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Update- कंट्रोल हुआ तो ठीक वरना बलिया में बढ़ सकता है लॉकडाउन का दायरा
बलिया डेस्क : बलिया में सोमवार को हुई दो मौत के बाद जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बलिया शहर व उसके आसपास के शहरी कस्बों में 10 जुलाई तक लॉकडाउन का निर्णय लिया है। इस दौरान इन इलाकों में धारा 144 पूरी तरह प्रभावी रहेगी। खासतौर पर बाजारों में विशेष सख्ती बरती जाएगी।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पत्रकारों के साथ बातचीत में जिलाधिकारी ने बताया कि शहर के अलावा आसपास के शहरी स्वरूप वाले 15 इलाके रामपुर महावल, बहेरी, चंद्रशेखरनगर, माल्देपुर, हैबतपुर, परमन्दापुर, निधरिया, जेपीनगर नई बस्ती, जिराबस्ती, परिखरा, तिखमपुर, बहादुरपुर, अमृतपाली, सरसपाली व ओझा के छपरा में कोरोना का मामला आने की वजह से कंटेनमेंट जोन घोषित हुए हैं।
इस तरह देखा गया तो हर आधा किलोमीटर के अंदर कण्टेन्मेंट जोन था। इसी को देखते हुए पूरे बलिया शहर व उसके आसपास के इन 15 इलाकों में लॉकडाउन का निर्णय लिया गया है।
लॉकडाउन के दौरान घर घर जाकर होगी हर व्यक्ति की जांच, बलिया DM को सुनें !
बलिया में 2 की मौत के बाद प्रसाशन अलर्ट ,लॉकडाउन के दौरान घर घर जाकर होगी हर व्यक्ति की जांच, बलिया DM को सुनें !
Posted by Ballia Khabar बलिया ख़बर on Thursday, July 2, 2020
उन्होंने बताया कि इस अवधि में दवा व आवश्यक सेवाओं को छोड़ सभी दुकानें बंद रहेंगी। जिला पूर्ति कार्यालय और जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय में एक-एक कर्मचारियों के पॉजिटिव मिलने के बाद इन कार्यालयों को भी बंद कर सेनेटाइज किया जाएगा। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि घरों में ही रहें, बाहर नहीं निकलें। अगर विशेष परिस्थिति में निकलें भी तो मास्क जरूर पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखें।
मास्क नहीं पहनने वालों की खैर नहीं
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच जिलाधिकारी ने साफ किया है कि अब बाहर कोई भी बिना मास्क पहने निकला तो उस पर जुर्माना की कार्रवाई तो होगी ही, मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। इसके लिए पुलिस विभाग को निर्देश दे दिया गया है। लोगों से अपील की है कि अपनी सुरक्षा का ख्याल खुद रखें और किसी भी कार्रवाई से बचें।
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नियंत्रण हुआ तो ठीक वरना बढ़ सकता है लॉकडाउन का दायरा
जिलाधिकारी श्री हरी प्रताप शाही ने बताया कि फिलहाल 10 जुलाई तक शहर और उसके आसपास के इलाके में लॉकडाउन किया गया है। अगर स्थिति नियंत्रित हुई तो ठीक, अन्यथा सभी नगरीय निकायों में लॉकडाउन किया जाएगा। और हां, जरूरत पड़ने पर पूरे जनपद में लॉकडाउन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि अगर स्थिति नियंत्रित हुई तो बाजारों में रोस्टर के अनुसार व्यवस्था शुरू की जाएगी। इस बार रोस्टर थोड़ा अलग हटके होगा।
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केवल बलिया व इससे सटे इलाकों में 42 मामले
डीएम श्री शाही ने बताया कि केवल बलिया व इससे सटे इलाके में 42 केस सामने आए हैं। इनमें 30 केस ऐसे हैं जिनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। यानी, वह बाहर से आए हुए नहीं है बल्कि बलिया में ही थे। डीएम ने बताया कि 11 मई तक बलिया में एक भी केस नहीं था, 31 मई तक वह संख्या बढ़कर 50 हो गई और आज 154 केस हो गए हैं। उन्होंने बताया कि केवल जून महीने में 104 केस सामने आए। इसमें भी पिछले दस दिनों में 65 कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। उन्होंने बताया ऐसी आशंका पहले ही जाहिर की जा चुकी थी कि नगरीय क्षेत्र में जब शुरुआत होगी तो स्थिति खतरनाक होगी। बाजार खुलने के बाद लोगों में सावधानी व सतर्कता की भारी कमी दिखी। नतीजा स्थानीय स्तर पर संक्रमण खेलना शुरू हो गया है। ऐसे में उन्होंने लोगों से अब गंभीर होकर सावधान रहने की अपील की है।
एक-एक घर का होगा सर्वे
जिलाधिकारी ने बताया कि 10 जुलाई तक घोषित हुए लॉकडाउन के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अभियान चलाकर एक-एक घर का सर्वे कराया जाएगा। घर में सबसे बात की जाएगी। घर में अगर वृद्ध या बीमारी से ग्रस्त कोई है तो उनकी पूरी जानकारी ली जाएगी। बताया कि इस बंदी का एक उद्देश्य यह भी है।
नगर में आवागमन पर रोक, मदिरा की दुकान भी बन्द
जिलाधिकारी ने बताया कि इस बंदी के दौरान बलिया नगर में आवागमन पर पूरी तरह रोक रहेगी। सार्वजनिक वाहन जैसे टैक्सी, ई-रिक्शा, जीप, टेंपो आदि 10 जुलाई तक नहीं चलेंगी। उन्होंने बताया कि बलिया शहर व इसके आसपास के नगरीय स्वरूप वाले इलाकों में देशी-विदेशी शराब तथा बीयर की दुकान भी बंद रहेगी। धरना प्रदर्शन, सभा, जुलूस, धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम पर भी प्रतिबंध रहेगा।
भीड़भाड़ वाले कार्यालयों के सबकी होगी सैम्पलिंग
डीएम ने बताया, जिन कार्यालयों में ज्यादा लोग आते-जाते हैं ऐसे भीड़भाड़ वाले कार्यालयों के सभी अधिकारियों कर्मचारियों की जांच कराने का निर्णय हुआ है। सीएमओ को निर्देश दिया गया है कि कार्यालयों में तिथि तय कर सबकी सैंपलिंग कराएं। उन्होंने बताया कि स्कूल खोलने का आदेश हुआ है, लेकिन बच्चे नहीं आएंगे। स्कूलों में अध्यापक आएंगे, सैनिटाइजेशन कराया जाएगा और शासकीय कार्य ही होगा।
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बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में सफलता का जश्न, छात्रों ने रचा इतिहास
सीबीएसई कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया।
गुरुवार की सुबह विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दर्जनों विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद जी एवं प्राचार्य अजीत कुमार सिंह ने मेधावी छात्रों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मिष्ठान खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
परीक्षा परिणाम में चैतन्य कुमार ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। अर्पित मिश्रा ने 94.6 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सजल शेखर तिवारी 92 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे।
इसके अलावा अविरल तिवारी, रोहन गिरी, शिवराज चौहान, अनन्या सिंह, आस्था गुप्ता, अंशुमान सिंह, शिवम सिंह, भूमि सिंह एवं प्रिया मौर्य सहित कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।
विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चैतन्य कुमार के पिता अनिल कुमार (प्रधानाचार्य, जूनियर हाई स्कूल नरही) तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सजल शेखर तिवारी के पिता देवेश तिवारी को भी विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।
विद्यालय परिवार ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो पाई है।
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बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’
बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच “नव आरंभ विदाई समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। बीए चतुर्थ व एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अपने सीनियर्स (बीए VI व एमए IV सेमेस्टर) को यादगार विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि० तुषारनंद ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

प्राचार्य डॉ० अंगद प्रसाद गुप्त ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं सीनियर छात्रों ने गुरुजनों को अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, भजन और कविता ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए सफर के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा देते हैं।

समारोह में महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि संचालन बृजेश गुप्ता, अंकिता और सलोनी ने संयुक्त रूप से किया।
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बलिया की सियासत में नई हलचल: इंजीनियर विजय कांत तिवारी की एंट्री, 2027 पर नजर!
बलिया– अपनी राजनीतिक चेतना और संघर्षों के लिए पहचान रखने वाले बलिया की राजनीति में अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है। पेशे से एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनी (MNC) में इंजीनियर रहे विजय कांत तिवारी ने सक्रिय राजनीति में कदम रखकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर वे बलिया विधानसभा क्षेत्र से एक मजबूत और प्रबल दावेदार के रूप में उभरते दिखाई दे रहे हैं।
बताया जाता है कि विजय कांत तिवारी लंबे समय तक कॉरपोरेट सेक्टर में अपनी सेवाएं देने के बाद अब अपने गृह जनपद के विकास और जनसमस्याओं के समाधान के उद्देश्य से राजनीति के मैदान में उतरे हैं। उनका कहना है कि बलिया जैसे ऐतिहासिक और गौरवशाली जिले में आज भी बुनियादी सुविधाओं की कमी कई क्षेत्रों में देखने को मिलती है, जिसे दूर करना उनकी प्राथमिकता होगी।
तिवारी का मुख्य फोकस जिले में बेहतर और सुलभ चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उनका मानना है कि बलिया के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए वाराणसी या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जो एक बड़ी समस्या है। इसके साथ ही वे सड़क, नाली और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं के स्थायी समाधान पर भी जोर दे रहे हैं।
युवाओं के रोजगार को लेकर भी उन्होंने अपनी स्पष्ट योजना बताई है। विजय कांत तिवारी का कहना है कि यदि बलिया में एक सशक्त औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाए और बाहरी निवेश को आकर्षित किया जाए, तो हजारों युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। उनका मानना है कि पलायन की समस्या को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और रोजगार के अवसर पैदा करना बेहद जरूरी है।
इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि होने के कारण वे विकास कार्यों में तकनीकी समझ, पारदर्शिता और योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की बात करते हैं। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और निगरानी सुनिश्चित कर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिक्षित और युवा चेहरों की बढ़ती मांग के बीच विजय कांत तिवारी जैसे लोगों का राजनीति में आना आने वाले समय में बलिया की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। वहीं स्थानीय लोगों के बीच भी उनकी छवि एक शिक्षित, सुलझे हुए और विकासोन्मुखी नेता के रूप में धीरे-धीरे मजबूत होती दिखाई दे रही है।


