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बलिया: नदी में डूबे 2 व्यापारी 48 घंटे बाद भी लापता, फेफना पुलिस की डूब गई साख!
“तमसा नदी में 6 लोग डूबे। इनमें से 4 तो बाहर आ गए। लेकिन बाकी दो को तैरना नहीं आता है। दोनों नदी में ही गायब हो गए हैं। पुलिस गंभीरता से तलाश नहीं कर रही है। हमें आश्वासन दिया गया कि वाराणसी से NDRF की एक टीम आएगी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए। लेकिन टीम नहीं आई है। नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। बताइए अगर जल्दी दोनों को नहीं ढूंढा गया तो धारा के साथ दोनों कहीं और बह कर चले जाएंगे। तब क्या होगा?” भारी आवाज और रूंधे हुए गले के साथ तमसा नदी में लापता माया यादव के रिश्तेदार लक्ष्मण यादव ये बात कहते हैं और मदद की गुहार लगाते हुए चुप हो जाते हैं।
बलिया का फेफना थाना पिछले दिनों की चर्चा का केंद्र बना हुआ था। वजह ये थी कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सीक्रेट रिपोर्ट में फेफना का नाम सामने आया था। रिपोर्ट के मुताबिक फेफना सबसे ख़राब परफॉर्मेंस वाले 10 थानों में शामिल है। इस रिपोर्ट पर अब फेफना पुलिस की एक लापरवाही मुहर भी लगा रही है। तमसा नदी में एक नाव पलट जाने से 6 लोग डूब गए। इनमें 2 लोग अब तक 48 घंटे बीत जाने के बाद भी लापता हैं। आरोप है कि दोनों की तलाश में पुलिस महज खानापूर्ति कर रही है।
नदी में डूबने के बाद लापता हुए दोनों शख्स व्यापारी हैं। इनके परिजनों ने फेफना थाने में तहरीर दी है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई करने की बात कह रही है। लेकिन परिजनों का कहना है कि पुलिस पूरी गंभीरता के साथ खोजबीन नहीं कर रही है।

पुलिस को दी गई तहरीर
क्या है पूरा मामला:
दिन रविवार, तारीख 21 अगस्त यानी कल दोपहर 6 लोग एक छोटी नाव पर सवार होकर तमसा नदी (टोंस नदी) में जा रहे थे। मुन्ना यादव नाम का शख्स नाव चला रहा था। नाव पर सवार थे दरामपुर गांव के दिलीप पासवान, अशोक यादव, धरिक्षन, बांसडीह के रघुनाथ यादव और घसौती गड़वार के माया शंकर यादव। ये सभी लोग दीयर के इलाके में जा रहे थे। रघुनाथ यादव और माया शंकर यादव गाय का बछड़ा खरीदने के लिए उसे देखने जा रहे थे।
बारिश की वजह से तमसा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। तभी ये 6 लोग नाव से बीच नदी तक पहुंचते है। तेज हवा चल रही थी। नाव पलट जाती है। सभी 6 लोग नदी में डूब गए। लेकिन इनमें से 4 लोग नदी से निकलने में कामयाब हो गए। लेकिन दोनों व्यापारी माया शंकर यादव और रघुनाथ यादव नदी से नहीं निकल पाए। दोनों के परिजनों का कहना है कि दोनों नदी में गायब हो गए हैं।
नदी में नाव पलटने की बात जैसे ही गांव में फैली हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। दीयर के इलाके में 2 चरवाहों ने पुलिस को बताया कि “नाव हमारे सामने ही पलटी थी। जिसके बाद हमने 2 लोगों को नदी के इस पार और 2 लोगों को दीयर की ओर निकलते देखा।”
टोंस नदी में डूबे पशु व्यापारी की बाइक किनारे पर लावारिश हालत में पड़ी मिली, जिस पे सवार होकर दोनों पहुंचे थे घाट
क्या बोले परिजन:
बलिया ख़बर के साथ बातचीत में लापता व्यापारी माया शंकर यादव के रिश्तेदार लक्ष्मण यादव ने कहा कि “माया और रघुनाथ यादव नदी में डूबने के बाद से लापता हैं। दोनों नदी में ही गायब हैं। पुलिस ने हमें आश्वासन दिया था कि शाम तक वाराणसी से NDRF की एक टीम आएगी। जो नदीं में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएगी। लेकिन कोई टीम अब तक नहीं आई है।” वहीं नाव घटना में बचे चार चरवाहों ने पुलिस पर गलत बयान देने के लिए फर्जी मुकदमा में फंसाने की धमकी देने का आरोप लगाया।
सवाल है कि जब परिजनों को आशंका है कि माया यादव और रघुनाथ यादव नदी में ही गायब हैं तब पुलिस पूरी गंभीरता से रेस्क्यू ऑपरेशन क्यों नहीं चला रही है? जैसा लक्ष्मण यादव ने बताया कि NDRF की वाराणसी युनिट से एक टीम के आने का आश्वासन मिला था। तब टीम अब तक बलिया क्यों नहीं पहुंची?
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बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में सफलता का जश्न, छात्रों ने रचा इतिहास
सीबीएसई कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया।
गुरुवार की सुबह विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दर्जनों विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद जी एवं प्राचार्य अजीत कुमार सिंह ने मेधावी छात्रों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मिष्ठान खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
परीक्षा परिणाम में चैतन्य कुमार ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। अर्पित मिश्रा ने 94.6 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सजल शेखर तिवारी 92 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे।
इसके अलावा अविरल तिवारी, रोहन गिरी, शिवराज चौहान, अनन्या सिंह, आस्था गुप्ता, अंशुमान सिंह, शिवम सिंह, भूमि सिंह एवं प्रिया मौर्य सहित कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चैतन्य कुमार के पिता अनिल कुमार (प्रधानाचार्य, जूनियर हाई स्कूल नरही) तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सजल शेखर तिवारी के पिता देवेश तिवारी को भी विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।
विद्यालय परिवार ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो पाई है।
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बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’
बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच “नव आरंभ विदाई समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। बीए चतुर्थ व एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अपने सीनियर्स (बीए VI व एमए IV सेमेस्टर) को यादगार विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि० तुषारनंद ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

प्राचार्य डॉ० अंगद प्रसाद गुप्त ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं सीनियर छात्रों ने गुरुजनों को अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, भजन और कविता ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए सफर के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा देते हैं।

समारोह में महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि संचालन बृजेश गुप्ता, अंकिता और सलोनी ने संयुक्त रूप से किया।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।


