बलिया
बलिया में सस्पेंड शिक्षक ने पत्नी के साथ आत्महत्या की दी धमकी, विभाग को करना पड़ा बहाल
बलिया में एक शिक्षक को निलंबित करने के मामले ने तूल पकड़ लिया। जहां निलम्बित शिक्षक ने नौकरी से त्यागपत्र देने के साथ ही पत्नी समेत आत्महत्या करने की धमकी दे डाली। जिसके बाद बिना समय गंवाए बीएसए ने निलंबित शिक्षक को बहाल करने का आदेश जारी कर दिया।
बता दें पूरा मामला शिक्षा क्षेत्र सोहांव के प्राथमिक स्कूल पिपराकला से जुड़ा है, जहां प्रधानाध्यापक मृत्युजंय सिंह का सितम्बर 2022 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। उसमें वह स्कूल के छात्रों से शौचालय की सफाई कराते नजर आ रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद हेडमास्टर को प्राथमिक दौर पर दोषी मानते हुए बीएसए ने 8 सितम्बर 2022 को निलम्बित कर दिया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी (रेवती) को जांच का निर्देश दिया। 
इस बीच, जनवरी महीने में निलम्बित हेडमास्टर मृत्युंजय ने बीएसए से जांच अधिकारी को बदलने की मांग की। तब बीएसए ने 13 जनवरी 2023 को खंड शिक्षा अधिकारी (चिलकहर ) को जांच सौंप दी। 3 फरवरी को बीईओ ने बीएसए को जांच रिपोर्ट सौंपी। इसमें उन्होंने हेडमास्टर पर लगाये आरोप की पुष्टि करते हुए शिक्षकों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुसंशा के साथ ही लिखित और मौखिक बयान लेने की बात कही थी।
फिर इसके बाद मामले में नया मोड़ आया। लेकिन बीएसए ने उक्त शिक्षक की बहाली का आदेश जारी कर दिया है। जिसको लेकर बीएसए मनिराम सिंह का कहना है कि सस्पेंड शिक्षक ने त्याग पत्र देने के साथ ही आत्महत्या की धमकी दी थी। इसके बाद उनकी कंडीशनल बहाली कर दी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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