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बलियाः नवविवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, परिवार ने लगाया हत्या का आरोप
बलिया जिले के मनियर थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती की शादी 1.5 साल पहले ही हुई थी। मृतिका के परिजनों ने ससुरालवालों पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरु कर दी है।
जानकारी के मुताबिक भीमपुरा थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर कसेसर निवासी मनोज कुमार गुप्ता ने अपनी लड़की नेहा की शादी स्थानीय संविदा कर्मचारी श्रवण कुमार के साथ दिसंबर 2020 में की थी। 25 वर्षीय नेहा ससुराल वालों के साथ मनियर कस्बे के बड़ी बाजार में रहती थी।
सोमवार सुबह नेहा ने फांसी लगा ली। घटना के बाद नेहा के सास-सुसर ब्रह्म स्थान पर पूजा करने गए थे और पति श्रवण शौचालय गया था। पति वापस लौटा तो देखा कि नेहा फंदे पर दुपट्टे से झूल रही है। जिसके बाद उसने शोर मचाकर लोगों को सूचना दी। शोर सुनकर ग्रामीण पहुंचे और नेहा को डॉक्टर के पास ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां मायके पक्ष की उपस्थिति एवं सीओ बांसडीह राजेश तिवारी एवं नायब तहसीलदार अंजू यादव, एसएचओ मनियर आरआर यादव की मौजूदगी में शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि विवाहिता की परिवार के लोगों से कुछ अनबन चल रही थी। 2 दिन पहले इसको लेकर पंचायत भी हुई थी। मृतिका के पिता मनोज कुमार गुप्ता ने पति श्रवण कुमार एवं सास उर्मिला देवी के विरुद्ध एक लाख रुपए के दहेज के लिए प्रताड़ित करने एवं मारपीट करने का आरोप लगाया है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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