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भूखे प्यासे 48 घंटे सफर के बाद बलिया पहुंचे 3700 प्रवासी, बताई दर्दनाक दास्तां
बलिया डेस्क: गैर प्रांतों में लॉक डाउन समय के शुरू से ही फंसे अलग-अलग प्रांतों के 3700 प्रवासी मजदूर शनिवार को बलिया पहुंचे, इस दौरान दो श्रमिक स्पेशल ट्रेन से करीब 2400 तथा रोडवेज से करीब 1300 प्रवासी मजदूर जब रोडवेज तथा रेलवे स्टेशन पर पहुंचे तो वहां का नजारा ही कुछ और था.
लंबे समय से सूना चल रहा रेलवे स्टेशन शनिवार को मजदूरों से भर गया. इस दौरान रोडवेज पर भी प्रवासी मजदूरों तथा उनको ले जाने के लिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र से आई बसों की लंबी कतारें लगी रही. इस दौरान राजकोट तथा जाम नगर से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से पहुंचे प्रवासी मजदूरों ने सफर की दास्तां सुनाई तो बरबस ही लोग सिहर उठे.
इलाहाबाद निवासी पवन ने बलिया खबर को बताया कि राजकोट से सीधे बलिया आ रही ट्रेन में वहां के अलग-अलग कार्यों करने वाले करीब 1200 मजदूरों को श्रमिक स्पेशल के माध्यम से लाया गया, जिसके लिए उन्हें किराया देने के लिए विवश किया गया. कहा कि मेटौड़ा जीआईडीसी पुलिस चौकी में बैठाकर उनसे प्रति व्यक्ति 725 रुपये जमा कराए गए, उसके बाद उन्हें बसों से रेलवे स्टेशन भेजा गया, जहां टिकट देकर उन्हें श्रमिक स्पेशल ट्रेन में जैसे-तैसे भूख प्यासे बलिया स्ट्रेशन पहुंचे.
लोहटा निवासी कमलेश ने बताया कि राजकोट से श्रमिक स्पेशल ट्रेन के माध्यम से बलिया आने में यात्रा के दौरान न तो सही ढंग से पानी मिला और न तो उन्हें खाना ही समय पर दिया गया. जहां से ट्रेन चली, वहां एक पैकट लंच दिया गया, उसके बाद इलाहाबाद में उन्हें खिचड़ी और पानी दिया गया, उसके बाद रास्तेभर ट्रेन में सवार लोग भूखे-प्यासे बलिया तक पहुंचे.
बलिया रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद हम लोग भूखे-प्यासे बैठे रहे. अंत में पंजीकरण कराने के बाद दो बाटी वाला पैकेट थमा दिया गया, जिसके साथ आधा लीटर पानी और एक मास्क दिया गया.
इलाहाबाद निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि राजकोट से बलिया आने में यात्रियों को जो भी समस्याएं आई, उसके लिए रेलवे प्रशासन की ओर से कोई खास व्यवस्था नहीं की गयी थी, आलम यह था दो दिन और एक रात की सफर में सिर्फ एक दो जगह भोजन की जगह पर पैकेट दिया गया, जिसमें मामूली खाद्य पदार्थ था जो एक सामान्य व्यक्ति के लिए बहुत ही कम था. पानी भी हम लोगों को बहुत ही कम मात्रा में दिया गया, जिससे कि हम लोगों को अधिकतर समय प्यासा ही रहना पड़ा.
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बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में सफलता का जश्न, छात्रों ने रचा इतिहास
सीबीएसई कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया।
गुरुवार की सुबह विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दर्जनों विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद जी एवं प्राचार्य अजीत कुमार सिंह ने मेधावी छात्रों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मिष्ठान खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
परीक्षा परिणाम में चैतन्य कुमार ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। अर्पित मिश्रा ने 94.6 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सजल शेखर तिवारी 92 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे।
इसके अलावा अविरल तिवारी, रोहन गिरी, शिवराज चौहान, अनन्या सिंह, आस्था गुप्ता, अंशुमान सिंह, शिवम सिंह, भूमि सिंह एवं प्रिया मौर्य सहित कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चैतन्य कुमार के पिता अनिल कुमार (प्रधानाचार्य, जूनियर हाई स्कूल नरही) तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सजल शेखर तिवारी के पिता देवेश तिवारी को भी विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।
विद्यालय परिवार ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो पाई है।
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बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’
बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच “नव आरंभ विदाई समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। बीए चतुर्थ व एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अपने सीनियर्स (बीए VI व एमए IV सेमेस्टर) को यादगार विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि० तुषारनंद ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

प्राचार्य डॉ० अंगद प्रसाद गुप्त ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं सीनियर छात्रों ने गुरुजनों को अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, भजन और कविता ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए सफर के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा देते हैं।

समारोह में महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि संचालन बृजेश गुप्ता, अंकिता और सलोनी ने संयुक्त रूप से किया।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।


