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Ballia- थाने में जमा कराने होंगे शस्त्र, नहीं तो होगी कार्यवाही, इस क्षेत्र में इतने लाइसेंस धारी

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बलियाः आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। चुनाव में किसी भी तरह का माहौल न बिगड़े इसलिए शस्त्र जमा करवाने की प्रकिया शुरु कर दी गई है। इसके तहत जनपद के सभी लाइसेंसधारी बंदूकधारियों को अपने असलहे क्षेत्रीय थाने में जमा कराने होंगे।  लाइसेंस मालिकों को खुद थाने में जाकर अपने असलहे जमा करने होंगे। इसके अलावा आयुध की दुकानों पर भी शस्त्र जमा करवा सकेंगे। आदेश के बाद भी अगर कोई असलहे जमा नहीं कराता तो उनके ऊपर पुलिसिया कार्यवाही की जाएगी।

हालांकि सुरक्षा गार्ड और अपराध पीड़ितों को इसमें रियायत का प्रावधान है। शासन का मानना है कि कुछ लोगों को सुरक्षा की सख्त जरूरत है। इसको देखते हुए उन्हें चुनाव के दौरान अपने पास असलहा रखने की छूट दी जाएगी। इसके लिए डीएम को प्रार्थना पत्र देना होगा। जिलाधिकारी की संस्तुति के बाद ही संबंधित व्यक्ति अपने पास लाइसेंसी असलहा रख सकता है। हालांकि इसके गलत इस्तेमाल पर लाइसेंस निरस्त भी किया जा सकता है।

बता दें कि जिले में लगभग 9000 लोगों के पास असलहा लाइसेंस है। इसमें बंदूक, राइफल व रिवाल्वर-पिस्टल के लाइसेंस दिए गए हैं। थानावार असलहों का सूची पहले ही तैयार कर इसे थानों को भेजी जा चुकी है। पुलिस की ओर से इस पर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अभी तक 40235 असलहे जमा कराए जा चुके हैं।  सर्वाधिक लाइसेंस की बात करें तो  कोतवाली नगर में 2094 असलहों के लाइसेंस हैं जबकि सबसे कम दोकटी थानाक्षेत्र में 146 लाइसेंस हैं। इससे अधिक दोकटी में 146 और खेजुरी थाना क्षेत्र में 154 लाइसेंस जारी किए गए है।
पकड़ी थाना क्षेत्र में 171, बैरिया में 517, बांसडीह रोड में 484 तो वहीं बांसडीह में 281 असलहों के लाइसेंस हैं। वहीं दुबहर में 218, हल्दी में 445, भीमपुरा थाना क्षेत्र में 230 लाइसेंस हैं। इसके अलावा चितबड़ागांव थाना क्षेत्र में 186, मनियर में 240 , नगरा में 309, गड़वार में 373,  सहतवार में 233 नरही में 269, फेफना में 356, रसड़ा में 586 , रेवतीथानाक्षेत्र में 231, और सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में 254 लाइसेंस धारी हैं।

एएसपी विजय त्रिपाठी ने जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान विशेष परिस्थितियों में असलहा रखने की छूट मिलेगी। इसके लिए उन्हें प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराना होगा। जांच के लिए स्क्रीनिंग कमेटी गठित हैं। कुल 9702 लाइसेंस जमा कराने हैं। इसमें 4235 जमा कराए जा चुके हैं। एक सप्ताह का समय जमा कराने के लिए दिया गया है।

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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन

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भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।

ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।

इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।

अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।

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बलिया

बलिया में रोजगार का सुनहरा अवसर: 23 जून को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला

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बलिया। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला सेवायोजन कार्यालय, बलिया द्वारा 23 जून 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला सतनी सराय स्थित तारा निवास गली, भृगु आश्रम के पास स्थित जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में आयोजित होगा।

मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी विजन इंडिया ग्लोबल एल्यूमिनियम द्वारा अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस पद के लिए 10वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को ₹17,500 प्रतिमाह तक का वेतन प्रदान किया जाएगा।

कंपनी द्वारा निर्धारित आयु सीमा 18 से 28 वर्ष रखी गई है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का कार्यस्थल हैदराबाद (तेलंगाना) होगा। अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के माध्यम से उनकी योग्यता एवं क्षमता के आधार पर किया जाएगा।

जिला सेवायोजन कार्यालय ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले सभी अभ्यर्थियों का रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कैंपस चयन की पूरी प्रक्रिया रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।

जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होने की अपील की है।

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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?

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बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।

इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।

लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।

अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)

 

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