बलिया
लॉकडाउन 3.0 – जानें क्या है बलिया प्रशासन का नया दिशा-निर्देश
बलिया डेस्क : बलिया के ग्रीन जोन में होने की वजह से तमाम तरह के राहत जनपदवासियों को मिली है। हालांकि, जिले की सीमा से सटे बक्सर जनपद के रेड जोन में होने और इसके अलावा अन्य सीमावर्ती जिलों के ऑरेंज जोन में होने के कारण जिलाधिकारी ने विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता जरूर बताई है। जिलाधिकारी द्वारा जारी किए गए दिशा निर्देश का अनुपालन समस्त संबंधित अधिकारी तथा प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष, क्षेत्राधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारी के पर्यवेक्षण में सुनिश्चित कराया जाएगा। समस्त एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में उपयुक्त उपायों के क्रियान्वयन के लिए इंसीडेंट कमांडर होंगे।
सीमा रहेगी सील, बगैर अनुमति बाहर नहीं जा सकेंगे
डीएम श्री शाही ने बताया कि जनपद की सीमा में अंतर्राज्यीय तथा अंतर्जनपदीय आवागमन नहीं हो सकेगा। अति विशेष परिस्थिति में अंतर्राज्यीय आवागमन के लिए जिला प्रशासन की अनुमति जरूरी होगी। उन्होंने बताया कि पहले की तरह जनपद के समस्त स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान, कोचिंग सेंटर, होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा हॉल, जिम, स्विमिंग पूल, एसेंबली हॉल व शादी घर बंद रहेंगे। समस्त सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, शैक्षणिक सांस्कृतिक, धार्मिक कार्यक्रम तथा सामूहिक गतिविधियां स्थगित रहेंगी। यह भी बतायाकि समस्त धार्मिक स्थल, पूजा स्थल, जन सामान्यके लिए बंद रहेंगे तथा धार्मिक जुलूस भी प्रतिबंधित रहेगी।
नाई, पान, मिठाई की दुकान अभी बन्द रहेगी
जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल नाई की दुकान, ब्यूटी पार्लर, स्पा, मिठाई की दुकान, पान गुटखा की दुकान व चाय पकौड़े की दुकान, ठेले पहले की तरह बंद रहेंगे। आकस्मिक सेवा के अतिरिक्त जनसामान्य का आवागमन सायं 07 बजे से प्रातः 07 बजे तक निषेधित रहेगा। व्यक्तिगत व सार्वजनिक वाहनों का संचालन इस प्रतिबंध के साथ किया जा सकता है कि दोपहिया वाहन केवल चालक, तीन पहिया वाहन में चालक व एक व्यक्ति तथा चार पहिया वाहन में चालक के अतिरिक्त दो व्यक्ति की अनुमन्य होंगे। जिले की सीमा के अंदर सार्वजनिक बसों का आवागमन 50 प्रतिशत सीटों की क्षमता के साथ संचालित होंगे। परिवहन निगम की बसें जनपद के अंदर 50 प्रतिशत सीटों की क्षमता के प्रतिबंध के साथ संचालित होगी।
मृत्यु होने की दशा में है ये निर्देश
संदिग्ध तथा लंबी बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को मृत्यु की दशा में स्थानीय प्राथमिक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी/अधीक्षक के संज्ञान में लाकर तथा उनकी लिखित अनुमति के उपरांत ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। समस्त गतिविधियों को प्रारंभ करने के दौरान मास्क लगाया जाना, सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन, कार्य स्थल का सैनिटाइजेशन आदि का उत्तरदायित्व संबंधित कार्यालय/परिसर के प्रबंधक कार्यालयध्यक्ष/स्वामी को होगा। इन शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध विधिक कार्यवाही करते हुए गतिविधियों का संचालन बंद करा दिया जाएगा।
दो दिन के ट्रायल के बाद फिर जारी होगा रोस्टर
डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया है कि अन्य दुकानों के बारे में दो दिनों के अनुभव के बाद फेजवार दुकानों के खुले जाने के संबंध में रोस्टर जारी किया जाएगा, जिसकी सूचना सभी को दी जाएगी। उम्मीद है, सब कुछ ठीक ठाक रहा तो इसके बाद कुछ और राहत मिलेगी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।


