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बलिया में अस्पताल के बाहर मिला 10 साल से लापता शख्स, भावुक कर देगा ये वीडियो
बलिया में हैरान कर देने मामला सामने आया है। यहां 1 महिला का पति 10 साल बाद जिला अस्पताल के बाहर मिला। सालों से लापता पति से दोबारा मिल कर पत्नी की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
ये सच्ची काहानी हर किसी को भावुक कर रही है। बताया जा रहा है कि महिला इलाज कराने के लिए अस्पताल आई थी। तभी अस्पताल के बाहर एक आदमी पर उस महिला की निगाह गई। उसने पास से आदमी को देखा तो उसकी आंखों से आंसू गिरने लगे। व्यक्ति मानसिक रूप से विक्षिप्त है, जिसके बाल और दाढ़ी बढ़े हुए हैं। महिला उससे बात करने लगी।
https://www.facebook.com/balliakhabar/videos/1344113386177155
महिला ने अपने रिश्तेदार को फोन लगाया और कहा कि एक कुर्ता ले आओ। पापा मिले हैं और उनके शरीर पर कपड़ा नहीं है। जल्दी से मर्दानी अस्पातल के गेट पर कपड़ा लेकर आओ। इतने में आस पास के लोगों ने उससे पूछा तो उसने कहा कि ये उसका पति है।
पत्नी ने जमीन पर बैठकर पति को कपड़ों से ढका। उसके बाल बनाए और उससे हाल चाल पूछती रही। व्यक्ति को देखते ही महिला रो पड़ी और उसके पास बैठकर उससे बात करने लगी। आस पास के लोग सन्न रह गए। महिला ने किसी को फोन मिलाया और कहा कि एक कुर्ता लेते आओ। पापा मिले हैं, उनके शरीर पर कपड़ा नहीं है।
महिला बार बार बोल रही थी कि उसके पति 10 साल पहले लापता हो गए थे। वह कहां पर थे, इसकी जानकारी नहीं है। कुछ देर बाद एक युवक आया। मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को अपना पति बता रही महिला उसे अपने साथ लेकर घर चली जाती है।
इस बारे में युवा समाज सेवी सागर सिंह राहुल ने बताया कि अस्पताल के पास तो मैं मौजूद नहीं था। लेकिन मेरे कार्यकर्ता ने ये पूरा मामला बताया है। उस महिला की तलाश की जा रही है, ताकि उसकी मदद की जा सके। उसके पति की मदद की जा सके।
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UGC के ‘Equity Rules’ में स्पष्टता व संतुलन की मांग, बलिया के भानु प्रकाश सिंह ने चेयरमैन को लिखा पत्र
बलिया। ध्रुवजी सिंह स्मृति सेवा संस्थान, पूर-बलिया के सचिव भानु प्रकाश सिंह ‘बबलू’ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन डॉ. विनीत जोशी को पत्र भेजकर यूजीसी विनियम, 2026 में आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधार की मांग की है। उन्होंने पत्र की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री को भी भेजते हुए इस विषय पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई की आवश्यकता जताई है।
भानु प्रकाश सिंह ने यूजीसी विनियमों के उद्देश्य को सराहनीय बताते हुए कहा कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संविधान के अनुच्छेद 14, 15(1) एवं 21 तथा नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप संतुलित, स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने समता समिति के गठन, उसकी संरचना और निर्णय प्रक्रिया में पारदर्शिता, संतुलन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए ठोस दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की।
शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समान मानक कार्य-प्रणाली (एसओपी) तय करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केवल आरोप के आधार पर कठोर कार्रवाई न्यायसंगत नहीं है। किसी भी दंडात्मक कदम से पूर्व प्रथम दृष्टया जांच आवश्यक होनी चाहिए। साथ ही झूठी या दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी स्पष्ट प्रावधान किए जाने की मांग की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा संस्थानों में नियमों का पालन सहयोग, मार्गदर्शन और न्याय की भावना पर आधारित होना चाहिए, न कि पुलिसिंग या अत्यधिक निगरानी जैसा वातावरण बनाकर। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा को शोध और नवाचार का मजबूत केंद्र बनाने के लिए रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर के सुदृढ़ीकरण, साझा प्रयोगशालाओं की स्थापना, उद्योग-सहयोग, स्टार्टअप को बढ़ावा देने और पेटेंट संस्कृति को प्राथमिकता देने का भी सुझाव दिया।
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BHU छात्र नेता योगेश योगी के प्रयास से एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को मिली मंजूरी!
बलिया। फेफना जंक्शन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को लेकर क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। बीएचयू छात्र नेता योगेश योगी के लगातार प्रयास और पहल से रेलवे ने एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव को स्वीकृति दे दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 16 जनवरी से इन ट्रेनों का फेफना स्टेशन पर ठहराव शुरू हो जाएगा। इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश सरकार के आयुष मंत्री दयानंद मिश्रा ‘दयालु’ को दिया जा रहा है,
छात्र नेता योगेश योगी ने यात्रियों, छात्रों और आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के समक्ष लगातार मांग उठाई थी। उनके प्रयासों के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ट्रेन ठहराव से विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और इलाज के लिए बाहर जाने वाले मरीजों को सुविधा होगी। स्थानीय लोगों ने इसे जनहित में लिया गया निर्णय बताते हुए योगेश योगी के प्रति आभार जताया है।
योगेश योगी ने कहा कि यह केवल शुरुआत है, आगे भी क्षेत्र और छात्रों के हित में संघर्ष जारी रहेगा।
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