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बलिया – न्यायाधीशों ने जिला कारागार का किया औचक निरीक्षण, कैदियों से जानी समस्याएं
बता दें माननीय उ.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार और माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया जितेन्द्र कुमार पाण्डेय के कुशल मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, नरेन्द्र पाल राणा और शाम्भवी यादव अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम बलिया ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जेल अपील के सम्बन्ध में भी पूछताछ हुई, प्रभारी जेल अधीक्षक ने बताया कि सभी दोषसिद्ध बन्दियों ने जेल अपील और निजी अपील दाखिल की है। प्रभारी जेल अधीक्षक, जिला कारागार बलिया को भी निर्देशित गया कि जिन बन्दियों के पास अपने मुकदमें की पैरवी के लिए अधिवक्ता नही है, उनसे प्रार्थना पत्र लेकर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया को प्राप्त करवाना सुनिश्चित करें।
साथ-ही जिला कारागार में विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, नरेन्द्र पाल राणा की अध्यक्षता में हुआ। जिसमें बंदियों को विधिक रूप से जागरूक गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव ने बताया कि जिला कारागार बलिया में लीगल एड क्लीनिक स्थापित किया है, जिसमें पैरा लीगल वालेंटियर नामित है, जो बंदियों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराएंगे।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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