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बलिया में जमीनी विवाद में 2 पक्षों में खूनी संघर्ष, 2 लोगों की मौत की खबर
बलिया के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद के चलते दो पक्षों में खूनी संघर्ष की जानकारी सामने आई है। दोनों पक्षों के बीच कई वर्षों से झगड़ा चल रहा है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। 1 महीने पहले भी दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था, अब फिर विवाद का मामला सामने आया है। बुधवार देर शाम हुई इस घटना में 2 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 2 लोग घायल हैं।
जानकारी के मुताबिक, खरीद निवासी मोतीचंद्र यादव का घर भवानी मंदिर के पास है। विपक्षी पट्टीदार रामजीत यादव का घर 100 मीटर की दूरी पर है। दोनों पक्षों में 25 वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। एक माह पूर्व भी दोनों पक्षों में मारपीट की घटना हुई थी। इसमें दोनों पक्षों पर मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
बुधवार को देर शाम मोतीचंद्र का परिवार घर पर था। उसी दौरान रामजीत के परिवार के सदस्य लाठी-डंडा, कुदाल, फावड़ा और कुल्हाड़ी लेकर मोतीचंद्र के दरवाजे पर पहुंच गए और गाली गलौज शुरू कर दी। जब तक मोतीचंद्र के परिवार के सदस्य कुछ समझ पाते तब तक रामजीत के पक्ष के लोगों ने हमला बोल दिया।
मारपीट की घटना में मोतीचंद्र (60) के अलावा चचेरा भाई अनिल (42) पुत्र कोमल, भतीजा पंकज (24) पुत्र अक्षय कुमार यादव और गीता (55) पत्नी अक्षय यादव को धारदार हथियार से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद विपक्षी वहां से भाग निकले। ग्रामीणों ने घायलों को सीएचसी सिकंदरपुर पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पंकज यादव को जिला अस्पताल बलिया से बीएचयू रेफर किया गया था, जिनकी रास्ते में जाते समय मृत्यु होने की खबर है, वहीं अनिल यादव की ईलाज के दौरान मृत्यु की सूचना है।
घटना की सूचना पर एसएचओ सिकंदरपुर विकास चंद्र पांडेय सदल मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। परिजनों से बातचीत की जा रही है, तहरीर प्राप्त कर आगे विधिक कार्यवाही की जाएगी।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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