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CBSE 12वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी- देखिए बलिया के टॉप 10 स्कूल के टॉपर्स की लिस्ट

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बलिया। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने शुक्रवार को 12वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया। स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इस साल परीक्षा में कुल 99.37 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए। बलिया में भी कई स्कूलों का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। सेंट जेवियर्स स्कूल में 97.8 हाईएस्ट रहा जबकि सिकंदपुर के कुंज सीनियर सेकंडरी स्कूल 96.6 प्रतिशत हाईएस्ट रहा। बलिया के टॉप 10 स्कूल के टॉपर-
1. सेंट जेवियर्स रोशनी ने दिखाया दम– सीबीएसई ने 12वीं परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए हैं।

सेंट जेवियर्स स्कूल के 24 छात्र—छात्राओं ने विभिन्न विषयों में टॉप किया है। जिसमें पीसीएम रोशनी दूबे 97.8 प्रतिशत एक साथ पहले स्थान पर रहीं। कार्मस में श्रृति सिंह ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसी प्रकार पीसीबी में हिमांशु शेखर पांडेय ने 95.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं आर्ट विषय में मुहसन अली 96.2 प्रतिशत बना पाए। सभी छात्रों ने स्कूल का नाम रोशन किया।प्रधानाचार्या शुभ्रा अपूर्वा ने कहा कि कोशिश करने वाले, हार नहीं मानने वाले और मेहनत के साथ पढऩे वालें ही टापर बनते है। उन्होंने सभी सफल छात्रों को अपनी शुभकामनाएं दी।

2. सिकंदपुर में सत्यम और आयुषि बनी सिकंदर- सिकन्दरपुर क्षेत्र स्थित ज्ञान कुंज सीनियर सेकेन्डरी बंशीबाजार स्कूल के छात्रों ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में अपना परचम लहराया। गणित वर्ग के सत्यम कुशवाहा ने 95.8 प्रतिशत अंक पाकर तृतीय स्थान रहे, वहीं आयुषि सिंह जीव विज्ञान वर्ग में 96.2 प्रतिशत् अंक पाकर विद्यालय में द्वितीय रही, साथ ही मानविकी वर्ग में अनन्या गौरव 96.6 अंक पाकर प्रथम स्थान रही है। वाणिज्य वर्ग में प्रथम शॉ स्नेहा 95.8 प्रतिशत द्वितीय स्थान अमीषा गिरि 95.2 प्रतिशत, तृतीय श्रेयांशी यादव 93 प्रतिशत् पाकर रही।

जीवविज्ञान वर्ग में आयुषि सिंह 96.2 प्रतिशत द्वितीय स्थान, आर्या विशेंन और डिंपल वर्मा 95.2 प्रतिशत तृतीय निहारिका सिंह 93 प्रतिशत पाकर रहीं। 3. सनबीम स्कूल में अंशू ने मारी बाजी- CBSE 12वीं के परीक्षा में सनबीम स्कूल का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने CBSE 12वीं के परीक्षा में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्कूल का परचम जनपद में लहराया। अंशु यादव PCB 94.8% पाकर प्रथम, और आशुतोष सिंह PCM और जैमिनी मिश्रा 94.6% अंको के साथ द्वितीय स्थान पर रहे, इसी क्रम में रक्षा सिंह आर्ट्स 94.4% पाकर तीसरे स्थान पर रहीं।

इस अवसर पर प्रधानाचार्या सीमा ने समस्त छात्र-छात्राओं को बधाई दी। और स्कूल के टीचर्स ने भी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं दी। वहीं छात्रों में भी काफी खुश हुए। 4. ज्ञानपीठिका स्कूल में रहा शानदार रिजल्ट- ज्ञानपीठिका स्कूल जीराबस्ती के छात्र छात्राओं ने भी सीबीएसई 12वीं बोर्ड में अपने शानदार प्रदर्शन दिया। विज्ञान वर्ग में अनिकेत तिवारी और अर्पिता राय ने 95.6 फ़ीसदी अंक पाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बायो वर्ग में एसके फैज़ीन ने 95.4 फ़ीसदी अंक पाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया और कॉमर्स वर्ग में प्रिया यादव ने 91.2 फ़ीसदी अंक पाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।

इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापकों में अपार उत्साह देखने को मिलाl विद्यालय का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा। 5. अंशु बने द होराइजन स्कूल के टॉपर- CBSE 12वीं बोर्ड के रिजल्ट में ‘द होराइजन स्कूल’ में विज्ञान वर्ग में अंशु तिवारी 95.4 % अंक पाकर स्कूल के टॉपर बने। रजत कुमार यादव ने 94.6% अंक पाकर दूसरे स्थान और अंकित यादव 91.6 पाकर तीसरा स्थान पर रहे। कामर्स के मेधावी श्रुति सिंह ने 95.2% अंक हासिल किए। स्कूल के प्रबंधक मनोज कुमार सिंह और प्रधानाचार्य यश सिंह ने बधाई दी और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं अपने रिजल्ट से छात्र भी काफी खुश नजर आए।

6. आरके मिशन में चैतन्य सिंह बने टॉपर- आरके मिशन स्कूल में वाणिज्य संकाय के चैतन्य सिंह 95 प्रतिशत अंक पाकर विद्यालय पर प्रथम स्थान पर रहे। वहीं विज्ञान वर्ग से अंकिता सिंह 94% और संजना यादव 94% अंक पाकर सफल रहे। इसी प्रकार शिक्षा मिश्रा 93.4%, अभिषेक यादव 93.5%, सजल गुप्ता 92% अंक प्राप्त किया। सभी सफल छात्र-छात्राओं को विद्यालय परिवार की तरफ से बधाई दी गई। 7. आदित्य बने दिल्ली पब्लिक स्कूल के टॉपर- सीबीएसई 12वीं में आदित्य सिंह गहलौत 93% अंक पाकर दिल्ली पब्लिक स्कूल में टॉपर बने।

वहीं अर्सलन अहमद 92 प्रतिशत, विनायक राज गुप्त 90.4 अंक पाकर विद्यालय में सफल रहे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय की तरफ से सम्मानित किया गया। स्कूल के टीचर्स से सभी छात्रों को बधाई दी। 8. फ़ीनिक्स इण्टरनेशनल स्कूल की कामना का कमाल- फ़ीनिक्स इण्टरनेशनल स्कूल, निमिया पोखरा, कटरिया के छात्र-छात्राओं नें भी 12वीं में अपने शानदार परिणामों से एक बार फिल लोहा मनवाया। कामना पाण्डेय ने 92 फीसदी अंक पाकर विद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।

वहीं माध्वी तिवारी ने 91 फीसदी अंक पाकर विद्यालय में दूसरा स्थान और 90 प्रतिशत अंक पाकर आरती सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सर्वोच्च 10 स्थान वालों बच्चों का प्रतिशत 82 प्रतिशत तक रहा है। वहीं सफल छात्रों को बधाई दी गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। 9. सेंट जेवियर्स स्कूल पिपरौली बेल्थरा रोड के टॉपर अनुज- सीबीएसई 12वीं बोर्ड के रिजल्ट में सेंट जेवियर्स स्कूल पिपरौली, बिल्थरारोड का परिणाम 98.8 प्रतिशत रहा।गणित वर्ग में 95.2 प्रतिशत अंकों के साथ अनुज मौर्य पहले स्थान पर रहें। 95 प्रतिशत अंकों के साथ सत्येंद्र शुक्ला दूसरे स्थान पर रहे।

जबकि 94.8 प्रतिशत अंकों के साथ नंदिनी दीप सिंह तीसरे स्थान पर रहीं जीव विज्ञान में शहरीश शम्स 93.2 प्रतिशत अंकों के साथ अपने वर्ग में पहले स्थान पर रहें। वहीं छात्रों को स्कूल के टीचर्स और प्रिंसिपल ने बधाई दी। 10. बेल्थरा रोड का न्यू सेंट्रल पब्लिक एकेडमी में नीतीश रहे अव्वल– सीबीएसई 12वीं कक्षा के परिणाम में बेल्थरा रोड स्थित न्यू सेंट्रल पब्लिक एकेडमी का परिणाम शत प्रतिशत रहा जिसमें प्रथम स्थान नीतीश कुमार यादव 94 % , द्वितीय स्थान श्रुति मिश्रा 93% और तृतीय स्थान ज्योति पांडे 90% ने प्राप्त किया। विद्यालय के प्रबंधक सतीश दुबे ने सभी सफल

अभ्यर्थी को अपनी और अपने विद्यालय परिवार की तरफ से उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। ऐसे तैयार किया गया रिजल्ट- 30:30:40 के फॉर्मूले पर बना रिजल्ट, 10वीं-11वीं के फाइनल रिजल्ट का 30% वेटेज 12वीं के प्री-बोर्ड एग्जाम का 40% वेटेज, रिजल्ट जारी होने के बाद कुछ छात्र संतुष्ट हैं तो कुछ अपने रिजल्ट से असंतुष्ट हैं। कोरोना की वजह से एग्जाम न करा कर नई स्कीम से रिजल्ट जारी किया है। इस साल स्टूडेंट्स को डिजीलॉकर के जरिए डिजिटल मार्कशीट दी जाएगी। डिजीलॉकर से मार्कशीट डाउनलोड करने के लिए इसे digilocker.gov.in से डाउनलोड करना होगा।

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आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश

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बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने भूमि आवंटन और आवासीय पट्टा वितरण में खराब प्रगति पर सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही लंबित राजस्व वादों के 15 दिनों के भीतर निस्तारण और 90 दिन से अधिक पुराने मामलों को मिशन मोड में खत्म करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडों की समीक्षा करते हुए आईजीआरएस, डिजिटल क्रॉप सर्वे, स्वामित्व योजना, अंश निर्धारण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, भूमि आवंटन, मत्स्य पट्टा, चकबंदी, बाढ़ प्रबंधन और अन्य राजस्व मामलों की प्रगति पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया।

उन्होंने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। स्वामित्व योजना के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 1,286 गांवों में सर्वे कार्य शेष रहने पर नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम को अभियान चलाकर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

आगामी बाढ़ को देखते हुए डीएम ने रेड जोन के गांवों की पहचान, नावों की उपलब्धता, मेडिकल कैंप, पशुओं के चारे, राहत सामग्री और कंट्रोल रूम की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 183 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए समुचित तैयारी रखने को भी कहा।

राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने धारा 24, 33, 34, 67 और 116 से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति जानी और निर्देश दिया कि सभी लंबित वादों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए। 90 दिन से अधिक पुराने मामलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्रवाई करने को कहा।

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सभी तहसीलों में 16 प्रकरण लंबित मिलने पर उन्होंने संबंधित लेखपालों और कानूनगो के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

भूमि आवंटन की समीक्षा में रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया तहसीलों में कृषि पट्टों का आवंटन नहीं होने पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं आवासीय पट्टा वितरण में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।

मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन में बांसडीह, बलिया सदर और बैरिया तहसीलों की खराब प्रगति पर संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं चकबंदी विभाग में 4,969 मुकदमे लंबित मिलने पर संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने और पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में अन्नपूर्णा भवनों के उद्घाटन, सस्ता गल्ला दुकानों के चयन, अवैध खनन पर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण, नदी कटान निरोधक कार्य, गंगा ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार, एसटीपी परियोजना तथा अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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धूप में पसीने से तरबतर एक डॉक्टर! बलिया को सुषमा शेखर जैसे नेताओं की ज़रूरत क्यों है?

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सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता भी बहुत हैं और सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले चेहरे भी। लेकिन कभी-कभी कुछ नज़ारे ऐसे सामने आते हैं जो राजनीति की पारंपरिक तस्वीर से बिल्कुल अलग दिखाई देते हैं। वे केवल एक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि एक संदेश बन जाते हैं। बलिया में पूर्व प्रधानमंत्री एवं जननायक चंद्रशेखर की जन्मशताब्दी वर्ष पर शुरू हुआ तीन दिवसीय फ्री मेडिकल कैंप ऐसा ही एक नज़ारा लेकर आया।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुत्रवधू, वरिष्ठ चिकित्सक एवं राज्यसभा सांसद नीरज शेखर की पत्नी डॉ. सुषमा शेखर के नेतृत्व में शुरू हुए इस स्वास्थ्य अभियान के पहले दिन एक हजार से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। वाराणसी और लखनऊ से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने निःशुल्क परामर्श दिया और दवाएं वितरित कीं। लेकिन इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी चर्चा डॉक्टरों की संख्या या मरीजों की भीड़ नहीं रही, बल्कि स्वयं डॉ. सुषमा शेखर की सक्रियता रही।

तेज धूप थी। उमस इतनी कि कुछ मिनट खड़ा रहना भी मुश्किल था। लेकिन डॉ. सुषमा शेखर लगातार मरीजों के बीच मौजूद रहीं। वे केवल मंच पर बैठी अतिथि नहीं थीं, बल्कि व्यवस्था संभाल रही थीं, मरीजों से बातचीत कर रही थीं, कई लोगों का स्वयं ब्लड प्रेशर (बीपी) जांच रही थीं, दवाइयों के वितरण पर नजर रख रही थीं और यह सुनिश्चित कर रही थीं कि कोई भी जरूरतमंद बिना इलाज के वापस न लौटे। उनके कपड़े पसीने से भीग चुके थे, लेकिन सेवा का उनका उत्साह कम नहीं हुआ।

शायद ही कभी ऐसा दृश्य देखने को मिलता हो कि देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार का कोई सदस्य स्वयं घंटों तक आम मरीजों के बीच खड़ा होकर स्वास्थ्य शिविर में इस तरह सक्रिय भूमिका निभा रहा हो। आमतौर पर बड़े राजनीतिक परिवारों के कार्यक्रम औपचारिकता तक सीमित दिखाई देते हैं, लेकिन यहां तस्वीर कुछ अलग थी। यहां सेवा केवल भाषण का विषय नहीं थी, बल्कि जमीन पर दिखाई दे रही थी।

यह भी उल्लेखनीय है कि डॉ. सुषमा शेखर केवल एक राजनीतिक परिवार का हिस्सा नहीं हैं। वे स्वयं एक वरिष्ठ चिकित्सक हैं। यही कारण है कि मरीजों के प्रति उनका व्यवहार किसी राजनीतिक औपचारिकता से अधिक एक डॉक्टर की संवेदनशीलता को दर्शाता है। चिकित्सा सेवा से जुड़े होने के कारण वे लोगों की जरूरतों को नजदीक से समझती हैं और शायद यही अनुभव इस पूरे अभियान में दिखाई दिया।

यह स्वास्थ्य शिविर केवल एक दिन का आयोजन नहीं है। 26 से 28 जून तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तीन दिनों तक यह अभियान चलेगा। हजारों लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क जांच, परामर्श और दवाओं का लाभ मिलेगा। यदि इस तरह के प्रयास नियमित रूप से होते रहें, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी काफी हद तक दूर की जा सकती है।

पिछले कुछ समय से फेफना विधानसभा क्षेत्र में डॉ. सुषमा शेखर की सक्रियता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी हो रही हैं। उन्हें संभावित दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। उम्मीदवार कौन होगा, इसका निर्णय राजनीतिक दल करते हैं, लेकिन लोकतंत्र में जनता का आकलन भी कम महत्वपूर्ण नहीं होता।

यदि राजनीति में ऐसे लोग आगे आएं जिनकी पहचान केवल भाषणों से नहीं बल्कि सेवा, शिक्षा और समाज के प्रति संवेदनशीलता से हो, तो निश्चित रूप से लोकतंत्र और मजबूत होगा। एक डॉक्टर जब जनप्रतिनिधि बनता है, तो वह केवल विकास योजनाओं की नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवीय जरूरतों की भाषा भी समझता है।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर हमेशा राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानते थे। उनकी जन्मशताब्दी वर्ष में आयोजित यह स्वास्थ्य अभियान उसी विचार की एक झलक देता है। किसी भी महान नेता को सच्ची श्रद्धांजलि केवल माल्यार्पण से नहीं, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारकर दी जाती है।

यह संपादकीय किसी राजनीतिक समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि एक सकारात्मक पहल की सराहना का प्रयास है। क्योंकि जब कोई व्यक्ति बिना किसी सरकारी पद के, धूप की परवाह किए बिना, हजारों मरीजों के बीच खड़ा होकर सेवा करता है, तो वह दृश्य उम्मीद जगाता है।

शायद राजनीति की सबसे बड़ी ताकत भी यही है जब सत्ता की इच्छा से पहले सेवा का संस्कार दिखाई दे। और यदि जनप्रतिनिधित्व की कसौटी सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण हो, तो ऐसे चेहरों पर समाज का ध्यान जाना स्वाभाविक है।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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