बलिया
बलिया के सैनिक का हार्ट अटैक से निधन, गार्ड ऑफ ऑनर से दी गई अंतिम विदाई
बलिया। हार्ट अटैक से मौत के बाद हल्दी थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी सैनिक की पार्थिव देह गृहग्राम पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों का रोते- रोते बुरा हाल था और दरवाजे पर ढांढ़स बंधाने वालों का तांता लग गया। सभी ने सैनिक को नम आंखों से श्रद्धांजलि दी।
बता दें सुल्तानपुर गांव निवासी सुजीत प्रजापति (40) पुत्र केशो प्रजापति की तैनाती जोधपुर में थी। जहां हार्ट अटैक आने के बाद साथी जवानों ने अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। और फिर आर्मी के जवान रविवार की देर शाम शव लेकर गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया।
सुजीत ने 5 जनवरी 2005 में आर्मी ज्वाइन की थी। मिलनसार प्रवृति के धनी सुजीत की असमय मौत से हर कोई मर्माहत है। पत्नी रेनू देवी, पुत्र अभय कुमार और पुत्री मुस्कान की चीत्कार से मौजूद लोगों की आंखों का कोर भींग गया था। जवान का अंतिम संस्कार गंगा नदी के पचरुखियां घाट पर सम्मान के साथ हुआ। साथी जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर से अंतिम विदाई दी।
बलिया
Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured3 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


