बलिया
कानूनी पचड़े में फंसे पवन सिंह, पत्नी की शिकायत पर मिला बलिया कोर्ट का नोटिस
बलिया। भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने अभिनेता और गायक पवन सिंह कानूनी पचड़े में फंसते जा रहे हैं। बलिया की पारिवारिक कोर्ट में भोजपुरी फिल्म अभिनेता पवन सिंह के खिलाफ उनकी दूसरी पत्नी ज्योति सिंह ने भरण-पोषण के लिए मुकदमा दायर किया था। जिस पर अदालत ने पवन सिंह को 5 नवंबर को तलब करते हुए अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया है।
कोर्ट ने चौथी बार किया तलब- भोजपुरी गायक और फिल्म स्टार पवन सिंह की दूसरी पत्नी ज्योति सिंह से तलाक का मामला बलिया जिले के परिवार कोर्ट में है। ज्योति के अधिवक्ता के मुताबिक 22 अप्रैल को अर्जी दाखिल होने के बाद कोर्ट ने 2 जून को पवन सिंह को हाजिर होने के लिए नोटिस जारी किया था। लेकिन वह निर्धारित तिथि पर नहीं कोर्ट में नहीं आए।
सिर्फ इतना ही नहीं, उन्हें 7 जुलाई और 1 अगस्त को भी नोटिस जारी किया था लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुए थे। अब चौथी बार 5 नवंबर की तिथि निर्धारित की गई है। 5 नवंबर को ही पवन सिंह को भरौली में आयोजित गड़हा महोत्सव में कार्यक्रम भी पेश करना है। अदालती मामला सामने आने के बाद से कार्यक्रम के आयोजक और पवन सिंह को चाहने वाले सकते में हैं।
काफी चर्चा में रही शादी- 6 मार्च 2018 को भोजपुरी के स्टार कलाकार पवन सिंह ने बलिया के मिड्ढ़ी निवासी रामबाबू सिंह की पुत्री ज्योति सिंह से परिणय सूत्र में बंधे थे। शादी समारोह जिला मुख्यालय से करीब 15 किमी दूर चितबड़ागांव के शंकर होटल में हुई थी। तब पवन सिंह शहर में कई दिनों तक रुके थे। शादी को लेकर तब काफी चर्चा थी।
दोनों के बीच के रिश्तों की दरार तब बाहर आई जब पवन ने बिहार के आरा स्थित पारिवारिक कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की। इसके बाद ज्योति ने 22 अप्रैल 2022 को बलिया परिवार न्यायालय में भरण-पोषण की अर्जी दाखिल कर दिया।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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