Connect with us

फेफना

मंत्री उपेंद्र तिवारी ने साढ़े 4 साल की उपलब्धियां गिनाई, फेफना में ओपन जिम बनाने का वादा!

Published

on

बलिया: राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उपेंद्र तिवारी ने राज्य सरकार की साढ़े चार वर्ष की उपलब्धियों को गिनाया। फेफना विधानसभा क्षेत्र के खासकर सोहांव व गड़वार व हनुमानगंज ब्लॉक में विभिन्न योजनाओं के जरिए लोगों के जीवन स्तर में आए बदलाव व खुशहाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद तीन माह, छह माह व वर्षवार रिपोर्ट कार्ड देने की व्यवस्था शुरू हुई। राज्य सरकार ने भी हर वर्ष अपना रिपोर्ट कार्ड दिया। सड़क, शिक्षा, सुरक्षा, गरीबों को आवास, शौचालय, गरीबों को पारदर्शिता के साथ राशन वितरण, निर्बाध बिजली आपूर्ति सहित हर क्षेत्र में योगी सरकार ने बेहतर कार्य करके लोगों का विश्वास जीता है।उज्ज्वला योजना के जरिए निःशुल्क गैस कनेक्शन, निःशुल्क बिजली कनेक्शन, बेहतर आपूर्ति व जर्जर तार बदलने का काम हुआ। आने वाले समय में गांवों में भी 24 घण्टे बिजली देने की योजना है। किसान सम्मान निधि के जरिए किसानों को राहत दी। स्वास्थ्य सुविधाओं को देखा जाए तो बलिया ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बन गया है। योगी सरकार में यहां वेंटिलेटर चालू हुआ। अस्पतालों पर व्यवस्था बेहतर हुई। आने वाले समय में फेफना विधानसभा क्षेत्र की तीनों सीएचसी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस होगी। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को विभिन्न गम्भीर बीमारियों में सरकार की ओर से मिलने वाले मदद प्रक्रिया की जानकारी दी। साथ ही गरीब जनता के निःशुल्क इलाज के रूप में की गई मदद का व्योरा भी दिया।

सड़क व पुल के जरिए सुगम हुआ आवागमन

मंत्री ने कहा कि विस फेफना में तमाम ऐसे कार्य हुए, जो पहले हुए ही नहीं थे। जर्जर सड़कों को बेहतर कराकर व पुल बनवाकर सुगम आवागमन सुनिश्चित किया गया। सागरपाली से बैरिया तक बंधे वाली सड़क का उच्चीकरण कार्य स्वीकृत कराया। बहुत जल्द यह कार्य हो जाएगा। नरहीं से कामेश्वर धाम (कारो) तक 12 करोड़ की लागत से चौड़ीकरण कार्य हो रहा है, जिसका लोकार्पण जल्द होगा। बड़का खेत से कथरिया तक 24 करोड़ की लागत से सड़क का उच्चीकरण व चौड़ीकरण कार्य स्वीकृत है, जिसका निर्माण जल्द शुरू होगा। चितबड़ागांव-कोपवां को जोड़ने वाले पुल का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है। कोट मझरिया-रामपुर चिट को जोड़ने वाला पुल भी बनने वाला है। फेफना की तमाम सड़कें बन रही है। इसके बाद भी कोई सड़क बच जाएगी तो वह नवम्बर महीने में डिप्टी सीएम केशव मौर्य के कार्यक्रम में घोषणा पश्चात निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।

बाढ़-कटान से राहत दिलाने को पारदर्शी ढंग से हुआ कार्य

बाढ़ के दिनों में कटान से निजात दिलाने को सरकार कटिबद्ध है। इसके लिए योगी सरकार में जो धन आया उससे पारदर्शी तरीके से कार्य हुआ। राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर हुआ। उन्होंने कहा कि योगी सरकार में पारदर्शी तरीके से प्रक्रिया अपनाते हुए नौकरियां दी गई। कहीं कोई शिकायत का मौका ही नहीं दिया गया।

विस फेफना में 100 से अधिक ओपन जिम बनेगा

मंत्री श्री तिवारी ने कहा कि फेफना क्षेत्र में लगभग सौ के आसपास ओपन जिम बनाने की सोच है। खेल मंत्री होने के नाते यह कार्य मेरी प्राथमिकता पर है। अब मेरे विधानसभा क्षेत्र में नौजवान बांस की बल्ली व जुगाड़ के सहारे नहीं, बल्कि ओपन जिम के आधुनिक संसाधनों से अपनी फिटनेस कायम रखेंगे। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 41 मिनी स्टेडियम बनाने का काम हो रहा है। प्रदेश में दो हजार से ऊपर खेल मैदान बनकर तैयार है। हर ब्लॉक में कम से कम 10 खेल मैदान हो, यह हमारा प्रयास है।

शुद्ध पेयजल की सप्लाई पर सरकार कर रही काम

राज्यमंत्री श्री तिवारी ने कहा कि आर्सेनिक प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति पर भी सरकार काम कर रही है। जिले में पांच सौ करोड़ के आसपास के चार बड़े प्रोजेक्ट बने है, जिसके माध्यम से गंगा व सरयू नदी जल को रिफाइन कर घर-घर शुद्ध जल की सप्लाई देने की योजना है।

बुढ़ापे में सहारा बनेगी ‘वयो-श्री योजना’

मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना (वयोवृद्ध योजना) पूर्वांचल के लिए अनोखी योजना है। बुढ़ापे में जिंदगी काटने के लिए जिस सामान (कान की मशीन, चश्मा, दांत, छड़ी, वाकर, व्हील चेयर, कम्बोर्ड शौचालय सहित कुल 28 आइटम) की जरूरत होगी, इस योजना के तहत सरकार निःशुल्क देगी। नवम्बर माह में फेफना के विभिन्न इलाकों में कैंप लगाकर चिन्हांकन किया जाएगा।आवास, शौचालय सहित कई कार्यों का दिया तुलनात्मक व्यौरा

मंत्री ने कहा कि अभियान चलाकर आवास, शौचालय व विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया गया। जो काम 68 साल में नहीं हुआ, साढ़े चार वर्षों में करके दिखाया। योगी सरकार बनने से पहले तक कुल मिलाकर 1365 लाभार्थियों को आवास मिला था। वहीं, साढ़े चार साल में सिर्फ फेफना विधानसभा के 5990 गरीबों को पीएम आवास योजना का लाभ मिला। मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 224 आवास बने। स्वयं सहायता समूहों का गठन बढ़ाकर हजारों परिवार, खासकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास हुआ। प्रेसवार्ता के दौरान एसडीएम सदर जुनैद अहमद, डीडीओ राजित राम मिश्र मौजूद थे।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

धूप में पसीने से तरबतर एक डॉक्टर! बलिया को सुषमा शेखर जैसे नेताओं की ज़रूरत क्यों है?

Published

on

सियासत में बड़े नामों की कोई कमी नहीं है। मंचों पर भाषण देने वाले नेता भी बहुत हैं और सोशल मीडिया पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने वाले चेहरे भी। लेकिन कभी-कभी कुछ नज़ारे ऐसे सामने आते हैं जो राजनीति की पारंपरिक तस्वीर से बिल्कुल अलग दिखाई देते हैं। वे केवल एक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि एक संदेश बन जाते हैं। बलिया में पूर्व प्रधानमंत्री एवं जननायक चंद्रशेखर की जन्मशताब्दी वर्ष पर शुरू हुआ तीन दिवसीय फ्री मेडिकल कैंप ऐसा ही एक नज़ारा लेकर आया।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की पुत्रवधू, वरिष्ठ चिकित्सक एवं राज्यसभा सांसद नीरज शेखर की पत्नी डॉ. सुषमा शेखर के नेतृत्व में शुरू हुए इस स्वास्थ्य अभियान के पहले दिन एक हजार से अधिक मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। वाराणसी और लखनऊ से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों ने निःशुल्क परामर्श दिया और दवाएं वितरित कीं। लेकिन इस पूरे आयोजन की सबसे बड़ी चर्चा डॉक्टरों की संख्या या मरीजों की भीड़ नहीं रही, बल्कि स्वयं डॉ. सुषमा शेखर की सक्रियता रही।

तेज धूप थी। उमस इतनी कि कुछ मिनट खड़ा रहना भी मुश्किल था। लेकिन डॉ. सुषमा शेखर लगातार मरीजों के बीच मौजूद रहीं। वे केवल मंच पर बैठी अतिथि नहीं थीं, बल्कि व्यवस्था संभाल रही थीं, मरीजों से बातचीत कर रही थीं, कई लोगों का स्वयं ब्लड प्रेशर (बीपी) जांच रही थीं, दवाइयों के वितरण पर नजर रख रही थीं और यह सुनिश्चित कर रही थीं कि कोई भी जरूरतमंद बिना इलाज के वापस न लौटे। उनके कपड़े पसीने से भीग चुके थे, लेकिन सेवा का उनका उत्साह कम नहीं हुआ।

शायद ही कभी ऐसा दृश्य देखने को मिलता हो कि देश के एक पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार का कोई सदस्य स्वयं घंटों तक आम मरीजों के बीच खड़ा होकर स्वास्थ्य शिविर में इस तरह सक्रिय भूमिका निभा रहा हो। आमतौर पर बड़े राजनीतिक परिवारों के कार्यक्रम औपचारिकता तक सीमित दिखाई देते हैं, लेकिन यहां तस्वीर कुछ अलग थी। यहां सेवा केवल भाषण का विषय नहीं थी, बल्कि जमीन पर दिखाई दे रही थी।

यह भी उल्लेखनीय है कि डॉ. सुषमा शेखर केवल एक राजनीतिक परिवार का हिस्सा नहीं हैं। वे स्वयं एक वरिष्ठ चिकित्सक हैं। यही कारण है कि मरीजों के प्रति उनका व्यवहार किसी राजनीतिक औपचारिकता से अधिक एक डॉक्टर की संवेदनशीलता को दर्शाता है। चिकित्सा सेवा से जुड़े होने के कारण वे लोगों की जरूरतों को नजदीक से समझती हैं और शायद यही अनुभव इस पूरे अभियान में दिखाई दिया।

यह स्वास्थ्य शिविर केवल एक दिन का आयोजन नहीं है। 26 से 28 जून तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तीन दिनों तक यह अभियान चलेगा। हजारों लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क जांच, परामर्श और दवाओं का लाभ मिलेगा। यदि इस तरह के प्रयास नियमित रूप से होते रहें, तो ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी काफी हद तक दूर की जा सकती है।

पिछले कुछ समय से फेफना विधानसभा क्षेत्र में डॉ. सुषमा शेखर की सक्रियता को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी हो रही हैं। उन्हें संभावित दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। उम्मीदवार कौन होगा, इसका निर्णय राजनीतिक दल करते हैं, लेकिन लोकतंत्र में जनता का आकलन भी कम महत्वपूर्ण नहीं होता।

यदि राजनीति में ऐसे लोग आगे आएं जिनकी पहचान केवल भाषणों से नहीं बल्कि सेवा, शिक्षा और समाज के प्रति संवेदनशीलता से हो, तो निश्चित रूप से लोकतंत्र और मजबूत होगा। एक डॉक्टर जब जनप्रतिनिधि बनता है, तो वह केवल विकास योजनाओं की नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवीय जरूरतों की भाषा भी समझता है।

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर हमेशा राजनीति को जनसेवा का माध्यम मानते थे। उनकी जन्मशताब्दी वर्ष में आयोजित यह स्वास्थ्य अभियान उसी विचार की एक झलक देता है। किसी भी महान नेता को सच्ची श्रद्धांजलि केवल माल्यार्पण से नहीं, बल्कि उनके विचारों को व्यवहार में उतारकर दी जाती है।

यह संपादकीय किसी राजनीतिक समर्थन या विरोध का नहीं, बल्कि एक सकारात्मक पहल की सराहना का प्रयास है। क्योंकि जब कोई व्यक्ति बिना किसी सरकारी पद के, धूप की परवाह किए बिना, हजारों मरीजों के बीच खड़ा होकर सेवा करता है, तो वह दृश्य उम्मीद जगाता है।

शायद राजनीति की सबसे बड़ी ताकत भी यही है जब सत्ता की इच्छा से पहले सेवा का संस्कार दिखाई दे। और यदि जनप्रतिनिधित्व की कसौटी सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण हो, तो ऐसे चेहरों पर समाज का ध्यान जाना स्वाभाविक है।

Continue Reading

फेफना

उत्सर्ग व गोंदिया एक्सप्रेस ठहराव पर खुशी, लंबित मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

Published

on

फेफना (बलिया)। क्षेत्रीय संघर्ष समिति फेफना के नेतृत्व में शुक्रवार को क्षेत्रवासियों ने रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन स्टेशन मास्टर को सौंपा। इस दौरान उत्सर्ग एक्सप्रेस एवं गोंदिया एक्सप्रेस के फेफना में ठहराव सुनिश्चित होने पर मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की गई। इससे पूर्व समिति के सदस्यों ने नारेबाजी करते हुए फेफना बाजार में जुलूस निकाला।

समिति संयोजक जनार्दन सिंह ने बताया कि एक अगस्त 2024 से शुरू रेल आंदोलन 10 सितंबर 2024 को समझौते के बाद समाप्त हुआ था, जिसके तहत दो ट्रेनों का ठहराव तो मिला, लेकिन अन्य मांगें अब भी लंबित हैं। उन्होंने प्लेटफॉर्म नंबर एक के बाहर टिकट खिड़की व यात्री प्रतीक्षालय निर्माण, जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण, स्टेशन से बाजार के रास्ते खोलने, फेफना-गढ़वार रेलवे क्रॉसिंग पर उपरिगामी सेतु निर्माण तथा कोरोना पूर्व रुकने वाली ट्रेनों के पुनः ठहराव की मांग की।

इस अवसर पर प्रभुनाथ पहलवान, राजेश गुप्त, सतीश उपाध्याय, योगेश योगी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Continue Reading

featured

Photos- जमुना राम मेमोरियल स्कूल में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास से संपन्न

Published

on

26 जनवरी 2026 को जमुना राम मेमोरियल स्कूल के प्रांगण में 76वां गणतंत्र दिवस समारोह बड़े हर्षोल्लास, उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित अतिथियों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजा एवं ध्वजारोहण के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने अनुशासित मार्च-पास्ट के माध्यम से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने ध्वजारोहण किया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, समानता एवं मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए संविधान में निहित प्रावधानों का पालन करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सेना से सेवानिवृत्त महानुभूतियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह की गरिमा और भी बढ़ गई।

कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति गीतों ने सभी को भावविभोर कर दिया। हरियाणवी नृत्य, “मां से ही माटी” थीम पर आधारित प्रस्तुति, “पधारो मारे देश”, कव्वाली, उत्तर-पूर्व भारत का प्रसिद्ध बिहू नृत्य तथा योग प्रदर्शन को दर्शकों ने खूब सराहा। गरबा और भांगड़ा नृत्य भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “वराह रूपम” नृत्य एवं कथकली प्रस्तुति रही, जिसने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। संस्था के निदेशक तुषार नंद जी एवं सौम्या प्रसाद जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संविधान में निहित मौलिक अधिकारों, कर्तव्यों एवं समानता के सिद्धांतों पर आधारित समाज के निर्माण से ही भारत को विश्वगुरु बनाने का सपना साकार हो सकता है।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य अजीत कुमार सिंह ने सभी आगंतुकों, अतिथियों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की सफलता में कोऑर्डिनेटर नीतू मिश्रा एवं अरविंद चौबे की विशेष सहभागिता रही।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!