बलिया
लॉकडाउन 5 हो रहा शुरू, जानें नए गाइडलाइन…

बलिया डेस्क. एक जून सोमवार से लॉकडाउन 5 शुरू हो रहा है, ऐसे में नई गाइड लाइन के हिसाब से बलिया में अब मॉल, ब्यूटी पार्लर और सैलून खुल जाएंगे। बाजार सुबह नौ से नौ बजे तक खुलेंगे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार के निर्देश के मुताबिक जिला प्रशासन नियमों को लागू करने के लिए ज़िम्मेदार होगा। कंटेनमेंट जोन में सख़्ती से नियम लागू रहेंगे।
लॉकडाउन 5 का गाइडलाइन एक नजर में…..
– 01 जून सोमवार से सभी सरकारी ऑफिस पूरी क्षमता के साथ खुलेंगे।
– बाजार रोटेशन बेसिस पर सुबह 9 से शाम 9 बजे तक खुलेंगे।
– सुपर मार्केट, ब्यूटी पार्लर/सैलून भी खुल सकेंगे।
– एक राज्य से दूसरे राज्य जाने के लिए पास की जरूरत नहीं। हालांकि नोएडा/गाजियाबाद में डीएम जरूरत देख फैसला लेंगे।
– टैक्सी, कैब, रिक्शा निर्धारित सवारी क्षमता के अनुसार सवारी बिठा चलेंगे।
– रोडवेज बसें चलेंगी।
– हर सीट पर सवारी बैठ सकेंगी।
– किसी को खड़ा होकर चलने की अनुमति नहीं होगी।
– सारे प्रतिबंध अब कैंटेनमेंट जोन तक ही सीमित।
केंद्र सरकार की गाइडलाइंस :
– आठ जून से जिन गतिविधियों को अनुमति दी जाएंगी उनमें लोगों के लिए धार्मिक स्थल, होटल, रेस्तरां एवं अन्य होटल सेवाएं शामिल होंगी।
– आठ जून से शॉपिंग मॉल खोलने की अनुमति होगी।
– राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श कर स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान खोले जाएंगे।
– शैक्षणिक संस्थानों को जुलाई से खोलने को लेकर राज्य, केंद्र शासित प्रदेश अभिभावकों, अन्य संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करेंगे।
– रात में कर्फ्यू के समय की समीक्षा होगी, पूरे देश में अब रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के घूमने-फिरने पर प्रतिबंध होगा
– स्थिति का आकलन करने के बाद अंतररष्ट्रीय हवाई यात्रा, मेट्रो ट्रेन, सिनेमा हाल, जिम, राजनीतिक सभाओं इत्यादि पर निर्णय लिया जाएगा।
– कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन 30 जून तक जारी रहेगा, इन क्षेत्रों का निर्धारण जिला प्रशासन करेगा
– कंटेनमेंट जोन के बाहर बफर क्षेत्रों, जहां संक्रमण के मामले आने की ज्यादा संभावना है, की पहचान राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश करेंगे ।
– बफर जोन में जरूरत के आधार पर जिला प्रशासन पाबंदियां लगा सकता है
– परिस्थितियों के अनुरुप राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर कुछ गतिविधियों पर रोक लगा सकते हैं या पाबंदियां लागू कर सकते हैं ।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
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