बलिया
बलिया- ‘पार्क’ नाटक का मंचन, उलझन से भरी दुनिया में उम्मीद की तलाश
बलिया में रविवार को ‘पार्क’ नामक नाटक का मंचन बहुउद्देशीय सभागार में हुआ। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक कला अकादमी लखनऊ एवं जिला प्रशासन बलिया के संयुक्त तत्वाधान तथा संकल्प साहित्य सामाजिक एवं सांस्कृतिक धरोहर, बलिया के सहयोग से आयोजन हुआ।
‘पार्क’ की कहानी अजीब उलझन से भरी दुनिया में अपनी जगह तलाशने और उसे बचा पाने के संघर्ष पर आधारित थी। उदय मानसिक तनाव से जूझता एक युवक है जो पार्क में अपनी मनोचिकित्सक नीति का इंतजार कर रहा है। नीति मिलने तो आती है मगर उसको उलझन से निकालने में असमर्थता जता कर चली जाती है। 
फिर शुरू होता है उदय, नवाज और टीचर के बीच अपनी अपनी बेंच को लेकर झगड़ा जो मनुष्य के दुखों, उसकी उलझनों और पल भर को मिलाने वाली राहतो से गुजरता हुआ इस संसार में इंसान की हैसियत और उसकी जगह के महत्व तक पहुंचता है।
बता दें नाटक का लेखन मानव कौल और निर्देशन दानिश खान, दया दृष्टि चैरिटेबल बरेली ने किया। नाटक में दानिश खान, अजय चौहान, राजू चौहान, फरीन, स्पर्श और अनुष्का ने शानदार अभिनय किया। नाटक के अंत में जिला विकास अधिकारी ने कलाकारों को सम्मानित किया।
बलिया
Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured3 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


