बैरिया
बलिया: बैरिया में चुनावी चहल-पहल, जदयू की ओर से ये होंगे उम्मीदवार
उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव मुहाने पर खड़ा है। सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। सात विधानसभा सीटों वाले बलिया जिले में भी चुनावी सक्रियता बढ़ी हुई है। बलिया के सात विधानसभा सीटों में एक सीट है जिसने हर किसी का ध्यान खींचा हुआ है। बैरिया विधानसभा सीट से किस पार्टी की ओर से कौन उम्मीदवार बनने वाला है इसे लेकर अब तक तस्वीरें साफ नहीं हैं। लेकिन बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल यूनाईटेड के प्रत्याशी का नाम लगभग तय माना जा रहा है।
बैरिया सीट पर जनता दल यूनाईटेड की ओर से मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय का नाम सबसे आगे है। जदयू के सूत्रों का कहना है कि इस सीट पर रमेश चंद्र उपाध्याय के नाम पर मुहर लग चुकी है महज औपचारिकताएं ही बची हैं। मेजर रमेश भी बैरिया में खूब सक्रिय दिख रहे हैं। पूरा क्षेत्र उनके पोस्टर-बैनरों से पटा हुआ है। क्षेत्र में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू आलाकमान के साथ मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय के पोस्टर लगे हैं।

बैरिया में मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय के लगे पोस्टर
ऐसे ही एक पोस्टर पर लिखा गया है “मिशन 2022, आपका फौजी सेवक आपके साथ मिलकर करेंगे बैरिया का विकास।” ये पोस्टर अपने आप में बैरिया सीट के समीकरण बता रहा है। जदयू इस सीट से मेजर रमेश को मैदान में उतारने का मन बना चुकी है। हालांकि इसे लेकर पार्टी की ओर से घोषणा होनी बाकी है।
औपचारिक घोषणा का पेंच गठबंधन को लेकर फंसा हुआ है। जदयू 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर उतरना चाहती है। भाजपा और जदयू के बीच गठबंधन को लकेर मामला तय होने के बाद सीटों का बंटवारा होगा। जदयू की पूरी कोशिश रहेगी कि बलिया की बैरिया सीट उनके ही खाते में आए। तो अगर ऐसा होता है तो आगामी चुनाव में मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय जदयू के उम्मीदवार के तौर पर चुनावी रण में नजर आएंगे।
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मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा इब्राहिमाबाद का पॉलीटेक्निक
बलिया के बैरिया क्षेत्र के इब्राहिमाबाद में करोड़ों की लागत से बने राजकीय पॉलीटेक्निक बनाया गया था। अब इसे जननायक स्व. बाबू मैनेजर सिंह राजकीय पॉलीटेक्निक के नाम से जाना जाएगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की पहल पर प्रदेश सरकार और राज्यपाल की ओर से इसकी मंजूरी मिल गयी है।
बता दें कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश की पिछली सरकार में करीब 19 करोड़ रुपए खर्च कर इब्राहिमाबाद में राजकीय पॉलीटेक्निक का निर्माण कराया गया था। इसका लोकार्पण तत्कालीन विधायक सुरेन्द्र सिंह ने किया था।
कुछ दिनों पहले परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने राजकीय पॉलीटेक्निक का नाम अपने मामा और बलिया के गांधी व बैरिया के मालवीय कहे जाने वाले पूर्व विधायक मैनेजर सिंह के नाम पर करने की पहल की थी। इसके लिए उन्होंने शासन को पत्र लिखा था।
अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। गुरुवार को परिवहन मंत्री ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शासन से मंजूरी के बाद राज्यपाल की ओर से नामकरण की अनुमति मिल गयी है।
खास बात है कि मैनेजर सिंह ने बेरिया क्षेत्र में प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा के कई केन्द्र स्थापित किए। हालांकि किसी से उन्होंने अपना नाम नहीं जोड़ा। राजकीय पॉलीटेक्निक का नामकरण उनके नाम पर होना स्व. सिंह के प्रति श्रद्धांजलि है।
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बलिया के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर इन तीन ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी
बलिया में बैरिया विधानसभा के सुरेमनपुर रेलवे स्टेशन पर अब से 3 ट्रेनों के ठहराव को रेल मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है। जिन 3 ट्रेनों का ठहराव होगा, उसमें बरौनी – गोंदिया एक्सप्रेस, बरौनी – अम्बाला एक्सप्रेस और गोरखपुर कोलकाता एक्सप्रेस शामिल हैं। वाराणसी डिवीजन को इन तीन ट्रेनों के ठहराव के लिए जल्द से जल्द कहा गया है।
बता दें कि इन ट्रेनों के ठहराव की लागतार मांग हो रही थी। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर के पत्र और जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि विनोद सिंह के अनुरोध पर बलिया निवासी मुरादाबाद रेल मंडल केएडीआरएम निर्भय नारायण सिंह के अथक प्रयास से आज बैरिया वासियों को बड़ी सौगात मिली है। इस पर क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें बधाई दी।
इन ट्रेनों के ठहराव से अब बैरिया क्षेत्र के सैंकड़ों ग्रामवासियों को बहुत सुविधा होगी। अब रेलयात्री आसानी से सफर कर पाएंगे। ये तीनों ट्रेनें एक्सप्रेस ट्रेनें हैं, ऐसे में यात्री आसानी से अपने गंतव्य पर पहुंच सकेंगे।
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बलिया के रहने वाले हेड कांस्टेबल की हीट स्ट्रोक से मौत, पुलिस महकमा में शोक की लहर
बलिया जिले के बैरिया के रहने वाले हेड कांस्टेबल इमरान अली की सोमवार को हीट स्ट्रोक के चलते मौत हो गई। वाराणसी के अस्पताल में दो दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके। सूचना पर पुलिस महकमा में शोक की लहर दौड़ गई।
वहीं उनके मौत की खबर सुन के कई पुलिस अधिकारी अस्पताल पहुंच गए तो कमिश्नर कार्यालय से मृतक दीवान के परिजनों को फोन कर सूचना भी दी गई। हालांकि उनकी पत्नी समेत परिवार वर्तमान में वाराणसी में है।
बैरिया निवासी इमरान अली 2006 में पुलिस में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। पिछले कुछ साल पहले उनको प्रोन्नति में हेड कांस्टेबल बनाया गया था और तब से उनकी तैनाती वाराणसी में थी। वर्तमान में कोतवाली में तैनात इमरान अली जिला एवं सत्र न्यायालय के लिए पैरोकार का काम करते थे।
शुक्रवार को कोर्ट जाने पर गर्मी और धूप से हीट स्ट्रोक की चपेट में आ गए। शनिवार को आनन फानन में उन्हें अर्दली बाजार स्थित सुधा सर्जिकल नर्सिग होम में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। 


