बलिया
बलिया-छपरा रेल खंड पर 4 ट्रेन एक सप्ताह तक रहेंगी कैंसिल, कई ट्रेनों का बदला समय, देंखे शेड्यूल
बलिया और छपरा आने जाने रेल यात्रियों को एक सप्ताह तक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि बलिया-छपरा रेल खंड पर करीब एक सप्ताह तक दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। रेल प्रशासन ने 4 सवारी गाड़ियों का परिचालन निरस्त करने और करीब 21 को नियंत्रित कर चलाने का फैसला लिया है।
पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी के जनसम्पर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया है कि सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन यार्ड के रिमाडलिंग योजना के तहत प्री नॉन और नॉन इंटरलॉक काम हो रहा है। ऐसे में वाराणसी सिटी से 13 से 20 अक्तूबर तक चलने वाली 05446 वाराणसी सिटी-छपरा, छपरा से 13 से 20 अक्तूबर तक चलने वाली 05445 छपरा-वाराणसी सिटी, औड़िहार से 13 से 20 अक्तूबर तक चलने वाली 05136 औड़िहार- छपरा और छपरा से 14 से 20 अक्तूबर तक चलने वाली 05135 छपरा-औड़िहार अनारक्षित विशेष गाड़ी निरस्त रहेगी।
बरौनी से 11 एवं 12 अक्तूबर को चलने वाली 15231 बरौनी-गोदिंया एक्सप्रेस छपरा कचहरी-बकुल्हां स्टेशनों के बीच 60 मिनट, 13 अक्तूबर को 90 मिनट, 14 से 19 अक्तूबर तक 70 मिनट तथा 20 अक्तूबर को 45 मिनट नियंत्रित कर चलाई जायेगी । साथ ही बताया कि लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 10 एवं 19 अक्तूबर को प्रस्थान करने वाली 11061 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-जयनगर एक्सप्रेस मार्ग में 30 मिनट, 11 अक्तूबर को 60 मिनट तथा 13 से 18 अक्तूबर तक 45 मिनट नियंत्रित कर चलेगी।
अजमेर से 10 एवं 17 अक्तूबर को प्रस्थान करने वाली 15716 अजमेर-किशनगंज एक्सप्रेस 90 मिनट, 11 अक्तूबर को 130 मिनट 13 व 18 अक्तूबर को खुलने वाली इस गाड़ी को 120 मिनट नियंत्रित किया जायेगा। अमृतसर से 12, 15 एवं 17 अक्तूबर को प्रस्थान करने वाली 14650 अमृतसर-जयनगर एक्सप्रेस मार्ग में 70 मिनट, 10 अक्तूबर को 45 मिनट तथा 19 अक्तूबर को 30 मिनट नियंत्रित की जायेगी।
जयनगर से 11, 14, 16 व 18 अक्तूबर को चलने को चलने वाली 14649 जयनगर-अमृतसर एक्सप्रेस 45 से 90 मिनट नियंत्रित की जायेगी। सूरत से 12, 13, 14, 16 एवं 18 अक्तूबर को प्रस्थान करने वाली 19045 सूरत-छपरा एक्सप्रेस 30 से 150 मिनट तथा आनंद विहार टर्मिनस से 19 अक्तूबर को रवाना होने वाली 14018 आनंद विहार टर्मिनस-रक्सौल एक्सप्रेस 120 से 150 मिनट नियंत्रित की जायेगी। 13 अक्तूबर को डा. अम्बेडकर नगर प्रस्थान करने वाली 19305 डा. अम्बेडकर नगर-कामख्या एक्सप्रेस 150 मिनट नियंत्रित कर चलाई जायेगी ।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
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