बलिया के सभी गांवों में पंचायत भवन बनाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन जिले में जमीन के अभाव में 93 गांवों में अभी तक भवन बनकर तैयार नहीं हो पाया है। ऐसे में इन गांवों में किराए के मकान में ग्राम सचिवालय का संचालन किया जा रहा है।
बता दें कि जिले के 940 गांवों के सापेक्ष 410 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन नहीं थे। शासन ने इन पंचायतों में भवन बनाने के लिए काम शुरु किया लेकिन 126 गांवों में इसके लिए जमीन नहीं मिली, लिहाजा 284 गांवों में पंचायत भवन का निर्माण शुरु हुआ।
पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की मानें तो राजस्व विभाग की ओर से 126 गांवों के सापेक्ष 53 गांवों में जमीन उपलब्ध कराया गया। इसमें भी 20 गांवों में जमीन विवादित होने के कारण निर्माण कार्य शुरु नहीं हो पाया। शेष 33 गांवों में से 15 गांवों में पंचायत भवन का निर्माण शुरु हो चुका है। लेकिन 93 गांव अभी भी ऐसे हैं। जहां आज तक भवन निर्माण के लिए जमीन नहीं मिल पाई।
बता दें कि 126 गांवों में पंचायत भवन न होने के कारण किराए के भवन में ग्राम सचिवालय का संचालन हो रहा है। इसके चलते ग्राम पंचायत का अधिकांश पैसा किराए पर खर्च हो रहा है। पूर्व से बन रहे 15 गांवों में भी अभी तक पंचायत भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका है। इन गांवों में भी किराए के भवन में ग्राम सचिवालय का संचालन कराया जा रहा है।
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