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बलिया: वक्फ की जमीन पर कूड़ा निस्तारण यूनिट का निर्माण, अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग!

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बलियाः स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जिला पंचायत विभाग की ओर से बेल्थरा रोड तहसील के सियर ब्लॉक में गांवों में कूड़ा निस्तारण यूनिट का निर्माण होना है। इसी योजना को जमीन पर उतारने के लिए राजस्व विभाग ने गलत जमीन की पैमाइन कर दी और वक्फ (कब्रिस्तान) की भूमि पर यूनिट का निर्माण शुरू कर दिा।

जब गांव वासियों को इस योजना के बारे में पता चला तो उन्होंने ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, लेखपाल कानूनगो और उप जिलाधिकारी को पत्रों के माध्यम से बताया। इस मामले में संबंधित वक़्फ न. 1040 व आराजी नंबर ( 545, 547 और 548 ) पर पहले से माननीय सत्र न्यायालय बलिया के स्थगन आदेश से अवगत कराया गया, लेकिन तमाम कोशिशो के बावजूद उप जिलाधिकारी के कार्यालय से कोई प्रतिक्रिया नहीं प्राप्त हुई।

इसके बाद जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। देश और प्रदेश में वक्फ प्रॉपर्टीज़ बचाओ एवं संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्था वक्फ वेलफेयर फोरम के द्वारा पत्र संख्या 9.12. 2022 के माध्यम से मुख्य कार्यपालक, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को तहरीर दी गई। जिसमें वक्फ संख्या 1040 पर हो रहे अनाधिकृत अतिक्रमण और निर्माण कार्यों के संबंध में तत्पश्चात मुख्य कार्यपालक, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने जिला अधिकारी/अपर सर्वे वक़्फ कमिश्नर महोदय बलिया को पत्र संख्या 6205 / WN 1040/ बलिया- 20 23, दिनांक 20 .1. 2023 को प्रेषित किया।सहायक सर्वे आयुक्त वक्फ/जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, बलिया द्वारा 6 फरवरी 2023 को उप जिलाधिकारी बिल्थरा रोड को प्रेषित किया कि संबंधित शिकायत को जांच उपरांत नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराने का कष्ट करें ताकि प्रकरण का वक़्फ बोर्ड को भी अवगत कराया जा सके।

इस मामले में नायब तहसीलदार ने संबंधित लेखपाल एवं कानूनगो द्वारा भूमि का पुनः पैमाइश कर अवगत कराने के लिये कहा गया। परंतु लेखपाल मनीष वर्मा द्वारा अभी तक दोबारा पैमाइश अथवा स्थगन आदेश के अनुपालन में कोई आख्या उप जिलाधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किया गया। उपरोक्त प्रकरण मे अधिकारियों द्वारा कार्रवाई में शिथिलता, स्वच्छ भारत मिशन के गाइडलाइन, प्रदूषण एवं पर्यावरण विभाग, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के मानकों के विपरीत निर्माण और बलिया सत्र न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश का अवहेलना के श्रेणी में आता है।

प्रार्थी का कहना है कि वक़्फ संपत्ति पर हो रहे अनाधिकृत निर्माण रोके जाने को लेकर इस पूरे प्रकरण को 3 माह से ज्यादा हो गए लेकिन तहसील एवं जिला स्तर से कोई कार्यवाही ना होने के कारण निराश होकर माननीय मुख्यमंत्री को संबोधित किया गया है ताकि शिथिलता बरतने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके और कब्रिस्तान पर अवैध निर्माण कार्य को रोका जा सके।

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Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

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26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र

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बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।

भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।

शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।

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