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बलिया: डीएम ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया गंगा में मिले शव, लेकिन संख्या पर सभी अधिकारियों ने साध ली चुप्पी
बलिया । बक्सर में 10 मई को 60 से अधिक शवों के मिलने पर मचे हड़कंप के बाद अब बलिया डीएम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की है। डीएम के द्वारा जारी इस विज्ञप्ति में बताया गया है कि बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर मिले कुछ क्षत-विक्षत शवों की जांच उपजिलाधिकारी बलिया और क्षेत्राधिकारी सदर के द्वारा की गई। साथ ही यह भी कहा गया है कि उक्त शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
बलिया प्रशासन का क्या कहना है
बलिया जिलाधिकारी की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 10 मई को बलिया-बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर कुछ शव मिले, जिनकी जांच उपजिलाधिकारी बलिया तथा क्षेत्राधिकारी सदर के द्वारा की गई और इनका अंतिम संस्कार करा दिया गया। प्रशासन के द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में शवों की संख्या का जिक्र नहीं हैं। इस की जानकारी के लिए हमने सीओ सदर और एसडीएम बलिया से बात की।
बलिया खबर से बातचीत में एसडीएम ने इस विषय पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘डीएम की तरफ से जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति को ही समझिए या उनसे ही बात कीजिए।’
उक्त मामले में किस जगह पर शव मिले हैं इसकी जानकारी देने से भी इंकार करते हुए एसडीएम ने कहा, ‘इस पर जिलाधिकारी के अलावा कोई बोलने के लिए अधिकृत नहीं है। जिलाधिकारी ने जो बोला है आप उसे ही स्वीकार्य करिये।’
उपरोक्त मामले में नरहीं थानाध्यक्ष ने भी शवों की संख्या पर कोई जानकारी देने में असमर्थता जताई। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति से ही जानकारी लेने को कहा।
कमो बेस यही जवाब सीओ सदर का भी रहा। उन्होंने भी शवों की संख्या और किस जगह पर शव मिले हैं इन बातों की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति से लेने को कहा।
प्रेस विज्ञप्ति में क्या लिखा है?
बलिया डीएम की तरफ से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘जनपद बलिया की तहसील सदर के थाना नरही क्षेत्रान्तर्गत बलिया-बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर दिनांक 10.05.2021 की शाम को कुछ दिन पुराने क्षत-विक्षत कुछ अज्ञात शव देखे गये, जिसकी जांच उपजिलाधिकारी बलिया तथा क्षेत्राधिकारी सदर के द्वारा की गयी। सभी शवों का उचित तरीके से गंगा नदी के तट पर ही पुलिस एवं प्रशासन की उपस्थिति में अन्तिम संस्कार करा दिया गया। उक्त शवों के आने के स्त्रोत की जांच की जा रही है।’
शवों की संख्या की जानकारी लेने के लिए हमने बलिया डीएम से बात करने की कोशिश की। डीएम के आधिकारिक सीयूजी नंबर पर हमारी बात जिलाधिकारी के स्टेनो से हुई। उन्होंने डीएम से बात कराने में असमर्थता जताई। हमने शवों की संख्या की जानकारी मांगी तो उन्होंने कहा, ‘जो हमको बताया गया हम वो टाइप किए इसकी जांच चल रही है कि कितने शव हैं, आप लगा लीजिए 25 से तो ऊपर हैं’
इसके बाद स्टोने ने कहा कि वह पूछ कर बता रहे हैं कितने शव थे। इसके बाद हमने लगातार बात करने की कोशिश की लेकिन दोबारा उस नंबर पर सपर्क नहीं हो सका। लगातार घंटी बजी और फोन नहीं उठा। खबर लिखे जाने तक ना ही फोन उठा और ना ही जिलाधिकारी कार्यालय की तरफ से कोई रिस्पांस आया।
बक्सर प्रशासन का क्या कहना है
वहीं खबर थी कि 10 मई को बक्सर के चौसा घाट के पास मिले शवों का अंतिम संस्कार बक्सर प्रशासन ने करा दिया है। बलिया खबर ने बक्सर सीएस से जब इस बारे में बात की तो उन्होंने बताया कि बक्सर प्रशासन ने कुल 71 शवों का अंतिम संस्कार करवाया है। उन्होंने कहा, ‘बक्सर प्रशासन ने कुल 71 शवों का पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार कराया है। इनका कोविड टेस्ट नहीं हुआ क्योंकि वह प्रोटोकॉल में नहीं था’
अब सवाल है कि जब बलिया जिलाधिकारी के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है तो उनकी संख्या क्यों नहीं बताई जा रही है? कमाल ही है कि इसकी जानकारी किसी अन्य अधिकारी को भी नहीं है। खबर समाप्त हुई।
रिपोर्ट- शाश्वत उपाध्याय
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बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में सफलता का जश्न, छात्रों ने रचा इतिहास
सीबीएसई कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया।
गुरुवार की सुबह विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दर्जनों विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद जी एवं प्राचार्य अजीत कुमार सिंह ने मेधावी छात्रों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मिष्ठान खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
परीक्षा परिणाम में चैतन्य कुमार ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। अर्पित मिश्रा ने 94.6 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सजल शेखर तिवारी 92 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे।
इसके अलावा अविरल तिवारी, रोहन गिरी, शिवराज चौहान, अनन्या सिंह, आस्था गुप्ता, अंशुमान सिंह, शिवम सिंह, भूमि सिंह एवं प्रिया मौर्य सहित कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चैतन्य कुमार के पिता अनिल कुमार (प्रधानाचार्य, जूनियर हाई स्कूल नरही) तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सजल शेखर तिवारी के पिता देवेश तिवारी को भी विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।
विद्यालय परिवार ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो पाई है।
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बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’
बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच “नव आरंभ विदाई समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। बीए चतुर्थ व एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अपने सीनियर्स (बीए VI व एमए IV सेमेस्टर) को यादगार विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि० तुषारनंद ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

प्राचार्य डॉ० अंगद प्रसाद गुप्त ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं सीनियर छात्रों ने गुरुजनों को अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, भजन और कविता ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए सफर के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा देते हैं।

समारोह में महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि संचालन बृजेश गुप्ता, अंकिता और सलोनी ने संयुक्त रूप से किया।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।


