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बलिया में सड़क हादसों को रोकने iRAD मोबाइल ऐप का इस्तेमाल, ऐसे करता है काम
बलिया में सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से बनाए गए एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस (iRAD) एप्लीकेशन का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस मोबाइल एप के जरिए दुर्घटना से संबंधित आंकड़ों की जानकारी दर्ज की जाएगी।
बता दें कि सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों को लेकर सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार की ओर से एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस ( iRAD ) एप्लीकेशन तैयार किया गया है। आईआईटी मद्रास के सहयोग से यह एप्लीकेशन बनाया गया है। जिसका उपयोग यूपी के 16 लाइट हाउस डिस्ट्रिक्ट्स में एवं जनपद बलिया सहित प्रदेश के शेष 59 जिलों में दिनांक 15 मार्च 2021 से सफलतापूर्वक किया जा रहा है। इस ऐप के दुर्घटनाओं के डेटा के माध्यम से आईआईटी मद्रास विश्लेषण करेगा और इसके बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। जिससे सड़क दुर्घटनाओं पर कमी आएगी।
ऐसे काम करता है मोबाइल एप– iRAD मोबाइल ऐप में सड़क दुर्घटना के तत्काल उपरांत दुर्घटना स्थल से ही स्थानीय पुलिस अधिकारी के माध्यम से सड़क दुर्घटना का लोकेशन, दुर्घटना की गंभीरता, दुर्घटना मे प्रभावित व्यक्ति का नाम, पता, उम्र, वाहन नंबर, लाइसेन्स संख्या, मौसम आदि का विवरण फोटो/विडियो सहित अपलोड किया जाएगा। अपलोड की प्रक्रिया पूर्ण होते ही सूचना संबन्धित थाना प्रभारी के पास पहुंच जाएगी, फिर आवश्यकतानुसार पुलिस विभाग द्वारा आरटीओ, हाइवे(पीडब्ल्यूडी), स्वास्थ्य विभाग को ऐप के माध्यम से सूचना भेजी जाएगी जिसके आधार पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के इलाज सम्बंधी तैयारी नजदीकी अस्पताल मे होगी, जिससे दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत उपचार मिल पाएगा।
बता दें कि बलिया में इस ऐप का अच्छे से क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसमें जिला सूचना-विज्ञान अधिकारी, बलिया श्री निजामुद्दीन अंसारी और डा० अभिषेक मिश्रा, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट के निर्देशन में रोल आउट मैनेजर, iRAD, गौतम वर्मा द्वारा लोक निर्माण विभाग, बलिया के प्रांतीय खंड के अवर अभियन्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इसके अलावा आरटीओ बलिया से आरआई श्री राज भवन और पीटीओ आर० पी० गौतम को पूर्व में एनआईसी केंद्र बलिया में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। थाना कोतवाली से सड़क दुर्घटना से संबन्धित वाहनों का तकनीकी जांच आरआई श्री राज भवन द्वारा iRAD ऐप के माध्यम से किया जा रहा है।
अभी तक 203 दुर्घटनाओं की जानकारी जुटीः इस ऐप में कुल 203 सड़क दुर्घटनाओं का डेटा मिल चुका है। इस ऐप में यह भी जानकारी जुटी है कि जिनमें घातक श्रेणी के 55.7 % (113 केस), गंभीर श्रेणी के 33.5% (68 केस ), सामान्य घायल (अस्पताल में भर्ती ) के 7.9% (16 केस ), सामान्य घायल ( अस्पताल में भर्ती नहीं ) के 2.5% (5 केस) तथा नो-इंजरी के 0.5% (1 केस) हैं। इसके अनुसार जनपद बलिया में कुल मृतकों की संख्या 127 और घायलों की संख्या 166 रही।
इस ऐप में घटनाओं की स्थानवार जानकारी मिली है। गड़वार में 20, कोतवाली में 11, पकड़ी में 3, बैरिया में 4, बांसडीह रोड में 7, बांसडीह में 10, भीमपुरा में 8, चितबड़ागाव में 10, दोकती में 2, दुबहड़ में 9, हल्दी में 3, खेजुरी में 3, मनियर में 4, नगरा में 12, नरही में 8, फेफना में 5, रसड़ा में 30, सिकंदरपुर में 10, सुखपुरा में 8, उभाव में 23, रेवती में 7 एक्सीडेंट हुए।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
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