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बलिया में तबाही का सैलाब, गांवों में कहर बरपा रही गंगा और सरयू, अब तक 6 लोगों की मौत
बलिया में इस वक्त बाढ़ के कहर से जूझ रहा है। गंगा व सरयू नदी उफान पर हैं और जनपद के सैंकड़ों गांवों में जलतांडव मचा हुआ है। यह बाढ़ अब लोगों की जान ले रही है। बीते दिन यानि 17 अगस्त तक बलिया में बाढ़ से कुल 6 लोगों की मौत हो चुकी है। इन्हें डीएम अदिति सिंह के माध्यम से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है।
बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित बैरिया तहसील है यहां के ग्राम गोपालपुर, केहरपुर, कोड़हरा नौबरार, इब्राहिमाबाद नौबरार, रामपुर कोड़हरा, जगदेवा, नौरंगा, दयाछपरा, टेगरही, चांददियर, भुआल छपरा, भगवानपुर, बहुआरा, शिवपुर कपूर दियर, मुरारपट्टी, हृदयपुर, वशिष्ट नगर, गोपालनगर, शिवाल, व तहसील सदर के ग्राम कोट, मझरिया, मुड़ाडीह, बेलहरी, गंगापुर, शिवपुर दियर नम्बरी, शिवपुर दियर सोमाली, शिवपुर दियर प्रान पुर, चैनछपरा, मझौवा, वजीरापुर, माल्देपुर, हैबतपुर, खोरीपाकड़, भीमपट्टी, भेलसड़, जगदीशपुर, छोटकी नरही, धरनीपुर, रामपुर एकौना, सुजानीपुर, रेपुरा, बसारिखपाह समेत कुल 66 गांवों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।
बैरिया में बाढ़ से प्रभावित 653 परिवारों को बंधा पर विस्थापित किया गया है। जिले में कुल 606 नावों का प्रयोग बाढ़ प्रभावित इलाकों में किया जा रहा है। बैरिया तहसील एवं सदर तहसील बलिया में कुल 82000 लंच पैकेट, 1741 खाद्यान्न सामग्री का पैकेट व 3200 तिरपाल का वितरण किया गया है। बाढ़ खण्ड के अधिशासी अभियंंता संजय कुमार मिश्र ने बताया कि वर्तमान समय में बलिया-बैरिया तटबन्ध (NH -31) पूरी तरह सुरक्षित है। वहीं तहसील बांसडीह के ग्राम कोलकला, दियरभागर, कचनार, गभीरार दियरा, चकविलियम, चितबिसाव कलां, रेगहा, किर्तुपुर, पर्वतपुर, मुड़ियारी, देवरार, रामपुर नम्बरी, भोजपुरवा, खेवसड़, मनियरखास, जानपाह, सुल्तानपुर ता0 बांसडीह, चांदपुर कुल 18 गांवों में आशिक रूप पानी आ चुका है जिससे चलते लोग काफी ज्यादा परेशान हैं।
बाढ़ से निपटने प्रशासन तैनात– प्रशासन ने प्रभावित तहसीलों में कुल 39 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं और 16 राहत शिविर बनाए हैं। जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 मेडिकल टीम और 2 मोबाइल मेडिकल टीम की तैनाती की हुई है। मेडिकल टीम द्वारा 8114 व्यक्तियों का इलाज किया गया है। स्वास्थ्य एवं जीवन रक्षा हेतु दवाओं के 3078 किट का वितरण किया गया है। वहीं पशुपालन विभाग भी सक्रिय है। विभाग द्वारा 21 पशु शिविर स्थापित कर कुल 3331 पशुओं का उपचार, 5923 पशुओ का टीकाकरण तथा पशुओ के चारे के लिए 591 कुन्तल भूसे का वितरण किया गया है। बाढ़ से बचाव कार्य हेतु एक टीम एनडीआरएफ, एक टीम एसडीआरएफ और एक टीम पीएसी (जल पुलिस) की तैनाती की गई है जिनके पास 12 स्टीमर बोट हैं।
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तीन बार के विधायक उमाशंकर सिंह नहीं रहे, बलिया की राजनीति ने खोया अपना सबसे बड़ा जननेता
बलिया। रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीन बार विधायक रहे और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश में इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के निधन से पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार देर रात उनके निधन की आधिकारिक पुष्टि होते ही उनके आवास पर समर्थकों, शुभचिंतकों और क्षेत्रीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। हर ओर गम और सन्नाटा पसरा रहा।
नगरा ब्लॉक के खनवर गांव निवासी उमाशंकर सिंह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। पिछले कई महीनों से उनका इलाज चल रहा था। उनके स्वास्थ्य को लेकर लगातार चर्चाएं थीं, लेकिन बुधवार रात उनके निधन की खबर ने पूरे पूर्वांचल को स्तब्ध कर दिया।
उमाशंकर सिंह केवल एक विधायक नहीं थे, बल्कि रसड़ा की राजनीति का ऐसा चेहरा थे जिनकी पहचान पार्टी से कहीं अधिक उनके जनसंपर्क, विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों से थी। यही वजह रही कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हर दल के नेताओं ने उनके निधन को क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया।
छात्र राजनीति से विधानसभा तक का सफर
सेवानिवृत्त सैनिक घुरहू सिंह के बड़े पुत्र उमाशंकर सिंह ने छात्र राजनीति से अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया। वे सतीश चंद्र महाविद्यालय, बलिया के छात्रसंघ महामंत्री रहे। इसके बाद वर्ष 2002-03 में जिला पंचायत सदस्य चुने गए और यहीं से उनकी राजनीतिक यात्रा ने नई दिशा पकड़ी।
लगातार तीन चुनाव जीते
साल 2012 में बसपा के टिकट पर पहली बार रसड़ा विधानसभा से चुनाव लड़ते हुए उन्होंने करीब 84 हजार वोट हासिल किए और सपा प्रत्याशी सनातन पांडेय को 52,825 वोटों के बड़े अंतर से हराकर पहली बार विधायक बने।
2017 में भाजपा के पूर्व विधायक राम इकबाल सिंह को 33,885 वोटों से हराकर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे।
वहीं 2022 के चुनाव में सपा-सुभासपा गठबंधन की चुनौती के बावजूद उन्होंने सुभासपा प्रत्याशी महेंद्र चौहान को करीब 5 हजार वोटों से हराकर जीत की हैट्रिक पूरी की। बसपा के कमजोर दौर में भी उनकी यह जीत पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बनी थी।
समाजसेवा से बनाई अलग पहचान
राजनीति में आने से पहले उमाशंकर सिंह सड़क निर्माण के व्यवसाय से जुड़े रहे। विधायक बनने के बाद इस कार्य की जिम्मेदारी उनके परिवार ने संभाली। लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान समाजसेवी के रूप में रही। उन्होंने अपने जीवनकाल में 600 से अधिक निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह कराकर समाज में एक अलग मिसाल कायम की।
शोक में डूबा बलिया
उनके निधन की खबर मिलते ही रसड़ा, नगरा और पूरे बलिया जिले में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचकर अंतिम दर्शन कर रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पूर्वांचल ने आज अपना एक लोकप्रिय, जुझारू और जनसेवा के लिए समर्पित नेता खो दिया।
उमाशंकर सिंह के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि सभा के कार्यक्रम की जानकारी का इंतजार किया जा रहा है। उनका निधन केवल रसड़ा विधानसभा ही नहीं, बल्कि पूरे बलिया की राजनीति के लिए एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
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CBSE ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता में जमुना राम स्कूल की बेटियों का कमाल, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान
गोरखपुर स्थित बी.एन. पब्लिक स्कूल में 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता (सत्र 2026-27) में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की अंडर-17 बालिका हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (तृतीय स्थान) अपने नाम किया। इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ पूरे बलिया जिले का गौरव बढ़ा है।

प्रतियोगिता के दौरान टीम ने कई मजबूत विद्यालयों को कड़ी टक्कर देते हुए सेमीफाइनल तक का शानदार सफर तय किया और अंततः तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
कांस्य पदक जीतकर विद्यालय पहुंची टीम का ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और तालियों की गूंज के बीच भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि, “हमारे विद्यालय की बेटियां आज शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सीबीएसई ईस्ट जोन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतना उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। विद्यालय प्रबंधन खिलाड़ियों को भविष्य में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”
इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। खिलाड़ियों की इस सफलता से विद्यालय में उत्साह का माहौल है और अन्य छात्र-छात्राओं को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली है।
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‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जमुना राम पीजी कॉलेज में हुआ पौधरोपण, वन महोत्सव-2026 का आयोजन
बलिया। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को श्री जमुना राम पीजी कॉलेज, चितबड़ागांव में ‘वन महोत्सव-2026’ के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में आम के फलदार पौधे रोपकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, चितबड़ागांव शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक शक्ति कुमार ने पांच आम के पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मानंद, उप प्राचार्य डॉ. विपिन गुप्ता, शिक्षा संकायाध्यक्ष डॉ. उदयनारायण श्रीवास्तव, डॉ. विनोद यादव, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, बृजेश गुप्ता, आरती पांडे, मंदाकिनी सिंह, मदन सिंह सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।


