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CBSE 12वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी- देखिए बलिया के टॉप 10 स्कूल के टॉपर्स की लिस्ट
बलिया। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने शुक्रवार को 12वीं बोर्ड का रिजल्ट जारी कर दिया। स्टूडेंट्स ऑफिशियल वेबसाइट cbseresults.nic.in के जरिए अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इस साल परीक्षा में कुल 99.37 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए। बलिया में भी कई स्कूलों का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। सेंट जेवियर्स स्कूल में 97.8 हाईएस्ट रहा जबकि सिकंदपुर के कुंज सीनियर सेकंडरी स्कूल 96.6 प्रतिशत हाईएस्ट रहा। बलिया के टॉप 10 स्कूल के टॉपर-
1. सेंट जेवियर्स रोशनी ने दिखाया दम– सीबीएसई ने 12वीं परीक्षा के परिणाम जारी कर दिए हैं।
सेंट जेवियर्स स्कूल के 24 छात्र—छात्राओं ने विभिन्न विषयों में टॉप किया है। जिसमें पीसीएम रोशनी दूबे 97.8 प्रतिशत एक साथ पहले स्थान पर रहीं। कार्मस में श्रृति सिंह ने 97.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसी प्रकार पीसीबी में हिमांशु शेखर पांडेय ने 95.8 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं आर्ट विषय में मुहसन अली 96.2 प्रतिशत बना पाए। सभी छात्रों ने स्कूल का नाम रोशन किया।प्रधानाचार्या शुभ्रा अपूर्वा ने कहा कि कोशिश करने वाले, हार नहीं मानने वाले और मेहनत के साथ पढऩे वालें ही टापर बनते है। उन्होंने सभी सफल छात्रों को अपनी शुभकामनाएं दी।
2. सिकंदपुर में सत्यम और आयुषि बनी सिकंदर- सिकन्दरपुर क्षेत्र स्थित ज्ञान कुंज सीनियर सेकेन्डरी बंशीबाजार स्कूल के छात्रों ने सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में अपना परचम लहराया। गणित वर्ग के सत्यम कुशवाहा ने 95.8 प्रतिशत अंक पाकर तृतीय स्थान रहे, वहीं आयुषि सिंह जीव विज्ञान वर्ग में 96.2 प्रतिशत् अंक पाकर विद्यालय में द्वितीय रही, साथ ही मानविकी वर्ग में अनन्या गौरव 96.6 अंक पाकर प्रथम स्थान रही है। वाणिज्य वर्ग में प्रथम शॉ स्नेहा 95.8 प्रतिशत द्वितीय स्थान अमीषा गिरि 95.2 प्रतिशत, तृतीय श्रेयांशी यादव 93 प्रतिशत् पाकर रही।
जीवविज्ञान वर्ग में आयुषि सिंह 96.2 प्रतिशत द्वितीय स्थान, आर्या विशेंन और डिंपल वर्मा 95.2 प्रतिशत तृतीय निहारिका सिंह 93 प्रतिशत पाकर रहीं। 3. सनबीम स्कूल में अंशू ने मारी बाजी- CBSE 12वीं के परीक्षा में सनबीम स्कूल का रिजल्ट शत-प्रतिशत रहा। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने CBSE 12वीं के परीक्षा में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्कूल का परचम जनपद में लहराया। अंशु यादव PCB 94.8% पाकर प्रथम, और आशुतोष सिंह PCM और जैमिनी मिश्रा 94.6% अंको के साथ द्वितीय स्थान पर रहे, इसी क्रम में रक्षा सिंह आर्ट्स 94.4% पाकर तीसरे स्थान पर रहीं।
इस अवसर पर प्रधानाचार्या सीमा ने समस्त छात्र-छात्राओं को बधाई दी। और स्कूल के टीचर्स ने भी छात्रों को अपनी शुभकामनाएं दी। वहीं छात्रों में भी काफी खुश हुए। 4. ज्ञानपीठिका स्कूल में रहा शानदार रिजल्ट- ज्ञानपीठिका स्कूल जीराबस्ती के छात्र छात्राओं ने भी सीबीएसई 12वीं बोर्ड में अपने शानदार प्रदर्शन दिया। विज्ञान वर्ग में अनिकेत तिवारी और अर्पिता राय ने 95.6 फ़ीसदी अंक पाकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। बायो वर्ग में एसके फैज़ीन ने 95.4 फ़ीसदी अंक पाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया और कॉमर्स वर्ग में प्रिया यादव ने 91.2 फ़ीसदी अंक पाकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापकों में अपार उत्साह देखने को मिलाl विद्यालय का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा। 5. अंशु बने द होराइजन स्कूल के टॉपर- CBSE 12वीं बोर्ड के रिजल्ट में ‘द होराइजन स्कूल’ में विज्ञान वर्ग में अंशु तिवारी 95.4 % अंक पाकर स्कूल के टॉपर बने। रजत कुमार यादव ने 94.6% अंक पाकर दूसरे स्थान और अंकित यादव 91.6 पाकर तीसरा स्थान पर रहे। कामर्स के मेधावी श्रुति सिंह ने 95.2% अंक हासिल किए। स्कूल के प्रबंधक मनोज कुमार सिंह और प्रधानाचार्य यश सिंह ने बधाई दी और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं अपने रिजल्ट से छात्र भी काफी खुश नजर आए।
6. आरके मिशन में चैतन्य सिंह बने टॉपर- आरके मिशन स्कूल में वाणिज्य संकाय के चैतन्य सिंह 95 प्रतिशत अंक पाकर विद्यालय पर प्रथम स्थान पर रहे। वहीं विज्ञान वर्ग से अंकिता सिंह 94% और संजना यादव 94% अंक पाकर सफल रहे। इसी प्रकार शिक्षा मिश्रा 93.4%, अभिषेक यादव 93.5%, सजल गुप्ता 92% अंक प्राप्त किया। सभी सफल छात्र-छात्राओं को विद्यालय परिवार की तरफ से बधाई दी गई। 7. आदित्य बने दिल्ली पब्लिक स्कूल के टॉपर- सीबीएसई 12वीं में आदित्य सिंह गहलौत 93% अंक पाकर दिल्ली पब्लिक स्कूल में टॉपर बने।
वहीं अर्सलन अहमद 92 प्रतिशत, विनायक राज गुप्त 90.4 अंक पाकर विद्यालय में सफल रहे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय की तरफ से सम्मानित किया गया। स्कूल के टीचर्स से सभी छात्रों को बधाई दी। 8. फ़ीनिक्स इण्टरनेशनल स्कूल की कामना का कमाल- फ़ीनिक्स इण्टरनेशनल स्कूल, निमिया पोखरा, कटरिया के छात्र-छात्राओं नें भी 12वीं में अपने शानदार परिणामों से एक बार फिल लोहा मनवाया। कामना पाण्डेय ने 92 फीसदी अंक पाकर विद्यालय में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
वहीं माध्वी तिवारी ने 91 फीसदी अंक पाकर विद्यालय में दूसरा स्थान और 90 प्रतिशत अंक पाकर आरती सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सर्वोच्च 10 स्थान वालों बच्चों का प्रतिशत 82 प्रतिशत तक रहा है। वहीं सफल छात्रों को बधाई दी गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। 9. सेंट जेवियर्स स्कूल पिपरौली बेल्थरा रोड के टॉपर अनुज- सीबीएसई 12वीं बोर्ड के रिजल्ट में सेंट जेवियर्स स्कूल पिपरौली, बिल्थरारोड का परिणाम 98.8 प्रतिशत रहा।गणित वर्ग में 95.2 प्रतिशत अंकों के साथ अनुज मौर्य पहले स्थान पर रहें। 95 प्रतिशत अंकों के साथ सत्येंद्र शुक्ला दूसरे स्थान पर रहे।
जबकि 94.8 प्रतिशत अंकों के साथ नंदिनी दीप सिंह तीसरे स्थान पर रहीं जीव विज्ञान में शहरीश शम्स 93.2 प्रतिशत अंकों के साथ अपने वर्ग में पहले स्थान पर रहें। वहीं छात्रों को स्कूल के टीचर्स और प्रिंसिपल ने बधाई दी। 10. बेल्थरा रोड का न्यू सेंट्रल पब्लिक एकेडमी में नीतीश रहे अव्वल– सीबीएसई 12वीं कक्षा के परिणाम में बेल्थरा रोड स्थित न्यू सेंट्रल पब्लिक एकेडमी का परिणाम शत प्रतिशत रहा जिसमें प्रथम स्थान नीतीश कुमार यादव 94 % , द्वितीय स्थान श्रुति मिश्रा 93% और तृतीय स्थान ज्योति पांडे 90% ने प्राप्त किया। विद्यालय के प्रबंधक सतीश दुबे ने सभी सफल
अभ्यर्थी को अपनी और अपने विद्यालय परिवार की तरफ से उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। ऐसे तैयार किया गया रिजल्ट- 30:30:40 के फॉर्मूले पर बना रिजल्ट, 10वीं-11वीं के फाइनल रिजल्ट का 30% वेटेज 12वीं के प्री-बोर्ड एग्जाम का 40% वेटेज, रिजल्ट जारी होने के बाद कुछ छात्र संतुष्ट हैं तो कुछ अपने रिजल्ट से असंतुष्ट हैं। कोरोना की वजह से एग्जाम न करा कर नई स्कीम से रिजल्ट जारी किया है। इस साल स्टूडेंट्स को डिजीलॉकर के जरिए डिजिटल मार्कशीट दी जाएगी। डिजीलॉकर से मार्कशीट डाउनलोड करने के लिए इसे digilocker.gov.in से डाउनलोड करना होगा।
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सिकंदरपुर की सियासत में नया चेहरा, कौन हैं संजीव कुमार तिवारी? बिजनेस से राजनीति तक कैसे पहुंचा सफर?
बलिया। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में अब नए चेहरों की सक्रियता दिखाई देने लगी है। इसी बीच बिजनेस की दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाले संजीव कुमार तिवारी का नाम भी चर्चा में है। कारोबारी पृष्ठभूमि से आने वाले संजीव कुमार तिवारी अब राजनीति के जरिए क्षेत्र की समस्याओं को उठाने और विकास की नई सोच के साथ आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं।
राजनीति में आने की प्रेरणा कहां से मिली? बिजनेस से राजनीति तक आने का विचार कैसे बना? सिकंदरपुर विधानसभा को ही राजनीतिक कर्मभूमि बनाने के पीछे क्या वजह है? इन सवालों के साथ संजीव कुमार तिवारी अपने राजनीतिक सफर और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर बात करते हैं।
सिकंदरपुर की समस्याओं को लेकर उनकी प्राथमिकताओं में बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के लिए बेहतर अवसर जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। उनका मानना है कि क्षेत्र के विकास के लिए केवल सड़क और भवन निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी विकास के केंद्र में रखना होगा।
बेरोजगारी और पलायन पर क्या है प्लान?
सिकंदरपुर समेत पूर्वांचल के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवाओं का रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। संजीव कुमार तिवारी का कहना है कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उनका जोर युवाओं को कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर क्या सोच?
संजीव कुमार तिवारी क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर देते हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। विधायक बनने की स्थिति में इन दोनों क्षेत्रों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात वह कहते हैं।
क्या पुराने नेताओं से क्षेत्र के साथ न्याय नहीं हुआ?
राजनीति में नए चेहरे के तौर पर सामने आ रहे संजीव कुमार तिवारी से जब यह सवाल पूछा जाता है कि क्या अब तक के जनप्रतिनिधि क्षेत्र के साथ न्याय नहीं कर पाए, तो उनका फोकस आरोप लगाने के बजाय भविष्य की राजनीति पर दिखाई देता है। उनका कहना है कि जनता अब सिर्फ वादे नहीं, बल्कि काम का स्पष्ट रोडमैप चाहती है।
विधायक बने तो पहले 100 दिन में क्या करेंगे?
संजीव कुमार तिवारी के सामने सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यही है कि अगर उन्हें जनता का समर्थन मिलता है तो सत्ता संभालने के शुरुआती 100 दिनों में उनकी प्राथमिकता क्या होगी। उनका कहना है कि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं की पहचान, विभागवार समीक्षा और जनता से सीधे संवाद के जरिए प्राथमिकता तय की जाएगी।
क्या होगा विकास मॉडल?
संजीव कुमार तिवारी अपने विकास मॉडल को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, किसानों की समस्याओं और युवाओं के अवसरों से जोड़कर देखते हैं। उनका कहना है कि सिकंदरपुर का विकास किसी एक वर्ग या इलाके तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विधानसभा के हर गांव और हर तबके तक विकास की पहुंच होनी चाहिए।
क्या चुनाव पैसे और जाति से जीते जाते हैं?
राजनीति में सबसे कठिन सवालों में से एक चुनाव में पैसे और जातीय समीकरण की भूमिका को लेकर भी है। संजीव कुमार तिवारी का मानना है कि चुनाव में जातीय और आर्थिक समीकरण अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन अंततः जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है। वह विकास और साफ छवि को अपनी राजनीतिक पूंजी के तौर पर पेश करते हैं।
जीतने के बाद बदल जाएंगे?
नए राजनीतिक चेहरे के सामने जनता का एक बड़ा सवाल यह भी होता है कि चुनाव से पहले किए गए वादे सत्ता में आने के बाद कितने पूरे होंगे। संजीव कुमार तिवारी का कहना है कि राजनीति में आने का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता के बीच लगातार उपलब्ध रहना और अपने काम का हिसाब देना होना चाहिए।
राजनीतिक अनुभव नहीं, फिर भरोसा क्यों?
बिना लंबे राजनीतिक अनुभव के चुनावी मैदान में उतरने को लेकर भी संजीव कुमार तिवारी से सवाल उठता है। उनका जवाब है कि राजनीति में अनुभव महत्वपूर्ण है, लेकिन जनता की समस्याओं को समझने की इच्छा, ईमानदारी और काम करने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है। उनका दावा है कि कारोबारी जीवन से मिले अनुभव को वह क्षेत्र के विकास में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
टिकट नहीं मिला तो क्या करेंगे?
संजीव कुमार तिवारी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का एक और अहम सवाल टिकट को लेकर है। यदि उन्हें टिकट नहीं मिलता है तो उनकी अगली रणनीति क्या होगी? इस सवाल का जवाब ही यह तय करेगा कि उनकी राजनीति केवल चुनाव तक सीमित है या वह लंबे समय के लिए सक्रिय राजनीति में उतर चुके हैं।
क्या बलिया सदर पर भी नजर?
सिकंदरपुर से दावेदारी के बीच बलिया सदर सीट को लेकर भी उनसे सवाल किया गया। हालांकि उनकी मौजूदा राजनीतिक सक्रियता का केंद्र सिकंदरपुर दिखाई देता है, लेकिन भविष्य में राजनीतिक परिस्थितियां किस दिशा में जाती हैं, इस पर भी नजर रहेगी।
मौजूदा विधायक के काम को कैसे देखते हैं?
मौजूदा विधायक के काम को लेकर संजीव कुमार तिवारी का आकलन भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका कहना है कि जनता को जनप्रतिनिधि के काम का मूल्यांकन विकास और उपलब्धियों के आधार पर करना चाहिए। आने वाले चुनाव में जनता के सामने अपने-अपने काम और विजन के साथ विकल्प होंगे।
परिवार का कितना मिला साथ?
राजनीति में कदम रखने के फैसले में परिवार की भूमिका को भी संजीव कुमार तिवारी महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन आसान नहीं होता और परिवार का सहयोग राजनीतिक सफर को मजबूती देता है।
राजनीति में आने के बाद क्या बदला?
बिजनेस से राजनीति में आने के बाद संजीव कुमार तिवारी के लिए सबसे बड़ा बदलाव लोगों के बीच लगातार रहना और उनकी समस्याओं को करीब से समझना रहा है। अब उनका कहना है कि राजनीति उनके लिए केवल पद हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्र के लिए काम करने का जरिया है।
युवाओं के नाम संदेश
युवाओं को लेकर संजीव कुमार तिवारी का संदेश है कि युवा राजनीति और समाज से दूरी बनाने के बजाय अपनी जिम्मेदारी समझें और बदलाव की प्रक्रिया का हिस्सा बनें। उनका मानना है कि क्षेत्र के भविष्य का सबसे बड़ा आधार युवा शक्ति है।
एक लाइन में क्यों जीतेंगे?
जब उनसे पूछा गया कि आखिर जनता उन्हें ही क्यों चुने, तो उनका जवाब विकास, बदलाव और जनता से सीधे जुड़ाव के इर्द-गिर्द है। संजीव कुमार तिवारी खुद को एक ऐसे नए राजनीतिक विकल्प के तौर पर पेश कर रहे हैं, जो बिजनेस की दुनिया से निकलकर अब सिकंदरपुर की राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि संजीव कुमार तिवारी की यह राजनीतिक पारी कितनी लंबी चलती है और सिकंदरपुर की जनता उनके विजन और दावेदारी को किस नजर से देखती है।
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मेजर ध्यानचंद जयंती पर जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खेल सप्ताह का आगाज, कबड्डी में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
चितबड़ागांव (बलिया)। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में 29 अगस्त से खेल-कूद सप्ताह का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन के तहत विद्यालय के चारों हाउस—रेड, ग्रीन, ब्लू और येलो—के बालक एवं बालिका वर्ग के बीच कबड्डी प्रतियोगिता कराई गई।
बालिका वर्ग में ग्रीन हाउस ने रेड हाउस को 12-10 के रोमांचक मुकाबले में हराया, जबकि येलो हाउस ने ब्लू हाउस को 20-15 से शिकस्त दी। बालिका वर्ग का खिताबी मुकाबला अगले दिन खेला जाएगा।
वहीं, बालक वर्ग में ब्लू हाउस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए येलो हाउस को 15-8 के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने जोश, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन अनुशासन, समर्पण और देशप्रेम की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल हार-जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण और टीम भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद भी बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा को निखरने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान इंचार्ज अरविंद चौबे, इंचार्ज नीतू मिश्रा और हैंडबॉल प्रशिक्षक मनोज कुमार पाण्डेय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर धर्मात्मा नंद ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं ध्वजारोहण के साथ किया।

ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। बच्चों ने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रतीकात्मक रूप धारण कर उनके त्याग, संघर्ष और देशभक्ति की गाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नंदिनी मिश्रा की मधुर आवाज में प्रस्तुत गीत ‘चिट्ठी आई है’ से हुई। उनकी प्रस्तुति ने मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद ‘जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया’ और ‘भारत की जान है तिरंगा’ जैसे देशभक्ति गीतों ने पूरे विद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।
कक्षा 11 के शारीरिक शिक्षा के विद्यार्थियों ने योग के विभिन्न आसनों का शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं प्री-प्राइमरी एवं प्राइमरी के बच्चों ने ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में देशभक्ति के रंग भर दिए। कक्षा 8 की छात्राओं द्वारा पारंपरिक कजरी गीत पर प्रस्तुत नृत्य कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक तुषार नंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है। उन्होंने बच्चों से अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्य अतिथि, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सीनियर कोऑर्डिनेटर अरविंद चौबे, जूनियर कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों के बीच मिष्ठान का वितरण किया गया।


