बलिया
बलिया में जल्द ही गड्ढों से मिलेगी निजात ! 30 से ज्यादा सड़कों के लिए 5 करोड़ स्वीकृत
बलिया में अब लोगों को गड्ढे वाली जर्जर सड़क से निजात मिलने वाली है। क्योंकि जिले में सड़कों को गड्ढामुक्त करने की कवायद शुरू हो गई है। लोक निर्माण विभाग बलिया वृत्त अंतर्गत जनपद के लिए 5 करोड़ और मऊ जनपद के लिए कुल 3.42 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। बता दें मुख्यमंत्री ने सभी सड़कों को 15 नवंबर तक गड्ढा मुक्त बनाने का निर्देश जारी किया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद लोक निर्माण विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सड़कों को चिह्नित करने का काम शुरू कर हो चुका है।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि रुक-रुक कर बारिश होने से काम प्रभावित होता है। विभाग सड़कों को चिह्नित कर रहा है। शासन ने जनपद में स्थित राजमार्ग, अन्य जिला मार्ग और प्रमुख मार्गों को गड्ढामुक्त करने के लिए तीन करोड़ की धनराशि जारी की है। इसके अलावा ग्रामीण इलाकों की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए दो करोड़ की धनराशि जारी की है। विभाग की ओर से अब तक 30 सड़कों को चिह्नित किया गया है।
हालांकि अभी यह कार्य जारी है। इसके पूरा होने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। वहीं लोक निर्माण विभाग बलिया के अधीक्षण अभियंता सीपी गुप्ता का कहना है कि शासन ने सड़कों को गड्ढामुक्त करने का निर्देश दिया है। यह कार्य 15 नवंबर तक पूरा कर लेना है। गड्ढायुक्त सड़कों को चिह्नित करने का कार्य चल रहा है। जल्द ही कार्य भी शुरू कराया जाएगा।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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