बलिया
बलिया – पावर ट्रांसफार्मर हुआ खराब, ग्रामीण क्षेत्रों में केवल 8-10 घंटे मिलेगी बिजली
बलिया के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कई कई घंटो बिजली कटौती की जा रही है। अब इस परेशानी को 25 दिन और झेलना पड़ेगा। बिजली विभाग ने सूचित किया है कि ट्रांसमिशन सबस्टेशन का 63 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। जिसके काराण रोस्टर के मुताबिक आपूर्ति की जा रही है। शहरी क्षेत्र में 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 8-10 घंटे की बिजली की आपूर्ति की जा रही है। बिजली विभाग के मुताबिक इस क्षतिग्रस्त ट्रांसफार्मर को बदलने में लगभग 25 दिन का समय लगेगा। यानि कि अब से लगभग 1 महीने तक शहरवासियों व ग्रामीणों को बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा।
132/33 KV transmission sub station के 63 MVA power transformer के क्षतिग्रस्त होने के कारण रोस्टिंग के कारण शहरी क्षेत्र में 20 घंटे, और ग्रामीण क्षेत्र में 8-10 घंटे ही हो पा रही हैं। जिसको बदलने में लगभग 25 दिन का समय लगेगा। असुविधा के लिए अत्यंत खेद हैं। @dmballia @MD_PuVVNL pic.twitter.com/oRyXIGtuKS
— SE Ballia (@puvvnlballia) August 7, 2022
शहरी क्षेत्र में केवल 4-5 घंटे की कटौती हो रही है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में हाल बेहाल है। यहां 15 से 16 घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहती है। जिससे ग्रामीणों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ रही है। इस अव्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में खासी नाराजगी है।
बलिया
Protected: 2027 में रसड़ा की सियासत कैसी होगी? सर्वे में सामने आए आंकड़े
बलिया
Protected: बेल्थरा रोड में टिकट से लेकर पार्टी तक, किसे पसंद कर रहे लोग? ऑनलाइन सर्वे में सामने आए चौकाने वालेआंकड़े
featured
फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
-
सिकंदरपुर2 weeks agoसिकंदरपुर विधानसभा सर्वे 2027
-
बैरिया2 weeks agoबैरिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बलिया स्पेशल2 weeks agoबलिया विधानसभा सर्वे 2027
-
बांसडीह2 weeks agoबांसडीह विधानसभा सर्वे 2027
-
फेफना2 weeks agoफेफना विधानसभा सर्वे 2027
-
रसड़ा2 weeks agoरसड़ा विधानसभा सर्वे 2027
-
बेल्थरा रोड2 weeks agoबेल्थरा रोड विधानसभा सर्वे 2027
-
featured2 days agoराम गोविंद चौधरी की विरासत संभालने को तैयार रंजीत चौधरी, फिर उन्हें कमतर दिखाने की कोशिश क्यों?


