बलिया
बलिया की डॉ. निर्मला गुप्ता को मिलेगा राज्य शिक्षक पुरस्कार, जाने उनकी उपलब्धियां..
बलिया। उत्तप्रदेश में राज्य शिक्षक पुरस्कार 2021 की घोषणा हो गई है। चयनितों शिक्षकों में बलिया की शिक्षिका डॉ. निर्मला गुप्ता का नाम भी शामिल है। बता दें सूची में 75 उन शिक्षकों का नाम शामिल है, जिन्होंने अपने परिश्रम से न सिर्फ स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार किया है, बल्कि स्कूल के विकास के लिए भी अहम योगदान दिया है। शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान वाले इन शिक्षकों में बलिया के बेलहरी ब्लाक में तैनात शिक्षिका डॉ. निर्मला गुप्ता भी शामिल है।
निर्मला गुप्ता का सफर- बता दें डॉ. निर्मला गुप्ता ने 07 जनवरी 2006 को अपने गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय बाबूबेल पर बतौर सहायक अध्यापक सेवाएं शुरू कीं। एमए, एमएड, पीएचडी (शिक्षा शास्त्र) व नेट (शिक्षा शास्त्र) की शिक्षा प्राप्त करने वाली डॉ. निर्मला गुप्ता 21 अक्टूबर 2011 को प्रधानाध्यापक के पद पर प्रमोट हुई और प्राथमिक विद्यालय गरयां पर सेवा शुरू की। डॉ. निर्मला ने सामुदायिक सहभागिता से स्कूल विकास के लिए कई उल्लेखनीय कार्य किए है।
करीब 10 राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय सेमिनार में सक्रिय प्रतिभागिता कर चुकी डॉ. निर्मला गुप्ता के 10 शोध पत्रों का राष्ट्रीय पत्रिकाओं में प्रकाशन भी हुआ है। मृदुल स्वभाव व कर्तव्यनिष्ठ शिक्षिका डॉ. निर्मला स्कूल में नामांकन में निरंतर वृद्धि के साथ ही बालिका शिक्षा के लिए विशेष प्रयास करती है। प्रधानाध्यापक के रूप में डॉ. निर्मला ने विद्यालय में कार्यभार संभाला तो सिर्फ 10-10 बच्चे ही विद्यालय आते थे। नामांकन भी करीब 70 बच्चों का था। डोर-टू-डोर सम्पर्क करने के साथ ही उन्होंने शिक्षा में नए प्रयोग किए। इसका नतीजा हुआ कि अभिभावकों का भरोसा बढ़ा और बच्चों का नामांकन भी। इस समय करीब 135 बच्चों का नामांकन है। खास बात यह कि 80 से 90 फीसदी बच्चों की उपस्थिति भी होती है।
विद्यालय के जर्जर भवन को डा. निर्मला ने नया लुक दिया। दो अतिरिक्त कक्षा कक्ष के साथ ही बरामदा व कार्यालय का निर्माण कराया। उच्च शिक्षा हासिल करने के बावजूद प्राथमिक विद्यालय में नौकरी को लेकर डा. निर्मला ने कहा कि हम खुद परिषदीय स्कूल से पढ़े हैं। बेसिक शिक्षा को बेहतर बनाने की ललक पहले से थी। सिविल सेवा के साथ ही डिग्री कालेज में अध्यापन का प्रयास किया भी लेकिन अंतत: इसी को अपना कर्मक्षेत्र बनाकर बेहतर करने का संकल्प लिया। वहीं अब उन उन्हें पुरस्कार मिलने जा रहा है जिससे उनकी हर जगह सराहना हो रही है।
बलिया
अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।
बलिया
बलिया में रोजगार का सुनहरा अवसर: 23 जून को लगेगा एक दिवसीय रोजगार मेला
बलिया। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार पाने का बेहतरीन अवसर सामने आया है। जिला सेवायोजन कार्यालय, बलिया द्वारा 23 जून 2026 को एक दिवसीय रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह रोजगार मेला सतनी सराय स्थित तारा निवास गली, भृगु आश्रम के पास स्थित जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में आयोजित होगा।
मेले में निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी विजन इंडिया ग्लोबल एल्यूमिनियम द्वारा अप्रेंटिसशिप के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस पद के लिए 10वीं एवं आईटीआई उत्तीर्ण अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को ₹17,500 प्रतिमाह तक का वेतन प्रदान किया जाएगा।
कंपनी द्वारा निर्धारित आयु सीमा 18 से 28 वर्ष रखी गई है, जबकि चयनित अभ्यर्थियों का कार्यस्थल हैदराबाद (तेलंगाना) होगा। अभ्यर्थियों का चयन साक्षात्कार के माध्यम से उनकी योग्यता एवं क्षमता के आधार पर किया जाएगा।
जिला सेवायोजन कार्यालय ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने वाले सभी अभ्यर्थियों का रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। कैंपस चयन की पूरी प्रक्रिया रोजगार संगम पोर्टल के माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।
जिला प्रशासन ने अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से इस अवसर का लाभ उठाने और समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रोजगार मेले में उपस्थित होने की अपील की है।
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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?
बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।
इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।
लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।
अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)
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