बलिया स्पेशल
जानिये- कोरोना संकट से बलिया को बचाने के लिए यहाँ के सांसद-विधायक क्या कर रहे हैं ?
बलिया डेस्क: मौजूदा समय में पूरे देश और दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर एक पैनिक बना हुआ है. डर के साए में है पूरी दुनिया के लोग और अब कोरोना वायरस तेज़ी से भारत में भी फ़ैल रहा है. हर रोज़ इसके मरीज़ में इजाफा हो रहा है. जिसके मद्देनज़र अब सरकार की तरफ से देशभर में लॉकडाउन कर दिया गया है और कुछ राज्यों में कर्फ्यू तक लगा दिया है.
दरअसल इसका इलाज कोई है नहीं. ऐसे में खुद ही सतर्क रहकर इस संक्रमित बीमारी से खुद को बचाया जा सकता है. वहीँ इस बीच अब बलिया के जनप्रतिनिधि मदद को सामने आए हैं. आइये जानते हैं किस जनप्रतिनिधि ने अपने- अपने फंड निधि से कितना रूपये देने का ऐलान किया है. और वो अपने लोगों की किस तरह से मदद पंहुचा रहे हैं.
सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त
सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने अपने इलाके में कोरोना वायरस के रोक थाम और बचाव के लिए अपने सांसद निधि से दस लाख रूपये देने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा है कि इस रकम से सैनिटाइजर, मास्क और ज़रुरत के दूसरे सामान खरीदे जायेंगे.
सांसद रविंदर कुशवाहा
सलेमपुर के सांसद रविंदर कुशवाहा ने भी अपने संसद निधि से 50 लाख रुपए देने का ऐलान किया है. उन्होंने इस बीमारी के रोकथाम और उपचार के लिए पचीस लाख रूपये मुख्य चिकित्सा अधिकारी देवरिया और पचीस लाख रूपये मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया को देने का ऐलान किया है. इसके अलावा इन सांसदों ने कहा है कि शुरुआत में अभी यह रकम दी गयी है लेकिन ज़रुरत पड़ी तो और पैसों का आवंटन किया जायेगा.
सांसद अतुल राय
जेल में बंद घोसी सांसद अतुल राय ने 25 लाख रुपये सांसद निधि से सैनिटाइजर, दवाओं, मास्क आदि की खरीदारी के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखकर देने की बात की है.
राज्यसभा सांसद नीरज शेखर
भाजपा के राज्यसभा के सदस्य नीरज शेखर ने लखनऊ के संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान व किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज और बलिया के जिला अस्पताल में कोरोना संकट से निपटने के लिए आवश्यकता के अनुसार अपनी सांसद निधि का सम्पूर्ण धन देने की पेशकश की है.
राज्यसभा सांसद सकलदीप राजभर
राज्य सभा सांसद सकलदीप राजभर ने कोरोना संकट से निपटने के लिए 15 लाख रूपये देने की बात कही है.
फेफना विधायक उपेंद्र तिवारी
फेफना विधायक एवं राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने अपने विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक निधि से एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की है. यह धनराशि जिलाधिकारी के कोष में जारी कर दी गई है। मंत्री ने अपने एक माह का वेतन व भत्ता भी मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की है.
रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह
बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह ने विधायक निधि से 15 लाख रुपये देने की घोषणा जिलाधिकारी को पत्र लिखकर दी है. इसके साथ ही बुधवार को विधायक प्रतिनिधि रमेश सिंह ने रसड़ा पहुंचकर एसडीएम विपिन जैन, प्रभारी निरीक्षक सौरभ कुमार राय तथा सीएचसी के अधीक्षक वीरेंद्र कुमार को पुलिस जनों, कर्मचारियों व स्वास्थ्य कर्मियों के लिए सैकड़ों की संख्या में मास्क सहित साबुन, सैनिटाइजर के साथ अन्य उपकरण प्रदान किए.
बिल्थरारोड विधायक धनन्जय कन्नौजिया
भाजपा विधायक धनन्जय कन्नौजिया ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए जरूरी सामानों, दवाओं, उपकरणों आदि के लिए 11 लाख देने की घोषणा की है.
सिकंदरपुर विधायक संजय यादव
विधायक संजय यादव ने विधायक निधि से पूरे बलिया में मास्क, सैनिटाइजर व आवश्यक कार्यो के लिए 10 लाख रुपये जिला प्रशासन को दिया है. विधायक ने अपने एक माह का वेतन भी राहत कोष में देने का एलान किया है. साथ ही उन्होंने इस धनराशि से सिकंदरपुर ही नहीं, बल्कि पूरे जनपद में बचाव व राहत कार्य करने का निवेदन किया है.
बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह
विधायक सुरेंद्र सिंह ने कोरोना के नियंत्रण के लिए अपने विधायक निधि से 15 लाख रुपये जिला प्रशासन को देते हुए आग्रह किया है कि इस धनराशि से हमारे विधानसभा क्षेत्र को सैनिटाइज करने के अलावा लोगों में मास्क वितरण व अन्य जरूरतों में खर्च करें। विधायक ने कोरोना को महामारी बताते हुए लोगों से घरों में रहने का आग्रह किया है। साथ ही प्रशासन को भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाने को कहा है। विधायक ने पुलिस प्रशासन को चेताया है कि वे फल, सब्जियों, किराना, दवाई व दूध की दुकानों को कतई बंद न कराएं। ऐसा जो कराएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर पासवान
जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर पासवान ने प्रमुख सचिव पंचायती राज को पत्र लिख 20 लाख की धनराशि देने की बात कही है. जिला पंचायत अध्यक्ष श्री पासवान ने डीएम, सीडीओ और अपर मुख्य अधिकारी को भी इसकी जानकरी पत्र के जरिये दी है. जिला पंचायत सदस्य अमित यादव और जितेंद्र यादव ने अपने क्षेत्र में मासिक सैनिटाइजर और संक्रमण रोकने की कार्रवाई के लिए पांच-पांच लाख देने का प्रस्ताव भी दे दिया है.
गौरतलब है कि इस बीमारी के सामने आने के बाद मार्केट में मास्क से लेकर सेनेटाईज़र और तमाम सामान की कमी हो गयी है और जिनके पास है भी वह इसकी कालाबाज़ी कर रहे हैं और दूने तीन गुने दाम पर बेच रहें हैं. ऐसे में गरीब अवाम के लिए इसे खरीदना मुश्किल हो रहा है जिसे देखते हुए यह फैसला सांसदों ने लिया है. उम्मीद करते हैं कि जल्द ही लोगों को इससे निजात मिलेगी और हालात बेहतर होंगे.
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जननायक की जन्मशताब्दी पर महाअभियान, बलिया में हजारों लोगों को मिलेगा निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
जननायक चन्द्रशेखर जी की जन्मशताब्दी को केवल समारोहों तक सीमित न रखकर जनसेवा के संकल्प से जोड़ने की पहल की जा रही है। इसी क्रम में 26 से 28 जून तक बलिया के विभिन्न क्षेत्रों में तीन दिवसीय विशाल निःशुल्क मेडिकल कैंप का आयोजन होगा, जिसमें वाराणसी और लखनऊ से आने वाले विशेषज्ञ चिकित्सक ग्रामीणों और जरूरतमंदों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें परामर्श देंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर जी की पुत्रवधू डॉ. सुषमा शेखर के नेतृत्व में आयोजित इस स्वास्थ्य सेवा अभियान का उद्देश्य गांवों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना है। शिविर में नेत्र, अस्थि, श्वास एवं सामान्य रोगों की जांच के साथ विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा।

स्वास्थ्य शिविर का पहला चरण 26 जून को करनई स्थित वृंदावन शिक्षण संस्थान, दूसरा 27 जून को रतसर स्थित डी.एस. मेमोरियल गर्ल्स डिग्री कॉलेज तथा तीसरा 28 जून को सोहांव क्षेत्र के पिपरा कला स्थित प्रभा मंडपम में आयोजित किया जाएगा। सभी शिविर सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होंगे।
आयोजकों के अनुसार लखनऊ और वाराणसी के अनुभवी चिकित्सकों की टीम लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच करेगी तथा आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी देगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बड़े शहरों जैसी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अपने क्षेत्र में ही मिल सकेगा।
डॉ. सुषमा शेखर ने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने और इस जनहितकारी पहल का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जननायक चन्द्रशेखर के जनसेवा के आदर्शों को आगे बढ़ाने का सबसे अच्छा माध्यम समाज के जरूरतमंद लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?
बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।
लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।


