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बलियाः कलेक्ट्रेट कार्यालय में हुआ पीएम मोदी के संकल्प शपथ कार्यक्रम का लाइव प्रसारण
बलिया: आज पीएम मोदी द्वारा भारत के आकांक्षात्मक ब्लॉकों के लिए ‘संकल्प सप्ताह के शुभारंभ’ के ‘संकल्प शपथ’ का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया गया।
सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने वहां उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अपने संबोधन में कहा कि आज हम लोग बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम में आए हैं। प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम का आगाज भारतीय मंडपम से किया और हम यहां बलिया मंडपम में कार्यक्रम देख रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के दिए गए भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की जो महत्वाकांक्षाएं हैं, मैं उसे पूरा करने की कोशिश करता हूं।
प्रधानमंत्री कहते हैं कि भारत गांवों में बसता है, गांवों के विकास से ही भारत का विकास होगा, मैं भी इसका जिक्र हमेशा अपने संबोधन में करता हूं। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि हम तय कर ले कि जनपद में जितने भी आकांक्षात्मक ब्लॉक हैं, उनका अलग-अलग क्लस्टर बनाकर एवं अपने सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय बनाकर अभी से काम शुरू कर दें, तो भविष्य में बेहतर परिणाम देखने को मिलेगा। स्वस्थ आदमी ही स्वच्छ भारत और समृद्ध भारत के सपने को पूरा करेगा।
सांसद ने कहा कि हमारा जनपद मूल रूप से कृषि क्षेत्र वाला ग्रामीण जनपद है। यहां पर पशुपालन के माध्यम से दुधारू गाय और भैंस पालने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में जैविक खेती और मोटे अनाज के क्षेत्र में बढ़िया अवसर है। इस साल जनपद में जिलाधिकारी के प्रयासों से मोटे अनाजों की खेती का रकबा बढ़ा है। सरकार द्वारा संचालित पांच योजनाओं के माध्यम से ब्लॉकों में संकल्प सप्ताह के दौरान पात्रों को लाभान्वित करना है।
सांसद ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि जनपद के प्राकृतिक नाले जैसे कटहल नाला, भाखड़ नाला सहित अन्य नालों का मनरेगा के माध्यम से साफ-सफाई एवं सौंदरीकरण करवाये ताकि उस पर पर्यटन और सिंचाई की उपयोगिता सिद्ध हो सके। इस पर शीघ्र ही काम शुरू हो जाए तो बढ़िया रहेगा।
जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि सांसद जी के मार्गदर्शन में जनपद में दूध के उत्पादन को एवं मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता में है। हमारे सभी अधिकारी पूरी निष्ठा से सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को जनपद में लागू करने एवं पात्रों को लाभान्वित करने का प्रयास कर रहे हैं। जनपद में ऋण संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए बैंकों के को-ऑर्डिनेटर से दो-तीन की संख्या में बैठक कर लंबित आवेदनों का निस्तारण कराया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद के सभी गौशालाओं में सौंदर्यीकरण और रखरखाव का काम तेजी से चल रहा है। इसे हम अच्छे स्थान के रूप में विकसित कर रहे हैं, ताकि लोग उसे जाकर देखें। कृषि क्षेत्र में बाजरे और मक्के का क्रय केंद्र एवं जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। जनपद से परवल निर्यात करने की योजना पर भी बातचीत चल रही है। इस बैठक में राज्यसभा सांसद सकलदीप राजभर, मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा सहित जनपद के अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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एक साल से धूल फांक रही करोड़ों की जांच सुविधा, बांसडीह सीएचसी में नहीं चालू हो सकी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन
बांसडीह (बलिया)। ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांसडीह में स्थापित की गई बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन पिछले एक वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय पड़ी है। स्वास्थ्य विभाग की यह महत्वपूर्ण मशीन अस्पताल परिसर तक पहुंचने के बावजूद अब तक चालू नहीं हो सकी है, जिससे क्षेत्र के हजारों मरीजों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, मशीन के संचालन से लीवर फंक्शन टेस्ट, किडनी प्रोफाइल, लिपिड प्रोफाइल, यूरिक एसिड, कोलेस्ट्रॉल, थायराइड, इलेक्ट्रोलाइट्स, कार्डियक प्रोफाइल, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और आयरन समेत करीब 30 प्रकार की महत्वपूर्ण जांचें सीएचसी स्तर पर ही उपलब्ध हो सकती हैं। फिलहाल इन जांचों के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ती है।
सीएचसी बांसडीह में प्रतिदिन सैकड़ों मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। सामान्य जांच सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद गंभीर बीमारियों से जुड़ी कई आवश्यक जांचों का अभाव बना हुआ है। ऐसे में मशीन का चालू होना क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अनुमान है कि इससे क्षेत्र की लगभग 40 हजार आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर एक अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण है, जिसे क्लिनिकल केमिस्ट्री एनालाइजर भी कहा जाता है। यह रक्त, प्लाज्मा और सीरम जैसे जैविक नमूनों की रासायनिक जांच कर विभिन्न रोगों के सटीक निदान में मदद करता है। आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बलिया के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अभय नारायण राय ने कहा कि उन्हें मशीन के स्थापित न होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर मशीन को शीघ्र चालू कराने की कार्रवाई की जाएगी।
सीएमओ ने कहा कि मशीन के संचालन से बांसडीह सीएचसी में कई महत्वपूर्ण जांचें शुरू हो जाएंगी, जिससे मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी। अब क्षेत्रवासियों को मशीन के जल्द शुरू होने का इंतजार है।
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अघोषित बिजली कटौती पर सपा युवजन सभा का हल्ला बोल, 9 सूत्रीय मांगों के साथ सौंपा ज्ञापन
भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और खराब विद्युत व्यवस्था को लेकर समाजवादी युवजन सभा ने विद्युत विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरि के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता को 9 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
ज्ञापन में रघुनाथपुर, दुबहड़ और आईटीआई विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े इलाकों में बार-बार हो रही बिजली कटौती पर रोक लगाने, जर्जर तारों को बदलने, कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, फीडरों और लाइनों का नियमित रखरखाव कराने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की गई।
इस दौरान गड़वार क्षेत्र में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिरने से बाधित बिजली आपूर्ति को बहाल कराने में व्यस्त अधिशासी अभियंता से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया। उनकी अनुपस्थिति में विभाग द्वारा अधिकृत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
अरविन्द गिरि ने कहा कि भीषण गर्मी में अघोषित बिजली कटौती से आम जनता, किसान, छात्र-छात्राएं, व्यापारी और छोटे व्यवसायी परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी लोग आम जनता के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग और शासन-प्रशासन की होगी।


