बलिया
दानिश आज़ाद के मंत्री बनने पर बलिया में खुशी की लहर
बलिया के लिए आज बेहद खास दिन है। बलिया के दानिश आज़ाद को योगी सरकार में मंत्री पद की कमान सौंपी गई है। दानिश के मंत्री बनने के बाद जिले में खुशी की लहर छा गई है। समर्थकों में जमकर उत्साह है।
गली-मोहल्लों, चौक-चौराहों पर उनके समर्थक मिठाई बांटकर खुशियां मना रहे हैं। जश्न इसलिए भी जोर-शोर से मनाया जा रहा है क्योंकि दानिश बलिया से पहले मुस्लिम नेता है, जिन्हें योगी सरकार में मंत्री बनाया गया है।
इस मौके पर आसिफ अली ने खुशी जताते हुए कहा कि यह बलिया के लिए गर्व की बात है, जनपद से दानिश को मंत्री बनाया गया है। अब बलिया में विकास को भी पंख लगेंगे। दानिश के समर्थकों का कहना है कि उनके मंत्री बनने से बलिया की आवाज प्रदेश स्तर तक पहुंच सकेगी।
जानिए कौन हैं दानिश आजाद अंसारी- दानिश पिछले कई सालों से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के साथ जुड़े हुए हैं। योगी सरकार बनने पर उन्हें भाषा समिति का सदस्य बनाया गया था। पिछले साल बीजेपी ने उन्हें जिम्मेदारी देते हुए भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चे का प्रदेश महामंत्री बना दिया गया था। वह लगातार अल्पसंख्यक समाज के बीच सक्रिय बने हुए थे, जिसका पुरस्कार उन्हें योगी सरकार का मंत्री बनाकर दिया गया है। वह यूपी सरकार की फखरुद्दीन अली मेमोरियल समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।
दानिश की शुरुआती पढ़ाई बलिया से ही हुई। इसके बाद उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से बी. कॉम की पढ़ाई की। यहीं से पब्लिक ऐडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की पढ़ाई की। छात्र राजनीति के समय से ही दानिश एबीवीपी के साथ ऐक्टिव बने हुए थे। 2017 में बीजेपी की सरकार बनने पर दानिश को उनकी सक्रियता का इनाम दिया गया।
बलिया
शिक्षा पदम सम्मान 2025 से सम्मानित हुए हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी
हिमाचल प्रदेश के प्रतिष्ठित हिलटॉप पब्लिक स्कूल में आयोजित भव्य सम्मान समारोह में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल के युवा निदेशक डॉ. परवेज अंसारी को “शिक्षा पदम सम्मान 2025” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उनके 10 वर्षों से अधिक की समर्पित सेवा और अभिनव प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
डॉ. अंसारी की नेतृत्व क्षमता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता ने स्कूल को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। उनके मार्गदर्शन में हाली पाथ कॉन्वेंट स्कूल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. परवेज अंसारी ने कहा —
“यह सम्मान मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत है। मैं शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और सुधार के लिए प्रयासरत रहूँगा।”
उनकी इस उपलब्धि से न केवल स्कूल परिवार बल्कि पूरे जनपद में गर्व की भावना व्याप्त है।
फेफना
दिखाया जज़्बा: जमुना राम मेमोरियल स्कूल के कराटे वीरों ने जीते 22 पदक, बलिया में बजाया अपना डंका
बलिया के बापू भवन में आयोजित 2nd Gyanti Devi Memorial Cup District Karate Championship 2K25 में जिले के लगभग 15 विद्यालयों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, मानपुर चितबड़ागांव के 22 छात्रों ने प्रतिभाग कर दमखम दिखाया।
शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कूल के 12 छात्रों ने स्वर्ण पदक , 6 ने रजत पदक और 4 ने कांस्य पदक हासिल किए। छात्रों की इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय का नाम रोशन किया बल्कि माता-पिता और क्षेत्र को भी गौरवान्वित किया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य अबरी के.बी. एवं प्रबंध निदेशक तुषार नंद जी ने विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और शारीरिक स्फूर्ति को बढ़ावा देती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में भी छात्र ऐसे आयोजनों में भाग लेकर और बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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बलिया की राजनीति में हलचल: भानु दुबे जल्द कर सकते हैं सपा जॉइन, अटकलों का बाजार गर्म
बलिया।
बलिया के प्रमुख सामाजिक नेता भानु दुबे जल्द ही समाजवादी पार्टी (सपा) जॉइन कर सकते हैं। हाल ही में उनके सोशल मीडिया पोस्ट और गतिविधियों से इस बात के कयास तेज हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से भानु दुबे लगातार सपा के बड़े नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उनकी इन मुलाकातों और नेताओं के काफिलों में देखे जाने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि वे जल्द ही सपा का दामन थाम सकते हैं।
भानु दुबे को ब्राह्मण समाज का बड़ा चेहरा माना जाता है। सामाजिक स्तर पर उनकी लोकप्रियता भी युवाओं में काफी मजबूत है। अगर वे सपा में शामिल होते हैं तो न केवल बलिया में पार्टी को मजबूती मिलेगी, बल्कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में बलिया सदर सीट से उनकी दावेदारी भी बेहद मजबूत मानी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भानु दुबे के सपा में आने से बलिया की राजनीति में नया समीकरण बन सकता है। और यह फैसला पूरे जिले के राजनीतिक परिदृश्य को बदल सकता है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि भानु दुबे कब और किस मंच से सपा की सदस्यता ग्रहण करते हैं और इसके बाद जिले की राजनीति कौन सा नया मोड़ लेती है।


