बलिया
बलिया में आग का तांडव, 179 गेहूं की जलकर खाक, किसानों को हुआ भारी नुकसान
बलिया। गर्मी में भीषण आग की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। शनिवार को जगह-जगह खेतों में आग ने तांडव मचाया। आग ने किसानों की कमाई और उनके सपनों को जलाकर राख कर दिया। भीषण आग से विभिन्न गांवों में 179 बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। अग्निकांड से कई गावों के किसानों को नुकसान हुआ है।
पूर गांव में 110 बीघा फसल जली : गेहूं की खड़ी फसल में आग लगने से करीब 110 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग देखते ही देखते सोनाडीह, खवासपुर, एकभीटिया, सरयां, ठोहीलपाली के किसानों के खेतों में भी फैल गई। जिससे किसानों की गाढ़ी कमाई पूरी तरह से जलकर राख हो गई। किसानों ने फायर ब्रिगेड को बार-बार फोन पर सूचना दी लेकिन कर्मचारियों ने फोन नहीं उठाया और किसानों की आंखों के सामने उनकी फसल खाक हो गई। और अब पशुओं की चारा के लिए भी परेशानी खड़ी हो गई है।
पकड़ी में 10 एकड़ फसल खाक- पकड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम डकीनगंज में खड़ी गेहूं की फसल में आग लगने से करीब 10 एकड़ गेहूं की फसल नष्ट हो गई। गांव वालों ने आग बुझाने की काफी कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची तब तक सब कुछ जल गया था। वहीं बनकटा गांव में भी करीब 10 एकड़ गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई।
बिल्थरारोड में 30 बीघा गेहूं नष्ट- बिल्थरारोड के इंद्रानगर, अटवां, मुबारकपुर परती के 3 गांवों में शनिवार को भीषण आग लगी। इससे करीब 30 बीघा गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। आग फैलने से रोकने के लिए अधिकांश खेतों के खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाया गया ताकि आग से अन्य गांव की फसलों को बचाया जा सके। करीब दो घंटे बाद अग्निशमन की गाड़ी पहुंची और मुबारकपुर परती के खेत में आग को रोका जा सका। तब तक करीब डेढ़ किलोमीटर तक 3 गांव के खेतों में आग ने जमकर तांडव मचाया।
नवकागांव में जली 5 बीघा फसल- टीएस बंधा के तटवर्ती नवकागांव के सरेह (खेत) में अज्ञात कारणों से लगी आग में 5 बीघा गेहूं की फसल जलकर खाक हो गई। धान प्रतिनिधि अनिल यादव ने बताया कि जहां से आग की शुरूआत हुई है वहां पर विद्युत के दो पोल लगे हैं। अचानक पोल के पास से आग लगने से अमर यादव, बब्बन यादव, बरमेश्वर यादव सहित आधा दर्जन से अधिक लोगों की गेहूं की खड़ी फसल और बोझ जलकर नष्ट हो गई।
रसड़ा में तार की चिंगारी से लगी आग- रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव में विद्युत तारों से गिरी चिंगारी से अशोक सिंह के 4 बीघा गेहूं की खड़ी फसल में आग लग गई। लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया तब तक फसलें जलकर राख हो गईं। मौके पर काफी संख्या में जुटे लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। जब तक फायर ब्रिगेड पहुंची ग्रामीण आग पर काबू पा चुके थे।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
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