हमेशा आपके साथ रहेंगे। आपके इस दुःख/पीड़ा में सहायता के लिए प्रशासन जी जान से लगा हुआ है। उन्होंने वहां उपस्थित सभी अधिकारियों एवं वहां उपस्थित आम जनों का तहे दिल से आभार जताया।

सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि कटान पीड़ित और बाढ़ पीड़ित में अंतर है।यह सहायता केवल कटान पीड़ितों के लिए है,जिनके मकान नदी में विलीन हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आज कटान पीड़ित लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। इसके बाद बाढ़ प्रभावित परिवारों का समाधान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आपको रोजगार के लिए दूसरे जगह जाने की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से आप जैसे लोगों के लिए बैंकों से दो लाख का सब्सिडी युक्त ऋण प्रदान किया जा रहा है। इसमें 90 हजार की सब्सिडी है। इससे आप लोग दुधारू पशुओं को खरीद करके अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। यह ऋण बैंकों को अगले 2 साल में लौटना होगा। उन्होंने कहा कि खरीफ के सीजन में बाढ़ के कारण मोटे अनाजों की बुवाई कम हुई है। आप लोगों से निवेदन है खरीफ की फसल के दौरान आप मोटे अनाजों की भरपूर मात्रा में खेती करें। उन्होंने इसके लिए उप जिलाधिकारी को समय से बीज और खाद मुहैया कराने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने अपने संबोधन में लोगों की सहायता के लिए आए जनप्रतिनिधियों (प्रभारी मंत्री और सांसद), अधिकारियों एवं वहां उपस्थित लोगों का आभार जताया। कहा कि जब से कटान शुरू हुआ है,तब से मैं तीन-चार बार इन क्षेत्रों का दौरा कर चुका हूं। इस बारे में प्रभारी मंत्री जी भी समय समय पर जानकारी लेते रहते हैं कि स्थिति नियंत्रण में तो है ना। कहीं किसी प्रकार की समस्या तो नहीं है। उन्होंने कहा कि हम कटान पीड़ितों का आशियाना सुरक्षित स्थानों पर बनवाने के लिए प्रतिबद्ध है।

जिलाधिकारी ने सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त के बारे में भी बताया कि वह जिले में किसानों के लिए दुधारू पशुओं को पालने और मोटे अनाज को उपजाने लिए व सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए हमेशा किसानों और अधिकारियों की बैठक लेते रहते हैं। जिलाधिकारी ने किसानों को मक्के और बाजरे का उचित मूल्य मिलने का भरोसा दिलाया। कहा कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।इस अवसर पर प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र “दयालु”जी, सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार एसपी एस आनंद अपर जिलाधिकारी डीपी सिंह उपजिलाधिकारी आत्रेय मिश्र, भाजपा जिला अध्यक्ष जयप्रकाश साहू सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन

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बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।

जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।

सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।

सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।

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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

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भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।

इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।

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