बलिया
दादर से बलिया और गोरखपुर आने-जाने में होगी आसानी, रेलवे ने 4 ट्रेनों के बढ़ाए फेरे
बलिया। उत्तरप्रदेश से महाराष्ट्र जाने और महाराष्ट्र से उत्तरप्रदेश आने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बेहतर व्यवस्था की हैं। रेलवे ने 4 ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं। इससे दादर से बलिया और गोरखपुर आने-जाने वाले यात्रियों को सहूलियत होगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जा रही 01025/01026 दादर – बलिया – दादर विशेष गाड़ी के संचालन अवधि का विस्तार 7 फेरों के लिए कर दिया है। इतना ही 01027/01028 दादर – गोरखपुर – दादर विशेष गाड़ी के संचालन अवधि का विस्तार 9 फेरों के लिए किया जाएगा। इन गाड़ियों का मार्ग, समय और रैक संरचना पहले की तरह रहेगी।
इन 4 ट्रेनों के बढ़ाए फेरे –
01025 दादर – बलिया त्रैसाप्ताहिक विशेष गाड़ी 16 से 30 दिसंबर तक प्रत्येक सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को 7 अतिरिक्त फेरों के लिये चलाई जाएगी। 01026 बलिया – दादर त्रैसाप्ताहिक विशेष गाड़ी 18 दिसंबर से 1 जनवरी 2023 तक प्रत्येक बुधवार, शुक्रवार और रविवार को 7 अतिरिक्त फेरों के लिये चलाई जाएगी।
01027 दादर – गोरखपुर विशेष गाड़ी 17 से 31 दिसंबर तक सप्ताह में चार दिन प्रत्येक मंगलवार, वृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को 9 अतिरिक्त फेरों के लिये चलाई जाएगी। 01028 गोरखपुर – दादर विशेष गाड़ी 19 दिसंबर से 2 जनवरी 2023 तक सप्ताह में चार दिन प्रत्येक सोमवार, मंगलवार, गुरूवार और शनिवार को 9 अतिरिक्त फेरों के लिये चलाई जाएगी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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