बलिया
बलिया- अब ODOP में सत्तू उद्योग भी होगा शामिल, प्रोसेसिंग यूनिट का हुआ शुभारंभ
बलिया। एक जिला एक उत्पाद यानी ओडीओपी में अब सत्तू उद्योग को शामिल किया जाएगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह की कोशिश से एक जिला एक उत्पाद में मनियर की बिंदी के अलावा सत्तू का उद्योग भी शामिल होने वाला है। जिससे अब सत्तू के उद्योग को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे। इतना ही नहीं शहर के आर्य समाज रोड में सत्तू की एक प्रोसेसिंग यूनिट की शुरुआत भी की गई है।
सत्तू फैक्ट्री की शुरुआत- बता दें निधि उद्योग पर बलिया की मशहूर भट्टी से बने चना सत्तू की फैक्ट्री का उद्घाटन बांसडीह विधायक केतकी सिंह ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कहा कि बलिया के सत्तू को विश्व पटल तक ले जाने के लिए जिला प्रशासन हर संभव कोशिश करेगा। जल्द ही बलिया का सत्तू ‘एक जनपद एक उत्पाद’ के अंतर्गत आ जाएगा।
सीडीओ प्रवीण वर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भड़भुजो से भुने हूए चनों के माध्यम से सत्तू बनाया जाता है। गांव की महिलाओं द्वारा बनाए गए सत्तू का स्वाद मशीन से तैयार सत्तू के स्वाद से बिल्कुल अलग होता है। इसमें वह क्षमता है कि पूरे भारत में लोगों के लिए पौष्टिक आहार के रूप में एक बेहतरीन उत्पाद बन सकता है।
शकरपुरा के प्रधान ने गांव के स्वयं सहायता समूह को और सुदृढ़ करने, उनके आर्थिक उत्थान के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। व्यापार मंडल बलिया ने हर संभव सहायता देने का संकल्प लिया साथ ही कहा कि हर कदम पर वह उद्योग के साथ रहेंगे। कार्यक्रम का संचालन रजनीकांत सिंह ने किया। इस अवसर पर मंजे सिंह, प्रदीप वर्मा , संतोष, बृजबाला, ज्योति अग्रवाल, आनंद, अजीत प्रताप सिंह, सूर्यप्रकाश आदि मौजूद रहे।
बलिया
Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured3 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


