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बलिया निकाय चुनाव: 40 हजार वोट के लिए क्या करना है इस पर ध्यान दें – मंत्री दयाशंकर सिंह

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बलिया। निकाय चुनाव के मतदान की तारीख नजदीक आते ही बयानबाजी का दौर भी तेज हो गया है। नगर पालिका परिषद बलिया के बीजेपी चुनाव कार्यालय के शुभारंभ के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि कौन क्या कर रहा है। इसकी चिन्ता मत करिए। लक्ष्य रखिए हमें 40 हजार वोट पाना है। 40 हजार वोट के लिए हमें क्या-क्या करना है। इस बात पर ध्यान दीजिए।

इस दौरान परिवहन मंत्री‌ ने सपा के बागियो पर तंज कसते हुए कहा कि ये सब आपस में लड़ रहे हैं। लड़ने दीजिए ध्यान न दीजिए ये आपस में लड़ कर मर जाएंगे। लक्ष्य रखिए कि हमें 40 हजार वोट पाना है। 40 हजार वोट के लिए हमें क्या-क्या करना है, उसकी चिंता करें। उन्होंने कहा कि सिर्फ विकास का लक्ष्य रखिए योगी और मोदी का पैसा आएगा तो विकास होगा।

साथ ही कहा कि योगी और मोदी सरकार के नेतृत्व में विकास के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ आमजन को मिल रहा है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि ट्रिपल इंजन की सरकार बनने से विकासकार्यों में तेजी आएगी। ट्रिपल इंजन की सरकार बनाने के लिए इधर-उधर ध्यान न दें। आप यह देखिए कि हम 40 हजार वोट के पार कैसे पहुंचेंगे।

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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र

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बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।

जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।

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