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बलिया में कोरोना के 45 नए केस आने के बाद डीएम ने 21 जुलाई तक बढ़ाया लॉकडाउन

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बलिया: बलिया में 24 घंटे में कोरोना के 45 नए मामले के  बाद  डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने शहर व इसके आसपास के इलाके में लॉकडाउन को 21 जुलाई तक बढ़ा दिया है। शहर अब रेड जोन की तरफ बढ़ रहा है। उधर लॉकडाउन के बावजूद सड़कों पर लोगों की भीड़ कम हो रही है  और न ही दुकाने बंद हो रही है। 24 घंटे के अन्दर 45 नए केस आने के बाद अब जिले में कुल मरीजों की संख्या 315 हो गई है।

इसी को देखते हुए अब शुक्रवार की रात 10 बजे से लागू होने वाली यह बन्दी थोड़ी सख्त होगी और कुछ हद तक लॉकडाउन-1 की तरह होगी। इसमें केवल आवश्यक सेवाएं व वस्तुओं की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवा, शांति व्यवस्था से जुड़े कार्मिक व गतिविधियां ही चालू रहेंगी।

मीडिया को संबोधित करते हुए  जिलाधिकारी ने बताया कि पिछली बंदी में सभी दुकानों को खोलने की अनुमति थी, लेकिन इस बार चिन्हित दुकानें ही खुलेंगी। मोहल्लावार इसकी सूची बनाई जा रही है, जो शुक्रवार को जारी की जाएगी। चिन्हित दुकानें भी सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक ही खुल सकेंगी। दुकानदारों को मास्क, सैनिटाइजर व सोशल डिस्टेंस का पूरा ख्याल रखना होगा।

आवश्यक सेवाओं को छोड़ अन्य कार्यालय रहेंगे बन्द

जिलाधिकारी ने बताया कि आवश्यक सेवाओं से जुड़े सरकारी संस्थानों को छोड़ बाकी सभी कार्यालय बंद रहेंगे। अधिकारी-कर्मचारी अपने घरों से ही जरूरी काम निपटाएंगे। बताया कि बन्दी के बीच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, जिला प्रशासन, पुलिस, नगर विकास, खाद्य एवं आपूर्ति, डाक विभाग, अग्निशमन, ई-कॉमर्स, मीडिया और हाकर्स, पेट्रोल पंप, गैस सर्विस से संबंधित कार्यालय व गतिविधियां ही जारी रह सकेंगी।

अब व्यक्तिगत वाहन भी नहीं चलेंगे

उन्होंने कहा कि किसी भी वाहन के लिए शहर व इसके आसपास का इलाका पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। सार्वजनिक वाहन जैसे टैक्सी, जीप, टेंपो, ई-रिक्शा आदि तो पहले से ही बंद थे, अब व्यक्तिगत वाहन पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। आवश्यक सेवाओं में लगे कार्मिक भी अपनी आईडी या वाहन पास लेकर ही चल सकेंगे। एनएच के जरिए जनपद से बाहर जाने वाले वाहन ही जा सकेंगे।

सावधान: पुलिसिया कार्रवाई होगी तेज

जिलाधिकारी ने अपील की है कि दवा-इलाज कराने या बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। अन्यथा अब पुलिस भी सख्ती से निपटेगी। सड़क पर कोई फालतू वाहन ना चले इसके लिए पुलिस महकमे को निर्देश दे दिया गया है। प्रवर्तन कार्य तेज होगा। मास्क नहीं लगाने वालों पर 500 जुर्माना लगेगा। अगर कोई फालतू घूमता हुआ मिला तो उसका वाहन सील तो होगा ही, एफआईआर भी दर्ज होगी। शहर व इसके आसपास के प्रतिबंधित इलाके में कोई भी वाहन नहीं चलेगा।

सर्वे के लिए बढाई गई बन्दी की तिथि

जिलाधिकारी ने कहा कि एक हफ्ते में स्थिति और गंभीर हुई है। हप्ते दिन पहले बन्दी कर घर-घर सर्वे कराने का निर्णय महत्वपूर्ण रहा। सर्वे में मिले लक्षण व अन्य जानकारी के हिसाब से जांच हुई और पॉजिटिव केस सामने भी आए। बताया कि अब तक 64 हजार जनसंख्या कवर हुई है। एक लाख से ज्यादा लोगों को अभी आच्छादित करना है। इसीलिए इस लॉकडाउन को बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई।

हर मेडिकल स्टोर पर मेंटेन होगा रजिस्टर

जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि मेडिकल की हर दुकानों पर एक रजिस्टर मेंटेन करना होगा। अगर कोई बुखार, सर्दी, खांसी या सांस लेने में तकलीफ की दवा ले रहा है तो उसका नाम, पता और मोबाइल नंबर उस रजिस्टर में दर्ज करेंगे। उसकी प्रतिदिन की रिपोर्ट ड्रग निरीक्षक व अभिहित खाद्य सुरक्षा अधिकारी को देना होगा। ड्रग विभाग इस आदेश का सख्ती से अनुपालन कराएगा।

सुपर कंटेन्मेंट जोन के हिसाब से होगी सख्ती

डीएम श्री शाही ने बताया कि वर्तमान में शहर में 29 कंटेनमेंट जोन कलस्टर हैं, यानी एक जोन के कई घर में पॉजिटिव केस हैं। ऐसे में यहां सुपर कंटेन्मेंट जोन की व्यवस्था लागू होगी, जिसके अनुसार 500 मीटर की दूरी पूरी तरह सील रहेगी और उसके बाद ढाई सौ मीटर तक बफर जोन होगा। शासन की मंशा के अनुसार, इन इलाकों में सख्ती होगी।

सर्वे टीम को सही जानकारी देकर करें सहयोग

जिलाधिकारी ने बताया कि हमारा उद्देश्य है, हर घर व हर एक व्यक्ति तक हमारी सर्वे करने वाली टीम पहुंचे। जिले में कुल 835 टीमें बनी है, जिनमें 34 सिर्फ बलिया शहर में काम कर रही है। इस दौरान तीन तरह के लोगों पर टीम का विशेष फोकस है। पहला, कोई किसी पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में रहा हो, दूसरा किसी को बुखार, खांसी व सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण हों और तीसरा लम्बी बीमारी से ग्रस्त कोई है तो उन्हें चिन्हित कर अनिवार्य रूप से सैम्पलिंग करानी है। अगर कोई पॉजिटिव मिलेगा तो उसे एल-1 फैसिलिटी सेंटर में रखा जाना है। लोगों से भी अपील की है कि अपने घरों में ही रहें और सर्व टीम को सही-सही जानकारी दें।

नहीं होगी किसी को कोई असुविधा

जिलाधिकारी ने बताया कि इस बन्दी का एकमात्र उद्देश्य हर पॉजिटिव व्यक्ति को चिन्हित कर लेना है। इसको लेकर कोई भी परेशान नहीं होगी। किसी भी सामान की कमी नहीं होगी। ऐसी व्यवस्था होगी कि आसानी से लोगों तक हर जरूरी सामान पहुंच जाएगा। बताया कि हफ्ते दिन पहले शहर में 42 केस थे, लेकिन इसमें बहुत तेजी से वृद्धि हुई। सिर्फ 8 जुलाई को ही 150 से अधिक केस आए, जो चिंता का विषय है। अब लोगों को और गंभीर होने की जरूरत है।

एल-1 में पर्याप्त बेड उपलब्ध, व्यवस्था भी बेहतर

जिलाधिकारी ने बताया कि पर्याप्त बेड की उपलब्धता पर हमारा पहले से ही ध्यान था। एल-1 फैसिलिटी सेंटर के रूप में 5 अस्पताल तैयार हैं। वर्तमान में सीएचसी बसंतपुर व शांति मेडिकल कॉलेज में मरीज हैं और शुक्रवार से सीएससी फेफना पर भी मरीज शिफ्ट होने लगेंगे। इसके अलावा एहतियात के तौर पर राजकीय महिला महाविद्यालय नगवां (कम से कम 150 की क्षमता) और निर्माणधीन सीएचसी सुखपुरा में भी हमारी तैयारी हो रही है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को लेकर कुछ दिक्कतें थी, लेकिन साथ में भ्रांतियां भी थी। हालांकि कुछ शिकायतें सही मिली, जिसमें सुधार कर लिया गया है। डीएम ने कहा, मै खुद मरीजों से वार्ता करता रहता हूँ, फिलहाल किसी की कोई शिकायत नहीं है।

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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां

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बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर धर्मात्मा नंद ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं ध्वजारोहण के साथ किया।

ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। बच्चों ने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रतीकात्मक रूप धारण कर उनके त्याग, संघर्ष और देशभक्ति की गाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नंदिनी मिश्रा की मधुर आवाज में प्रस्तुत गीत ‘चिट्ठी आई है’ से हुई। उनकी प्रस्तुति ने मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद ‘जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया’ और ‘भारत की जान है तिरंगा’ जैसे देशभक्ति गीतों ने पूरे विद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।

कक्षा 11 के शारीरिक शिक्षा के विद्यार्थियों ने योग के विभिन्न आसनों का शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं प्री-प्राइमरी एवं प्राइमरी के बच्चों ने ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में देशभक्ति के रंग भर दिए। कक्षा 8 की छात्राओं द्वारा पारंपरिक कजरी गीत पर प्रस्तुत नृत्य कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक तुषार नंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है। उन्होंने बच्चों से अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्य अतिथि, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सीनियर कोऑर्डिनेटर अरविंद चौबे, जूनियर कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों के बीच मिष्ठान का वितरण किया गया।

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बलिया में विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

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बलिया के नरही थाना गोलीकांड के शहीद विनोद राय की दसवीं पुण्यतिथि पर बुधवार को नरही में श्रद्धांजलि का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने शहीद विनोद राय को नमन किया। फेफना विधानसभा के विभिन्न गांवों से निकली विशाल तिरंगा यात्रा जब नरही पहुंची तो पूरा इलाका देशभक्ति के नारों और तिरंगों से पट गया। नरही खेल मैदान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर शहीद को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी के नेतृत्व में फेफना विधानसभा के विभिन्न गांवों से तिरंगा यात्रा निकाली गई। मोटरसाइकिलों पर सवार हजारों कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा लेकर नरही पहुंचे। इसके बाद खेल मैदान में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई, जहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम लोगों की मौजूदगी रही।

सभा में प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, बांसडीह विधायक केतकी सिंह, पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक संजय यादव समेत कई नेताओं ने विनोद राय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

वक्ताओं ने विनोद राय की शहादत को याद करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा ने कहा कि भाजपा सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है। डॉ. महेंद्र सिंह ने बलिया की क्रांतिकारी धरती को नमन करते हुए कहा कि यहां की मिट्टी, पानी और जवानी में अद्भुत तेवर है।

पूर्व मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला ने कहा कि विनोद राय जैसे कार्यकर्ताओं का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। बांसडीह विधायक केतकी सिंह ने कहा कि अपने संगठन और नेता के लिए जीवन का बलिदान देने वाले विनोद राय को हमेशा नमन किया जाएगा।

 12 अगस्त 2016 की काली रात कभी नहीं भूल सकता

कार्यक्रम संयोजक पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी ने भावुक होते हुए कहा कि 12 अगस्त 2016 की काली रात और विनोद राय की कुर्बानी को वह कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने कहा कि विनोद राय के परिवार को हर कीमत पर न्याय मिलेगा और दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे सभी लोगों का आभार जताते हुए कहा कि कार्यकर्ता के सम्मान और उसकी शहादत को याद रखना संगठन की जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में चौसा (बक्सर) ब्लॉक प्रमुख सुनीता राय, कोऑपरेटिव बैंक चेयरमैन विनोद शंकर दूबे समेत कई लोगों ने संबोधित किया। भोजपुरी कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। कार्यक्रम का संचालन भाजपा जिला उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने किया।

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तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता

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बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार देर रात उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि होते ही उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर ओर गम और सन्नाटा पसरा रहा।

नगरा ब्लॉक के खनवर गांव निवासी उमाशंकर सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चाएं थीं, लेकिन बुधवार रात उनके निधन की खबर ने पूरे पूर्वांचल को स्तब्ध कर दिया।

उमाशंकर सिंह केवल एक विधायक नहीं थे, बल्कि रसड़ा की राजनीति का ऐसा चेहरा थे जिनकी पहचान पार्टी से कहीं अधिक उनके जनसंपर्क, विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों से थी। यही वजह रही कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल के नेताओं ने उनके निधन को क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।

छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर

सेवानिवृत्त सैनिक घुरहू सिंह के बड़े पुत्र उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। वे सतीश चंद्र महाविद्यालय, बलिया के छात्रसंघ महामंत्री रहे। इसके बाद वर्ष 2002-03 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए और यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा ने नई दिशा पकड़ी।

लगातार तीन चुनाव जीते

साल 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार रसड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने करीब 84 हजार वोट हासिल किए और सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को 52,825 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पहली बार विधायक बने।

2017 में भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को 33,885 वोटों से हराकर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।

वहीं 2022 के चुनाव में सपा-सुभासपा गठबंधन की चुनौती के बावजूद उन्होंने सुभासपा प्रत्याशी महेंद्र चौहान को करीब 5 हजार वोटों से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। बसपा के कमजोर दौर में भी उनकी यह जीत पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी।

समाजसेवा से बनाई अलग पहचान

राजनीति में आने से पहले उमाशंकर सिंह सड़क निर्माण के व्यवसाय से जुड़े रहे। विधायक बनने के बाद इस कार्य की जिम्मेदारी उनके परिवार ने संभाली। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान समाजसेवी के रूप में रही। उन्होंने अपने जीवनकाल में 600 से अधिक निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह कराकर समाज में एक अलग मिसाल कायम की।

शोक में डूबा बलिया

उनके निधन की खबर मिलते ही रसड़ा, नगरा और पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्वांचल ने आज अपना एक लोकप्रिय, जुझारू और जनसेवा के लिए समर्पित नेता खो दिया।

उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। उनका निधन केवल रसड़ा विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया की राजनीति के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

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