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बलिया : MP-MLAs की अधिकारियों के साथ बैठक, सिकंदरपुर और बेल्थरा में कोविड अस्पताल खोलने को दिए सुझाव
बलिया: खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने सांसद रविंद्र कुशवाहा व विधायक गण की मौजूदगी में प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर कोविड तैयारियों को और बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार सुविधाओं को बेहतर बनाने का लगातार प्रयास कर रही है।
स्थानीय स्तर से उस पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि किसी स्तर पर कहीं लापरवाही नही होने पाए। बैठक में मण्डलायुक्त विजय विश्वास पंत व जिलाधिकारी अदिति सिंह भी थीं। वेंटीलेटर के बावत मंत्री के पूछने पर सीएमओ ने बताया कि शुक्रवार से 11वेंटीलेटर चालू हो गए हैं, जबकि जिला अस्प्ताल में आक्सीजन जनरेटर को इंस्टाल करने के लिए इंजीनियर आने वाले हैं। वह भी एकाध दिन में चालू हो जाएगा।
मंत्री संग अन्य जनप्रतिनिधिनियों ने बसंतपुर व फेफना की तरह सिकंदरपुर व बेल्थरारोड में भी एक—एक कोविड अस्पताल खोलने का सुझाव दिया। मंत्री श्री तिवारी ने कहा कि अगर स्टाफ की कमी हो तो आउटसोर्सिग के माध्यम से सीएमओ रख सकते हैं। उन्होंने वैक्सिनेशन की जानकारी ली तो सीएमओ डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि अब तक कुल 1,41,007 लोगों को वैक्सीन की प्रथम डोज व 39,987 व्यक्तियों को दूसरी डोज लग चुकी है। सैंपलिंग के साथ बसंतपुर व फेफना में संचालित चिकित्सा व्यवस्था के बारे में विस्तार से बताया।
पंजीकरण के तरीकों के प्रति किया जाए जागरूक
मंत्री श्री तिवारी ने वैक्सीनेशन के लक्ष्य में कमी आने का कारण पूछा। बताया गया कि अब कोविड वेबसाईट पर रजिस्ट्रेशन के बाद ही वैक्सीन लग रही है। जानकारी नहीं होने की वजह से लोग रजिस्ट्रेशन नहीं कर पा रहे हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि अखबार व लोकल न्यूज के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करने के तरीकों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाए। अगर कोई रजिस्ट्रेशन करें और वैक्सीन की अनुपलब्धता के कारण वैक्सीनेशन नहीं हो पाए तो उनके मोबाइल पर अगली तिथि जरूर मैसेज कर दी जाए, ताकि वे परेशान न हों।
निधि से दिए धनराशि का मांगा व्योरा
मंत्री उपेन्द्र तिवारी ने कहा कि शासन द्वारा कोरोना काल में 2.5 करोड की धनराशि पंचायती विभाग, 1.8 करोड की धनराशि विकास विभाग तथा चिकित्सा विभाग, 1.8 करोड एनएचआरएम के द्वारा प्रदान की गयी। इन सभी धन का पूरा व्यौरा दिया जाए। जनपद में उपलब्ध 18 वेन्टीलेटर के चालू न होने के कारण को भी लिखित में देने को कहा। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने बताया कि शासन या विधायक निधि से जो धनराशि मिली है, उसका शत-प्रतिशत उपयोग किया जा रहा है। सक्षम अधिकारियों द्वारा सत्यापित करके बाउचर के रूप में ही कोई भी धनराशि निर्गत की जा रही है। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाईश नहीं होगी।
बसंतपुर व फेफना में आक्सीजन प्लांट स्वीकृत, हप्ते दिन में होगा चालू
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में जो 18 वेन्टीलेटर उपलब्ध हैं, जो कुछ सहायक उपकरण तथा मैनपावर के अभाव के कारण चालू नहीं हो सका है। उन उपकरणों को क्रय कर लिया गया है। बीस कार्मिकों की ट्रेनिंग भी हो चुकी है। बहुत जल्द वेंटीलेटर चालू हो जाएंगे। बताया कि जिला अस्पताल में आॅक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए आॅक्सीजन कंसंट्रेटर प्लान्ट पीएम केयर्स फंड से आक्सीजन प्लान्ट स्थापित किया जा रहा है। सीएचसी बसन्तपुर व फेफना में एसडीआरएफ की ओर से 500-500 एलपीएम का आक्सीजन प्लान्ट स्वीकृत हुआ है, जो लगभग एक सप्ताह के अन्दर इन्स्टाल कर चालू करा लिया जायेगा। इससे पाईप लाईन के माध्यम से सभी स्थापित बेडों पर आक्सीजन की उपलब्धता हो जाएगी और अन्य जनपदों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मंत्री, सांसद व अन्य जनप्रतिनिधियों ने एकस्वर से कहा कि शीघ्र आरटीपीसीआर लैब को चालू किया जाए, ताकि जांच के बाद समय से रिपोर्ट मिल जाए।
आबादी के हिसाब से मिले वैक्सीन
विधायक सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जिले के अन्य जगहों पर वैक्सीन उपलब्ध कराते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि आबादी के हिसाब से उपलब्ध कराई जाए। उसकी सूचना सम्बन्धित विधायक को जरूर दी जाए, ताकि उनके कार्यकर्ता भी लोगों को वैक्सीन लगवाने में मदद कर सकें। विधायक ने जोर देकर कहा कि उच्चाधिकारी भी लगातार निरीक्षण करते रहें। सीएचसी सोनबरसा पर सुधार लाने को कहा।
दस आईसीयू बेड वाला अस्पताल जल्द चालू हो
सिकंदरपुर विधायक संजय यादव ने कहा कि बलिया में 10 आईसीयू बेड वाले अस्पताल स्थापित किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री जी ने पिछले वर्ष ही दिए थे, लेकिन अभी तक चालू नहीं हो सका है। इसके सम्बन्ध में जांच कर जिम्मेदार की जवाबदेही तय हो। विधायक श्री यादव ने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्र में 2-2 आॅक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था हो। राशन वितरण पर सख्ती से नजर रखी जाए, ताकि हर जरूरतमंद तक यह पारदर्शी तरीके से पहुंच जाए। बेल्थरारोड में दर्जन भर कोटेदारों की शिकायत मिली है, जिनकी जांच कर कार्यवाही हो।
नियमित रूप से हो रही सैंपलिंग व मरीजों की देखभाल: जिलाधिकारी
बैठक में सैंपलिंग की जानकारी देते हुए जिलाधिकारी अदिति सिंह ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष सैम्पलिंग नियमित रूप से करायी जा रही है। इसके लिए कुल 42 टीमें लगी है। जनपद में कुल 290 रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) का गठन किया गया है, जो होम आइसोलेशन मरीजों की देखभाल में लगी हैं। वहीं 2830 टीम सर्विलांस कार्य में हैं। आक्सीजन की आपूर्ति के लिए बी टाइप वाले 174 सिलेंडर (जिला चिकित्सालय बलिया में 82 व कोविड चिकित्सालय में 92), डी टाईप वाले 71 (जिला चिकित्सालय 58 में कोविड चिकित्सालय 15) सिलेण्डर उपलब्ध हैं। कुल 77 आॅक्सीजन कन्सेन्ट्रेटर हैं, जिसमें जिला चिकित्सालय में 24 व कोविड चिकित्सालय में 53 उपलब्ध है। बैठक में सीडीओ प्रवीण वर्मा, एडीएम रामआसरे, सिटी मजिस्ट्रेट नागेंद्र सिंह, डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।
लक्ष्य से कम खरीददारी पर जताई नाराजगी
कलेक्ट्रेट सभागार में गुरूवार को आयोजित बैठक में खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने गेहूं खरीद की समीक्षा की। कहा कि लक्ष्य के काफी कम खरीददारी हो रही है। तीन दिन पहले चितबड़ागांव स्थिति क्रय केंद्रों के निरीक्षण में ऐसा देखने को मिला है। काश्तकार परेशान हो रहे हैं। इस समस्या को भी प्राथमिकता करते हुए व्यवस्था को ठीक कराया जाए। तभी 15 जून तक शासन के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। सांसद रविंद्र कुशवाहा ने कहा कि बधौली में गेहूॅ क्रय केन्द्र खोलवाने को कहा।
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सिकंदरपुर की सियासत में नया चेहरा, कौन हैं संजीव कुमार तिवारी? बिजनेस से राजनीति तक कैसे पहुंचा सफर?
बलिया। सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में अब नए चेहरों की सक्रियता दिखाई देने लगी है। इसी बीच बिजनेस की दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाले संजीव कुमार तिवारी का नाम भी चर्चा में है। कारोबारी पृष्ठभूमि से आने वाले संजीव कुमार तिवारी अब राजनीति के जरिए क्षेत्र की समस्याओं को उठाने और विकास की नई सोच के साथ आगे बढ़ने की बात कर रहे हैं।
राजनीति में आने की प्रेरणा कहां से मिली? बिजनेस से राजनीति तक आने का विचार कैसे बना? सिकंदरपुर विधानसभा को ही राजनीतिक कर्मभूमि बनाने के पीछे क्या वजह है? इन सवालों के साथ संजीव कुमार तिवारी अपने राजनीतिक सफर और भविष्य की योजनाओं को लेकर खुलकर बात करते हैं।
सिकंदरपुर की समस्याओं को लेकर उनकी प्राथमिकताओं में बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के लिए बेहतर अवसर जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। उनका मानना है कि क्षेत्र के विकास के लिए केवल सड़क और भवन निर्माण पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी विकास के केंद्र में रखना होगा।
बेरोजगारी और पलायन पर क्या है प्लान?
सिकंदरपुर समेत पूर्वांचल के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवाओं का रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है। संजीव कुमार तिवारी का कहना है कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उनका जोर युवाओं को कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर है।
शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर क्या सोच?
संजीव कुमार तिवारी क्षेत्र में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर देते हैं। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को बेहतर इलाज और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। विधायक बनने की स्थिति में इन दोनों क्षेत्रों को अपनी प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात वह कहते हैं।
क्या पुराने नेताओं से क्षेत्र के साथ न्याय नहीं हुआ?
राजनीति में नए चेहरे के तौर पर सामने आ रहे संजीव कुमार तिवारी से जब यह सवाल पूछा जाता है कि क्या अब तक के जनप्रतिनिधि क्षेत्र के साथ न्याय नहीं कर पाए, तो उनका फोकस आरोप लगाने के बजाय भविष्य की राजनीति पर दिखाई देता है। उनका कहना है कि जनता अब सिर्फ वादे नहीं, बल्कि काम का स्पष्ट रोडमैप चाहती है।
विधायक बने तो पहले 100 दिन में क्या करेंगे?
संजीव कुमार तिवारी के सामने सबसे बड़ा राजनीतिक सवाल यही है कि अगर उन्हें जनता का समर्थन मिलता है तो सत्ता संभालने के शुरुआती 100 दिनों में उनकी प्राथमिकता क्या होगी। उनका कहना है कि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं की पहचान, विभागवार समीक्षा और जनता से सीधे संवाद के जरिए प्राथमिकता तय की जाएगी।
क्या होगा विकास मॉडल?
संजीव कुमार तिवारी अपने विकास मॉडल को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, किसानों की समस्याओं और युवाओं के अवसरों से जोड़कर देखते हैं। उनका कहना है कि सिकंदरपुर का विकास किसी एक वर्ग या इलाके तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विधानसभा के हर गांव और हर तबके तक विकास की पहुंच होनी चाहिए।
क्या चुनाव पैसे और जाति से जीते जाते हैं?
राजनीति में सबसे कठिन सवालों में से एक चुनाव में पैसे और जातीय समीकरण की भूमिका को लेकर भी है। संजीव कुमार तिवारी का मानना है कि चुनाव में जातीय और आर्थिक समीकरण अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन अंततः जनता का भरोसा सबसे बड़ी ताकत है। वह विकास और साफ छवि को अपनी राजनीतिक पूंजी के तौर पर पेश करते हैं।
जीतने के बाद बदल जाएंगे?
नए राजनीतिक चेहरे के सामने जनता का एक बड़ा सवाल यह भी होता है कि चुनाव से पहले किए गए वादे सत्ता में आने के बाद कितने पूरे होंगे। संजीव कुमार तिवारी का कहना है कि राजनीति में आने का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता के बीच लगातार उपलब्ध रहना और अपने काम का हिसाब देना होना चाहिए।
राजनीतिक अनुभव नहीं, फिर भरोसा क्यों?
बिना लंबे राजनीतिक अनुभव के चुनावी मैदान में उतरने को लेकर भी संजीव कुमार तिवारी से सवाल उठता है। उनका जवाब है कि राजनीति में अनुभव महत्वपूर्ण है, लेकिन जनता की समस्याओं को समझने की इच्छा, ईमानदारी और काम करने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है। उनका दावा है कि कारोबारी जीवन से मिले अनुभव को वह क्षेत्र के विकास में इस्तेमाल करना चाहते हैं।
टिकट नहीं मिला तो क्या करेंगे?
संजीव कुमार तिवारी की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का एक और अहम सवाल टिकट को लेकर है। यदि उन्हें टिकट नहीं मिलता है तो उनकी अगली रणनीति क्या होगी? इस सवाल का जवाब ही यह तय करेगा कि उनकी राजनीति केवल चुनाव तक सीमित है या वह लंबे समय के लिए सक्रिय राजनीति में उतर चुके हैं।
क्या बलिया सदर पर भी नजर?
सिकंदरपुर से दावेदारी के बीच बलिया सदर सीट को लेकर भी उनसे सवाल किया गया। हालांकि उनकी मौजूदा राजनीतिक सक्रियता का केंद्र सिकंदरपुर दिखाई देता है, लेकिन भविष्य में राजनीतिक परिस्थितियां किस दिशा में जाती हैं, इस पर भी नजर रहेगी।
मौजूदा विधायक के काम को कैसे देखते हैं?
मौजूदा विधायक के काम को लेकर संजीव कुमार तिवारी का आकलन भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका कहना है कि जनता को जनप्रतिनिधि के काम का मूल्यांकन विकास और उपलब्धियों के आधार पर करना चाहिए। आने वाले चुनाव में जनता के सामने अपने-अपने काम और विजन के साथ विकल्प होंगे।
परिवार का कितना मिला साथ?
राजनीति में कदम रखने के फैसले में परिवार की भूमिका को भी संजीव कुमार तिवारी महत्वपूर्ण मानते हैं। उनका कहना है कि सार्वजनिक जीवन आसान नहीं होता और परिवार का सहयोग राजनीतिक सफर को मजबूती देता है।
राजनीति में आने के बाद क्या बदला?
बिजनेस से राजनीति में आने के बाद संजीव कुमार तिवारी के लिए सबसे बड़ा बदलाव लोगों के बीच लगातार रहना और उनकी समस्याओं को करीब से समझना रहा है। अब उनका कहना है कि राजनीति उनके लिए केवल पद हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि क्षेत्र के लिए काम करने का जरिया है।
युवाओं के नाम संदेश
युवाओं को लेकर संजीव कुमार तिवारी का संदेश है कि युवा राजनीति और समाज से दूरी बनाने के बजाय अपनी जिम्मेदारी समझें और बदलाव की प्रक्रिया का हिस्सा बनें। उनका मानना है कि क्षेत्र के भविष्य का सबसे बड़ा आधार युवा शक्ति है।
एक लाइन में क्यों जीतेंगे?
जब उनसे पूछा गया कि आखिर जनता उन्हें ही क्यों चुने, तो उनका जवाब विकास, बदलाव और जनता से सीधे जुड़ाव के इर्द-गिर्द है। संजीव कुमार तिवारी खुद को एक ऐसे नए राजनीतिक विकल्प के तौर पर पेश कर रहे हैं, जो बिजनेस की दुनिया से निकलकर अब सिकंदरपुर की राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि संजीव कुमार तिवारी की यह राजनीतिक पारी कितनी लंबी चलती है और सिकंदरपुर की जनता उनके विजन और दावेदारी को किस नजर से देखती है।
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मेजर ध्यानचंद जयंती पर जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खेल सप्ताह का आगाज, कबड्डी में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
चितबड़ागांव (बलिया)। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव में 29 अगस्त से खेल-कूद सप्ताह का भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन के तहत विद्यालय के चारों हाउस—रेड, ग्रीन, ब्लू और येलो—के बालक एवं बालिका वर्ग के बीच कबड्डी प्रतियोगिता कराई गई।
बालिका वर्ग में ग्रीन हाउस ने रेड हाउस को 12-10 के रोमांचक मुकाबले में हराया, जबकि येलो हाउस ने ब्लू हाउस को 20-15 से शिकस्त दी। बालिका वर्ग का खिताबी मुकाबला अगले दिन खेला जाएगा।
वहीं, बालक वर्ग में ब्लू हाउस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए येलो हाउस को 15-8 के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने जोश, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन अनुशासन, समर्पण और देशप्रेम की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि खेल केवल हार-जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण और टीम भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ खेलकूद भी बेहद जरूरी है। ऐसे आयोजनों से बच्चों की प्रतिभा को निखरने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के दौरान इंचार्ज अरविंद चौबे, इंचार्ज नीतू मिश्रा और हैंडबॉल प्रशिक्षक मनोज कुमार पाण्डेय ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
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जमुना राम मेमोरियल स्कूल में धूमधाम से मना 80वां स्वतंत्रता दिवस, बच्चों की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
बलिया। जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रोफेसर धर्मात्मा नंद ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं ध्वजारोहण के साथ किया।

ध्वजारोहण के बाद विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। बच्चों ने भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और रानी लक्ष्मीबाई जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रतीकात्मक रूप धारण कर उनके त्याग, संघर्ष और देशभक्ति की गाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नंदिनी मिश्रा की मधुर आवाज में प्रस्तुत गीत ‘चिट्ठी आई है’ से हुई। उनकी प्रस्तुति ने मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद ‘जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया’ और ‘भारत की जान है तिरंगा’ जैसे देशभक्ति गीतों ने पूरे विद्यालय परिसर को राष्ट्रप्रेम की भावना से भर दिया।
कक्षा 11 के शारीरिक शिक्षा के विद्यार्थियों ने योग के विभिन्न आसनों का शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। वहीं प्री-प्राइमरी एवं प्राइमरी के बच्चों ने ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’ गीत पर मनमोहक प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में देशभक्ति के रंग भर दिए। कक्षा 8 की छात्राओं द्वारा पारंपरिक कजरी गीत पर प्रस्तुत नृत्य कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक तुषार नंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवा पीढ़ी के हाथों में है। उन्होंने बच्चों से अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

प्रधानाचार्य अजीत सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए मुख्य अतिथि, अभिभावकों, विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सीनियर कोऑर्डिनेटर अरविंद चौबे, जूनियर कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा सहित समस्त शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इसके बाद विद्यार्थियों एवं उपस्थित लोगों के बीच मिष्ठान का वितरण किया गया।


