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बलिया में सैद्धांतिक सहमति से बनेगा मेडिकल कॉलेज, मंत्री जी सैद्धांतिक इलाज़ कैसे होगा?
उत्तर प्रदेश विधानसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है. उसी विधानसभा में बलिया से चुनकर जनता ने 7 विधायक चुन कर भेजे हैं. जिनमें 2 विधायक सत्ता पक्ष में बैठते हैं. जबकि 5 विधायक विपक्षी खेमे में बैठते हैं. यानी ये 5 विधायक सरकार से सवाल पूछने की स्थिति में होते हैं. रसड़ा सीट से बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमाशंकर सिंह ने आज बलिया में मेडिकल कॉलेज का सवाल विधानसभा में उठाया. जिसके जवाब में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सैद्धांतिक सहमति का राग अलापा. जिसके बाद ज़िले के लोग उक्ताए हुए हैं कि आखिर सैद्धांतिक सहमति जमीन पर व्यवहारिक सहमति का रूप कब लेगी?
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र में सरकार से विपक्ष सवाल पूछ रहा है. कुछ सवाल सरकार टरका रही है तो कुछ के जवाब भी दे रही है. शुरुआती सत्रों में अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर खूब सवाल उठाए. कानून व्यवस्था से लेकर स्वास्थ्य तक पर प्रश्न किए. प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने अंदाज़ में जवाब भी दिया. लेकिन हम यहां उनकी बात नहीं करेंगे. हम उस वक्त की बात करेंगे जब बात बलिया की हुई.
बलिया ज़िले के रसड़ा सीट से विधायक हैं उमाशंकर सिंह. बसपा के नेता हैं. उन्होंने बलिया में मेडिकल कब तक बनेगा, ये सवाल संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना से पूछा. उमाशंकर सिंह ने कहा कि “2019 से ही हम सुनते आ रहे हैं कि बलिया में मेडिकल कॉलेज बनेगा. लेकिन अब तक कुछ हुआ नहीं. संसदीय कार्य मंत्री आज खुले हुए मन से दिख रहे हैं. तो क्यों ना आज एक निर्धारित तिथि बता दें कि कब तक ये मेडिकल कॉलेज बनेगा.” उमाशंकर सिंह सवाल पूछकर बैठे ही थे कि सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री और वरिष्ठ विधायक सुरेश खन्ना उठे. उन्होंने कहा कि, “बलिया में मेडिकल कॉलेज को सैद्धांतिक सहमति हम दें चुके हैं. लेकिन वहां जमीन की दिक्कत है. ये बात आप भी (उमाशंकर सिंह की ओर इशारा करते हुए) जानते हैं.”
बलिया में मेडिकल कॉलेज के विधायक उमाशंकर सिंह के सवाल पर विधानसभा में क्या जवाब आया? खुद ही सुन लीजिए। #Ballia pic.twitter.com/tKufbaskyO
— Ballia Khabar बलिया ख़बर (@BalliaKhabar) September 22, 2022
सुरेश खन्ना ने कहा कि “2020 से ही सरकार की सहमति है. कहा भी गया है कि पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनेगा. तो बनेगा ही. लेकिन जमीन की दिक्कत है.” अब दो सवाल है कि आखिर सरकार को ज़िले में जमीन क्यों नहीं मिल रही है? दूसरा सवाल जो ज्यादा जरूरी है कि आखिर सैद्धांतिक सहमति क्या चीज़ होती है? क्या इसका अर्थ ये है कि मेडिकल कॉलेज बनेगा इस नाम पर सरकार समय काटते रहे? क्या ये सहमति इस बात को दिखाने का सलिका है कि सरकार ज़िले के लिए बहुत कुछ कर रही है?
पीपीपी मॉडल की घोषणा और जमीन की खोज:
योगी सरकार के कई संकल्पों में एक ये भी है कि हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इसे लेकर सरकार की ओर से ऐलान किया गया था कि प्रदेश के 16 ज़िलों में पीपीपी मॉडल के आधार पर मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे. इन 16 ज़िलों में बलिया का भी नाम शुमार है. 20 मार्च, 2022 को दैनिक जागरण में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ से एक टीम आई थी. जो इस काम के लिए जमीन का निरीक्षण कर के गई. लेकिन निरीक्षण के दौरान कोई जमीन तय नहीं हो सकी.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बड़ा दिल दिखाते हुए ये बयान दिया था कि अगर सरकार मेडिकल कॉलेज बनाना चाहती है और जमीन की दिक्कत है तो वो खुद जमीन उपलब्ध करा देंगे. उन्हीं विधायक उमाशंकर सिंह के सवाल पर सुरेश खन्ना ने विधानसभा में सैद्धांतिक सहमति की बात कह दी.
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CBSE ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता में जमुना राम स्कूल की बेटियों का कमाल, कांस्य पदक जीतकर बढ़ाया मान
गोरखपुर स्थित बी.एन. पब्लिक स्कूल में 31 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन हॉकी प्रतियोगिता (सत्र 2026-27) में जमुना राम मेमोरियल स्कूल, चितबड़ागांव (बलिया) की अंडर-17 बालिका हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक (तृतीय स्थान) अपने नाम किया। इस उपलब्धि से विद्यालय के साथ-साथ पूरे बलिया जिले का गौरव बढ़ा है।

प्रतियोगिता के दौरान टीम ने कई मजबूत विद्यालयों को कड़ी टक्कर देते हुए सेमीफाइनल तक का शानदार सफर तय किया और अंततः तीसरा स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
कांस्य पदक जीतकर विद्यालय पहुंची टीम का ढोल-नगाड़ों, पुष्प वर्षा और तालियों की गूंज के बीच भव्य स्वागत किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित सम्मान समारोह में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि, “हमारे विद्यालय की बेटियां आज शिक्षा के साथ-साथ खेल के क्षेत्र में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। सीबीएसई ईस्ट जोन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतना उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। विद्यालय प्रबंधन खिलाड़ियों को भविष्य में भी विश्वस्तरीय सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”
इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार, अभिभावकों और क्षेत्रवासियों ने टीम को शुभकामनाएं देते हुए इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। खिलाड़ियों की इस सफलता से विद्यालय में उत्साह का माहौल है और अन्य छात्र-छात्राओं को भी खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली है।
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‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत जमुना राम पीजी कॉलेज में हुआ पौधरोपण, वन महोत्सव-2026 का आयोजन
बलिया। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को श्री जमुना राम पीजी कॉलेज, चितबड़ागांव में ‘वन महोत्सव-2026’ के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में आम के फलदार पौधे रोपकर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, चितबड़ागांव शाखा के वरिष्ठ शाखा प्रबंधक शक्ति कुमार ने पांच आम के पौधे लगाकर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रो. धर्मात्मानंद, उप प्राचार्य डॉ. विपिन गुप्ता, शिक्षा संकायाध्यक्ष डॉ. उदयनारायण श्रीवास्तव, डॉ. विनोद यादव, डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. आशुतोष उपाध्याय, बृजेश गुप्ता, आरती पांडे, मंदाकिनी सिंह, मदन सिंह सहित महाविद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।
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आवास योजना में लापरवाही पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश
बलिया। जिले में राजस्व और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाया। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने भूमि आवंटन और आवासीय पट्टा वितरण में खराब प्रगति पर सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) का वेतन रोकने के आदेश दिए। साथ ही लंबित राजस्व वादों के 15 दिनों के भीतर निस्तारण और 90 दिन से अधिक पुराने मामलों को मिशन मोड में खत्म करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों से जुड़े 25 महत्वपूर्ण एजेंडों की समीक्षा करते हुए आईजीआरएस, डिजिटल क्रॉप सर्वे, स्वामित्व योजना, अंश निर्धारण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, भूमि आवंटन, मत्स्य पट्टा, चकबंदी, बाढ़ प्रबंधन और अन्य राजस्व मामलों की प्रगति पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया।
उन्होंने आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। स्वामित्व योजना के तहत लक्ष्य के सापेक्ष 1,286 गांवों में सर्वे कार्य शेष रहने पर नाराजगी जताते हुए सभी एसडीएम को अभियान चलाकर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
आगामी बाढ़ को देखते हुए डीएम ने रेड जोन के गांवों की पहचान, नावों की उपलब्धता, मेडिकल कैंप, पशुओं के चारे, राहत सामग्री और कंट्रोल रूम की अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने 183 संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों के लिए समुचित तैयारी रखने को भी कहा।
राजस्व वादों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने धारा 24, 33, 34, 67 और 116 से संबंधित लंबित मामलों की स्थिति जानी और निर्देश दिया कि सभी लंबित वादों का 15 दिनों के भीतर निस्तारण किया जाए। 90 दिन से अधिक पुराने मामलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर मिशन मोड में कार्रवाई करने को कहा।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सभी तहसीलों में 16 प्रकरण लंबित मिलने पर उन्होंने संबंधित लेखपालों और कानूनगो के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
भूमि आवंटन की समीक्षा में रसड़ा, सिकंदरपुर और बैरिया तहसीलों में कृषि पट्टों का आवंटन नहीं होने पर 10 दिन के भीतर कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। वहीं आवासीय पट्टा वितरण में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर सभी एसडीएम का वेतन रोकने के आदेश जारी किए।
मत्स्य पालन के लिए पट्टा आवंटन में बांसडीह, बलिया सदर और बैरिया तहसीलों की खराब प्रगति पर संबंधित तहसीलदारों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं चकबंदी विभाग में 4,969 मुकदमे लंबित मिलने पर संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने और पांच वर्ष से अधिक पुराने मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में अन्नपूर्णा भवनों के उद्घाटन, सस्ता गल्ला दुकानों के चयन, अवैध खनन पर कार्रवाई, भूमि अधिग्रहण, नदी कटान निरोधक कार्य, गंगा ऑडिटोरियम के जीर्णोद्धार, एसटीपी परियोजना तथा अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी गुलशन जी, सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


