बलिया
बिजली विभाग की सख्तीः कम वसूली पर अधिकारियों को नोटिस और बकायेदारों के खिलाफ आरसी जारी
बलिया का विद्युत विभाग घाटे में चल रहा है। कई बकायेदारों पर करोड़ों का बिजली बिल बकाया है। तमाम प्रयासों के बावजूद अधिकांश विद्युत बकायेदार धनराशि जमा नहीं कर रहे हैं। सरकार ने सुविधा देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू किया फिर भी बकाएदारों ने रुचि नहीं ली। जिसके बाद अब विभाग ने बकायेदारों के साथ ही अधिकारियों पर भी कार्यवाही शुरु कर दी है।
एकमुश्त समाधान योजना में कम बिल वसूली को लेकर अधिशासी अभियंता अवधेश शुक्ल ने अवर अभियंता आनंद बिंद व एसडीओ एके वर्मा के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। बिल वसूली में सबसे ज्यादा खराब स्थिति रेवती की है। जहां रेवती नगर पंचायत के उपभोक्ताओं पर ही बिजली बिल का 14 करोड़ रुपये का बकाया है। इसके एवज में विभाग अब तक मात्र 38 लाख रुपये की ही वसूली कर सका है।
विभाग की कमजोर कार्यवाही के चलते बकायादार बिल भरने को तैयार नहीं हैं। पूरे जिले की बात करें तो विद्युत विभाग का 300 करोड़ से अधिक का बकाया 255952 बकायेदारों के यहां है। हालांकि अब तक केवल 21559 बकायेदारों ने ही बकाया जमा किया है। बकायेदारों से बिजली बिल वसूलने सरकार ने एकमुश्त समाधान योजना लागू की और सितंबर महीने तक के बकाये पर घरेलू, निजी नलकूप व कामर्शियल उपभोक्ताओं को अलग-अलग सरचार्ज में छूट देने की व्यवस्था की।
पहले 30 नवंबर तक समय सीमा थी जिसे अब बढ़ा कर 15 दिसंबर तक कर दिया गया लेकिन फिर भी बकायेदार बिल भरने आगे नहीं आ रहे हैं। जिसको लेकर अब विभाग ने एक लाख से अधिक के बकायेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता की मानें तो एक लाख से अधिक वाले क्षेत्र के कुल 293 बकायेदारों से 3.98 करोड़ की वसूली के लिए आरसी जारी कर जिला प्रशासन को भेजा गया है। अब जिला प्रशासन की ओर से इन बकायेदारों की वसूली कराई जाएगी। बताया कि जो भी बकायेदार एकमुश्त समाधान योजना में शामिल नहीं होंगे उनसे वसूली के लिए आरसी जारी की जाएगी।
वहीं उपभोक्ताओं ने बिजली विभाग को ही गलत ठहरा दिया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिजली विभाग की गलत बिलिंग के कारण ही बकाया का आंकड़ा अधिक हो गया है। उनके अनुसार उच्च न्यायालय ने बिल को ठीक कराने का स्पष्ट आदेश दिया था। इसके बावजूद विभाग ने कोई पहल नहीं की। इसे लेकर नगर पंचरायत के अतुल पांडे बबलू ने बकायदा याचिका भी दायर की है।
बता दें कि बबलू के अनुसार चार दशक से टाऊन एरिया को ग्रामीण रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति दी जा रही है। जबकि बिल की वसूली शहरी दर से हो रही है। शहरी व ग्रामीण बिलिंग में पहले 50 से 100 रुपए का अंतर था। अब यह 500 से 1000 रुपए हो गया है। कहा कि न्यायालय की ओर से तय समय सीमा में भी विभाग ने बिल को दुरूस्त नहीं किया। यदि कोर्ट के आदेश के तहत बिल संशोधन कर दिया जाय तो उपभोक्ताओं का बकाया या तो शून्य हो जाएगा या बेहद कम रह जाएगा। बबलू का कहना है कि विभाग रिट करने वालों में शामिल 29 उपभोक्ताओं का ही बिल ठीक करने को तैयार है। शेष उपभोक्ताओं के बिल संसोधन से विभाग कन्नी काट रहा है। यह कोर्ट के आदेश की अवमानना है।
वहीं रेवती के विद्युत उपकेंद्र अवर अभियंता आनंद बिंद का कहना है कि रेवती नगर पंचायत क्षेत्र में 262 लोगों को ओटीएस हुआ है। फसल चौपट होने के चलते लोग विद्युत बिल जमा करने में रूचि नहीं ले रहे हैं। कोर्ट प्रकरण का मामला अधिकारियो के संज्ञान में है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
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