बलिया
बलिया- बिजली बिन बेहाल सुखपुरा के 70 हजार की आबादी, सिर्फ 2 घन्टे होती सप्लाई
बलिया में बिजली विभाग की मनमानी से जनता परेशान है, इस मनमानी से विद्युत उपकेंद्र सुखपुरा से जुड़े 32-33 गांवों की लगभग 70 हजार आबादी का हाल बेहाल है क्योंकि उपभोक्ताओं को मात्र एक से दो घंटे ही बिजली मिल रही है। उसमें भी बार-बार ट्रिपिंग होती है। जिसके विरोध में रविवार की शाम ग्राम प्रधान सुखपुरा अभिमन्यु चौहान के नेतृत्व में विद्युत सब स्टेशन पर सैकड़ों युवाओं ने नाराजगी जताई।
नाराज युवाओं ने कहा कि उमस भरी गर्मी में बिजली बिन जनता परेशानी झेल रही है। कोई जिम्मेदार अधिकारी बात करने को तैयार नहीं है। केंद्र के अपर अभियंता का मोबाइल बंद रहता है। जो उपकेंद्र पर कभी दिखाई भी नहीं देते। ऐसे में उपभोक्ता शिकायत करें तो किससे करें। विद्युत आपूर्ति के बिना जल निगम सुखपुरा भी असहाय बन गया है। पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप है। आटा चक्की के बंद होने से रोटी के लाले पड़ने लगे हैं। लोगों के इंवर्टर फेल हैं। मोबाइल चार्ज की जटिल समस्या हो गई है।
इतना ही नहीं व्यवस्था में सुधार न होने पर नाराज लोगों ने चेतावनी भी की, कहा कि विद्युत आपूर्ति की लचर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो उपभोक्ता धरना प्रदर्शन और चक्का जाम करने को बाध्य होंगे।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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