बलिया
जनपद में आग ने जमकर मचाई तबाही, दो दर्जनों परिवार का छीना आशियाना
बलिया.
कोरोना के खौफ और लॉक डाउन के बीच जनपद में आग भी जमकर ताडंव मचा रही है. पिछले 24 घंटे अलग-अलग जगहों पर हुई अगलगी में जहां दर्जनों झोपड़ियां जलकर राख हो गई. वहीं बड़े पैमाने में गेहूं की फसल को आगोश में लेकर संबंधित किसानों की कमर तोड़ दी. आग ने कटान पीड़ितों को भी नहीं बख्शा और जैसे-तैसे जिंदगी गुजार रहे बैरिया थाना क्षेत्र के दुबे छपरा ढाले पर बसे कटान पीड़ितों की झोपड़ियों में गुरुवार की शाम अज्ञात कारणों से आग लगने से दर्जनों परिवार एक बार फिर से बेघर हो गए.
आग की भेंट चढ़ी दर्जनों झोपड़ियां, आठ परिवार हुए बेघर
बांसडीह.
बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के केवरा में दोपहर में अज्ञात कारणों से लगी आग से लगभग आधा दर्जन मड़हे जलकर राख हो गए. सूचना पाकर पहुंची अग्निशमन की गाड़ी ने आग पर काबू पाया. कोतवाली क्षेत्र के केवरा गांव के हरिजन बस्ती में दोपहर लगभग एक बजे अचानक आग लग गयी. जिसमे सुदर्शन पत्नी सिंगसन, संजय पुत्र सुदर्शन, चम्पा देवी पत्नी चन्द्रदीप, सुधादेवी पत्नी धनन्जय, जेठू पुत्र रामप्रसाद की झोपड़ी जलकर राख हो गई. आग की लपटें देखकर इसकी सूचना किसी ने फायर स्टेशन को दी और अपने लोग नल से पानी लेकर आव बुझाने लगे. सूचना मिलते ही अग्निशमन की गाड़ी ने मौके पर पहुचकर आग पर काबू पाया. सूचना पर ही तुरन्त तहसीलदार गुलाबचन्द्रा भी मौके पर पहुंच कर अग्निपीड़ितों को राहत सामग्री प्रदान की. भासपा उपाध्यक्ष पुनीत पाठक भी मौके पर पहुँचकर अग्निपीड़ितों को राहत सामग्री प्रदान की. उधर कोतवाली क्षेत्र के नकहरा तिवारी में दोपहर में अज्ञात कारणों से लगी आग में लगभग आधा दर्जन रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गयी. उस समय घर के लोग खेतो में काम करने गए थे. अगलगी में सत्यनारायण राजभर, परकलिया, राधा अनिल का सारा समान जलकर राख हो गया. आग की सूचना पर तहसीलदार गुलाबचन्द्रा अपने लेखपाल के साथ मौके पर पहुंचे और अग्निपीड़ितों को जिलाधिकारी से प्राप्त राहत सामग्री प्रदान किया. इसी क्रम में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष पुनीत पाठक और आवाजे हिन्द के सुशांत राज भारत ने आटा, चावल, आदि राहत सामग्री प्रदान की.
न पहुंचा फायर ब्रिगेड न कोई जिम्मेदार अधिकारी
रामगढ़.
रेवती थाना क्षेत्र अंतर्गत नयी बस्ती दीघार में बुधवार की देर रात अज्ञात कारणों से आग लग गयी, अगलगी की इस घटना में दो परिवारों की चार रिहायशी झोपड़ियां व उसमें रखा दैनिक उपभोग के सारे सामान जलकर राख हो गयी. चीख-पुकार की आवाज सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने घंटों मशक्कत के बाद किसी प्रकार आग पर काबू पाया. सबसे पहले बालेश्वर यादव के घर से अचानक आग की लपटें उठने लगी, अभी कोई कुछ समझ पाते कि तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते बगल के दीन दयाल यादव के रिहायशी झोपड़ियों को भी अपनी आगोश में ले लिया. जिसके चलते उसमें रखा गेहूं, चावल, मसूर सहित साइकिल हजारों रुपए के सामान जलकर राख में तब्दील हो गई. अगलगी की इस घटना से दोनों परिवार कड़ाके की धूप में रहने को विवश हो गए पीड़ितों के सूचना देने के घंटों बाद भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी ही नही पहुंची और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना मुनासिब समझा.
सिवाय आंसू बहाने के नहीं कोई चारा
रामगढ़. बाढ़ कटान से बेघर होकर राष्ट्रीय राजमार्ग 31 के दुबे छपरा ढाले पर झुगी झोपड़ियों में रह रहे कटान पीड़ितों पर गुरुवार के दिन अग्निदेव ने जमकर तांडव मचाया. जिसके चलते 13 परिवार के 26 रिहायशी झोपड़ियां व उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गई. बैरिया थाना क्षेत्र के दुबे छपरा ढाले पर एनएच 31 के पटरियों पर डेरा डालकर रह रहे किशुन राम के झोपड़ी से अचानक आग की लपटें उठने लगी जब तक लोग आग पर काबू पाते तब तक आग ने विकराल रूप अख्तियार करतेहुए उदई छपरा निवासी टुनटुन तीयर, पार्वती देवी सकलदीप राम परशुराम तियर, संजीत तियर धनेजा तियर, लालू तियर, जैस तियर , नथुनि, सुनील , गुड़िया पत्नी भोला, सूरज, कंठे राम की रिहायशी झोपड़ियों को अपनी चपेट में लेकर राख कर दिया. घंटो मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड की टीम किसी प्रकार आग पर काबू पाया.
अगलगी में डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल राख
सुखपुरा.
बृहस्पतिवार को करम्मर गांव में आग लगने से लगभग डेढ़ एकड़ गेहूं की फसल जलकर बर्बाद हो गयी. बताया जाता है कि गुरुवार को करम्मर गांव के अशोक सिंह के पके हुए गेहूं के खेत में शार्ट सर्किट से आग लग गयी. जिसके कारण श्री सिंह के लगभग डेढ़ एकड़ फसल जलकर बर्बाद हो गयी. संजोग अच्छा था कि आग लगने के समय हवा का वेग बहुत ही कम था, नहीं तो सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जलकर बर्बाद हो जाति. आग लगते ही गांव के आसपास के लोग जुटकर आग पर काबू पा लिया नहीं तो आज माजरा कुछ और ही होता. खबर लिखे जाने तक कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आया था.
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
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