बलिया
बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटा शिक्षा विभाग, बलिया के 11 स्कूल डिबार घोषित
बलियाः बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन बनाने के लिए शिक्षा विभाग तैयारियों में जुट गया है। पिछली बार पेपर लीक मामले से सबक लेते हुए इस बार कहीं ज्यादा इंतजाम किए जा रहे हैं। बोर्ड के द्वारा डिबार विद्यालयों की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय को उपलब्ध कराई है ताकि कोई दागी विद्यालय परीक्षा केंद्र न बन पाएं।
प्रदेश में कुल 342 स्कूलों को डिबार किया गया है, जिसमें 11 स्कूल बलिया के हैं। 6 विद्यालयों को संयुक्त शिक्षा निदेशक की रिपोर्ट पर डिबार किया गया है वहीं 5 स्कूलों को हमेशा के लिए डिबार किया गया है। इसमें पिछले साल अंग्रेजी का पर्चा आउट करने अलावा इंटरमीडिएट उत्तर पुस्तिकाएं बरामद होने वाला विद्यालय और पर्चा आउट में शामिल 4 विद्यालय हैंं।
बलिया के जिन स्कूलों को डिबार किया गया है, उसमें श्री लंगटू बाबा इंटर कॉलेज, इंटर कॉलेज परानपुर बलिया, श्री पचैव देवी राजमुनि देवी इंटर कॉलेज, डीएस मेमोरियल इंटर कॉलेज सोहवल रतसर बलिया, कमला राज इंटर कॉलेज गौवापार बलिया, लीलावती देवी उमा विद्यालय बाहरपुर भीमपुरा नं.-1 बलिया, वीरांगना लक्ष्मीबाई उमा विद्यालय ढेकवारी नगरा बलिया, महराजी देवी स्मारण इंटर कॉलेज, मां लचिया मूरत यादव उमाविद्यालय पशुहारी, डीआरआर उमा विद्यालय अवराई खुर्द बलिया, जय जगदीश इंटर कॉलेज शामिल हैं। अभी जिले के 214 विद्यालयों को केंद्र बनाया गया है।
इसके अलावा यूपी बोर्ड से संबद्ध जिले के तीन विद्यालयों की मान्यता निरस्त कर दी गई है। वहीं, नौ विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से जिला विद्यालय ताकि 2023 की बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण के दौरान इन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बलिया न बना दिया जाए।
जिले में कुल 607 इंटर कॉलेज संचालित नय हैं। इसमें 32 राजकीय, 92 वित्तपोषित और 483 वित्त माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। इनमें अंबिका सिंह इंटर कॉलेज, बराई रघुनाथनगर, कर्णछपरा, ओमइंटर कॉलेज, डिहवा और स्व. धर्मदेव इंटर कॉलेज, रौराचवर रसड़ा की मान्यता वापस ले ली गई। नौ स्कूलों के खिलाफ मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जा रही है।
के जिल विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई होनी है, उनमें से तीन विद्यालय 2022 की बोर्ड परीक्षा के दौरान इंटरमीडिएट अंग्रेजी का त्तियों प्रश्नपत्र आउट करने के मामले में आरोपी रहे हैं। यह तीन विद्यालय डीआरआर उमा विद्यालय, अवराई खुर्द, मां लचिया मूरत उमा विद्यालय, पशुहारी और महराजी देवी स्मारक इंटर कालेज, किडिंहरापुर हैं।
अभी बोर्ड की तरफ से शरथ इंटर कॉलेज खैराखास तुतीपार, सूरज किसान इंटर कॉलेज चिलकहर बलिया, राम लखन इंटर कॉलेज, सुखपुरा पब्लिक इंटर कॉलेज, श्री पचेव देवी राजमुनी देवी इंटर कॉलेज, विशेन उमा विद्यालय बलिया, डीआरआर उमा विद्यालय अवराई खुर्द बलिया, मां लचिया मूरत उमा विद्यालय, महराजी देवी स्मारक इंटर कॉलेज स्कूलों पर कार्रवाई चल रही है।
डीआईओएस रमेश कुमार सिंह ने कहा है कि बोर्ड की ओर से विद्यालयों की सूची जारी की गई है। कुछ विद्यालयों की मान्यता वापस ले ली गई है तो वहीं कुछ विद्यालयों पर कार्रवाई प्रक्रिया चल रही है। कुछ के मामले अदालत में चल रहे हैं।
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
बलिया
बलिया में रोजगार का सुनहरा अवसर: 23 जून को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला
बलिया। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला सेवायोजन कार्यालय, बलिया द्वारा 23 जून 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला सतनी सराय स्थित तारा निवास गली, भृगु आश्रम के पास स्थित जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में आयोजित होगा।
मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी विजन इंडिया ग्लोबल एल्यूमिनियम द्वारा अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस पद के लिए 10वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को ₹17,500 प्रतिमाह तक का वेतन प्रदान किया जाएगा।
कंपनी द्वारा निर्धारित आयु सीमा 18 से 28 वर्ष रखी गई है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का कार्यस्थल हैदराबाद (तेलंगाना) होगा। अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के माध्यम से उनकी योग्यता एवं क्षमता के आधार पर किया जाएगा।
जिला सेवायोजन कार्यालय ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले सभी अभ्यर्थियों का रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कैंपस चयन की पूरी प्रक्रिया रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होने की अपील की है।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?
बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।
लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)
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