बैरिया
बलिया: बैरिया सीट से इस नेता का मैदान में उतरना क्यों तय माना जा रहा है?
उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव अब से कुछ ही महीनों बाद होने वाली है। 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अब सरगरमियां तेज हो चुकी हैं। नेता से राजनीतिक दलों ने अपना कमर कस लिया है। एक तरफ राजनीतिक पार्टियां अपने समीकरण बैठाने में लगीं हैं। तो दूसरी ओर इस बार के चुनाव में अपना भाग्य आजमाने के लिए नेता भी तैयारियों में जुट गए हैं। बिहार की सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड भी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है। बलिया जिला इनमें से एक है।
बलिया की सीमाएं बिहार से लगती हैं। बलिया जिले में कुल सात विधानसभा सीटें हैं। सियासी जानकार बताते हैं कि उत्तर प्रदश चुनाव में जदयू और भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन हो सकता है। जदयू बिहार की ही तरह उत्तर प्रदेश में भी भाजपा के साथ विधानसभा चुनाव में उतरना चाहती है। हालांकि अब तक इसे लेकर अंतिम निर्णय अभी नहीं हो सका है। लेकिन बलिया की बैरिया सीट को लेकर एक समीकरण इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। माना जा रहा है कि अगर भाजपा और जदयू का गठबंधन होता है तब बैरिया की सीट जदयू के खाते में जाने की संभावना है।
सूत्र बताते हैं कि अगर सब कुछ ठीक रहा तो बैरिया की सीट जदयू को ही मिलेगाी। ऐसे में जदयू बैरिया के मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय को अपना प्रत्याशी बना सकती है। उत्तर प्रदेश जदयू के बड़े नेताओं से समय-समय पर इस बात के संकेत भी मिल चुके हैं। बैरिया की सीट का समीकरण भी मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय के पक्ष में ही माहौल बनाती दिख रही है। सेना के भूतपूर्व अफसर होना भी उनकी दावेदारी मजबूत कर रही है।
2017 के विधानसभा चुनाव में बैरिया से भाजपा के प्रत्याशी थे सुरेंद्र सिंह। चुनाव के नतीजे सामने आए तो सुरेंद्र सिंह चुनाव जीतकर विधायक बन गए। लेकिन विधायक बनने के बाद सुरेंद्र सिंह अपनी बयानबाजी को लेकर हमेशा चर्चा का विषय बने रहते हैं। बलिया भाजपा के सूत्रों बताते हैं कि सुरेंद्र सिंह के बयानबाजी को लेकर आलाकमान खुश नहीं है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता भी उनसे नाराज हैं।
मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय इससे पहले हिंदू महासभा की टिकट पर 2012 में बैरिया से ही विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। इसके बाद 2019 के आम चुनावों मेजर रमेश ने बलिया से दावेदारी पेश की थी। इसके एक साल बाद 2020 में वो जदयू में शामिल हो गए। अब एक बार फिर वो विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। देखना होगा कि क्या जदयू और भाजपा का गठजोड़ होता है या नहीं? लेकिन बैरिया की सीट जदयू के खाते में जाने पर मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय की उम्मीदवारी लगभग तय है।
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मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा इब्राहिमाबाद का पॉलीटेक्निक
बलिया के बैरिया क्षेत्र के इब्राहिमाबाद में करोड़ों की लागत से बने राजकीय पॉलीटेक्निक बनाया गया था। अब इसे जननायक स्व. बाबू मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की पहल पर प्रदेश सरकार और राज्यपाल की ओर से इसकी मंजूरी मिल गयी है।
बता दें कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश की पिछली सरकार में करीब 19 करोड़ रुपए खर्च कर इब्राहिमाबाद में राजकीय पॉलीटेक्निक का निर्माण कराया गया था। इसका लोकार्पण तत्कालीन विधायक सुरेन्द्र सिंह ने किया था।
कुछ दिनों पहले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने राजकीय पॉलीटेक्निक का नाम अपने मामा और बलिया के गांधी व बैरिया के मालवीय कहे जाने वाले पूर्व विधायक मैनेजर सिंह के नाम पर करने की पहल की थी। इसके लिए उन्होंने शासन को पत्र लिखा था।
अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। गुरुवार को परिवहन मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शासन से मंजूरी के बाद राज्यपाल की ओर से नामकरण की अनुमति मिल गयी है।
खास बात है कि मैनेजर सिंह ने बेरिया क्षेत्र में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के कई केन्द्र स्थापित किए। हालांकि किसी से उन्होंने अपना नाम नहीं जोड़ा। राजकीय पॉलीटेक्निक का नामकरण उनके नाम पर होना स्व. सिंह के प्रति श्रद्धांजलि है।
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बलिया के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर इन तीन ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी
बलिया में बैरिया विधानसभा के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर अब से 3 ट्रेनों के ठहराव को रेल मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। जिन 3 ट्रेनों का ठहराव होगा, उसमें बरौनी – गोंदिया एक्सप्रेस, बरौनी – अम्बाला एक्सप्रेस और गोरखपुर कोलकाता एक्सप्रेस शामिल हैं। वाराणसी डिवीजन को इन तीन ट्रेनों के ठहराव के लिए जल्द से जल्द कहा गया है।
बता दें कि इन ट्रेनों के ठहराव की लागतार मांग हो रही थी। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर के पत्र और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विनोद सिंह के अनुरोध पर बलिया निवासी मुरादाबाद रेल मंडल केएडीआरएम निर्भय नारायण सिंह के अथक प्रयास से आज बैरिया वासियों को बड़ी सौगात मिली है। इस पर क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें बधाई दी।
इन ट्रेनों के ठहराव से अब बैरिया क्षेत्र के सैंकड़ों ग्रामवासियों को बहुत सुविधा होगी। अब रेलयात्री आसानी से सफर कर पाएंगे। ये तीनों ट्रेनें एक्सप्रेस ट्रेनें हैं, ऐसे में यात्री आसानी से अपने गंतव्य पर पहुंच सकेंगे।
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बलिया के रहने वाले हेड कांस्टेबल की हीट स्ट्रोक से मौत, पुलिस महकमा में शोक की लहर
बलिया जिले के बैरिया के रहने वाले हेड कांस्टेबल इमरान अली की सोमवार को हीट स्ट्रोक के चलते मौत हो गई। वाराणसी के अस्पताल में दो दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। सूचना पर पुलिस महकमा में शोक की लहर दौड़ गई।
वहीं उनके मौत की खबर सुन के कई पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंच गए तो कमिश्नर कार्यालय से मृतक दीवान के परिजनों को फोन कर सूचना भी दी गई। हालांकि उनकी पत्नी समेत परिवार वर्तमान में वाराणसी में है।
बैरिया निवासी इमरान अली 2006 में पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। पिछले कुछ साल पहले उनको प्रोन्नति में हेड कांस्टेबल बनाया गया था और तब से उनकी तैनाती वाराणसी में थी। वर्तमान में कोतवाली में तैनात इमरान अली जिला एवं सत्र न्यायालय के लिए पैरोकार का काम करते थे।
शुक्रवार को कोर्ट जाने पर गर्मी और धूप से हीट स्ट्रोक की चपेट में आ गए। शनिवार को आनन फानन में उन्हें अर्दली बाजार स्थित सुधा सर्जिकल नर्सिग होम में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। 


