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Ballia- इस गांव में एक महीने के भीतर हो चुकी है 42 ‘रहस्यमयी’ मौतें

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बलिया । देश के सबसे ‘पिछड़े’ जिलों में शुमार बलिया पर ‘रहस्यमयी बुखार’ कहर बनकर टूटा है। जिले के सोहांव गांव में यहाँ एक ही परिवार के पांच लोगों ने सांस एवं बुखार के दिक्कतों के कारण दम तोड़ दिया है।

वहीँ अबतक इस गांव में एक माह में गांव में तक़रीबन 42 लोगों की रहस्यमयी मौत हो चुकी है। चौंकाने वाली बात तो यह है कि सीएचसी नरहीं पर कोरोनावायरस से मौत की पुष्टि सोहांव गांव के केवल विजय विचित्र राय के रूप में ही की गई है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें गांव में जांच करने के लिए पहुंची थी।

नरहीं थाना क्षेत्र का गांव सोहांव गांव सभा एक पुरवा है रामापुर इस गांव की मतदाता संख्या 5600 है जबकि आबादी 6200 है लेकिन इस गांव में रहस्यमयी मौत ने तांडव मचा रखा है।  लोगों का कहना है कि 1 महीने में इतनी मौतें हमने कभी नहीं देखी थी सोहाव गांव के पूर्व प्रधान गिरीजा राय के भतीजे लल्लन राय 62 वर्ष सर्दी बुखार से परेशान थे कि 19 अप्रैल को उनका निधन हो गया 30 अप्रैल को इनकी तेरही में सगे संबंधियों सहित रिश्तेदारियों के लोगों ने भी शिरकत किया था नतीजा यह हुआ कि बहन मंजू 60 वर्ष 11 मई को चल बसी।

पूर्व प्रधान गिरिजा राय का आवास, जहां चार लोगों की गई है जान

चचेरे भाई विजय विचित्रन नारायण राय 58 वर्ष का भी निधन 20 मई को हो गया दामाद श्यामा कांत राय 28 वर्ष का भी निधन 20 मई को हो गया। इनके पटटीदार रामाचारी उर्फ मनीष राय 46 वर्ष का भी निधन 18 मई को हो गया इतनी मौतों के बाद गांव में कोहराम मच गया। इसके बावजूद भी गांव में मौतों का सिलसिला जारी रहा । ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जयपाल यादव ने बताया कि सोहांव गांव में पिछले एक महीने के अंदर 42 मौतें हो चुकी है। इस दौरान न कोई स्वास्थ्य विभाग की टीमें आई और न ही गांव में कोई छिड़काव कराया गया शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच करने पहुंची थी।

प्रधान प्रतिनिधि जयपाल यादव ने अपने अस्तर से सफाई कर्मियों के द्वारा कुछ जगहों पर छिड़काव कराया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरही के प्रभारी डॉ पंकज कुमार ने बताया कि शनिवार को एक टीम सोहांव तथा दूसरी टीम कोठियां सेन्दुरिया गांव में भेजी गई है जिसमें 50लोगों की सैम्पलिंग की गई है कोरोनावायरस से एक मौत की पुष्टि की है वह भी सोहांव के विजय विचित्र राय के रूप में समाजसेवी अनिल राय ने कहा कि पंचायत चुनाव के बाद गांव में घर घर खांसी बुखार के मरीज हो गए थे उस दौरान न किसी की जांच की गई और ना ही दवा का वितरण किया गया आलम यह रहा कि गांव से लाशों का निकलने का सिलसिला जारी रहा आज भी गांव में दहशत व्याप्त है।

वहीँ अगर नरही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बात की जाए तो इसकी भी हालत दयनीय हो गई है। 2 दिन पूर्व बारिश का पानी शनिवार को भी कमरों में टपक रहा था। कर्मचारियों के पास न मास्क न ग्लब्स और न ही सेनीटाइजर उपलब्ध थे यही कारण रहा कि यहां के अधिकांश डॉक्टर एवं कर्मचारी कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए थे।

अबतक इन लोगों की हो चुकी है ‘रहस्यमयी बुखार’ से मौत 

1-विजय शंकर राय पुत्र हृदय नारायण राय उम्र 54
2-प्रभु शंकर राय पुत्र भदेसर राय उम्र 45
3-लल्लन राय पुत्र मुनींद्र नाथ उम्र 62
4-रंजू राय पुत्री मुनेंद्र नाथ राय उम्र 45
5-विजय विचित्र नारायण राय पुत्र गिरजा राय उम्र 60
6-मुनींद्र नाथ राय पुत्र गजाधारी राय उम्र 64
7-वीरेंद्र तिवारी पुत्र कपिल देव तिवारी उम्र 62
8-सुभावती उपाध्याय पत्नी राधेश्याम उपाध्याय उम्र 55
10- ज्ञानेंद्र राय पुत्र इंद्रजीत राय उम्र 55
11-अमित राय पुत्र चंद्रभूषण राय उम्र 34
12-शिव बहादुर राय पुत्र रामानंद राय उम्र 64
13-मनीष राय पुत्र मार्कंडेय राय उम्र 50
14-इसराइल उम्र 62
15-शिवहर यादव पुत्र भंडारी यादव उम्र 55 वर्ष
16-लाल बचन यादव पुत्र दिल राम यादव उम्र 70 वर्ष
17- बच्चन यादव पुत्र बटोही यादव उम्र 70 वर्ष
18-मुख्तार पुत्र सत्तार उम्र 50 वर्ष
19-राम रूप राम पुत्र सीताराम उम्र 60 वर्ष
20-हरदेव यादव पुत्र पंडित उम्र 65 वर्ष
21-चंद्रावती उम्र 85 वर्ष
22-सुमित्रा देवी पत्नी विसर्जन यादव उम्र 55 वर्ष
23-राजकुमार यादव पुत्र शिवदत्त उम्र 55 वर्ष
24-शंकर राम पुत्र दीपचंद राम उम्र 62 वर्ष
25-जमुनी देवी पत्नी गरीबा राम उम्र 42 वर्ष
26 जनार्दन सिंह पुत्र नवजादिक सिंह उम्र 62 वर्ष
27- उमाशंकर यादव उम्र 52 वर्ष
28 अवधेश राय पुत्र बजरंगी राय उम्र 60 वर्ष
29-ओम प्रकाश चौधरी पुत्र ग्रीसमन चौधरी उम्र 54 वर्ष
30 मंजू देवी पत्नी छांगुर कनौजिया उम्र 40 वर्ष
31- राजेश्वरी पत्नी सुरेंद्र राय उम्र 50 वर्ष
32- प्रभु शंकर राय पुत्र भदेश्वर राय उम्र 52 वर्ष
33-मुनींद्र नाथ राय पुत्र लक्ष्मी शंकर राय उम्र 45 वर्ष
34- बस मतिया देवी पत्नी प्रयाग पटेल उम्र 60 वर्ष
35- तेतरी पत्नी जय श्री उम्र 52 वर्ष
36-नौरंगीया पत्नी मुक्तेश्वर राय उम्र 50 वर्ष
इसके अलावा सोहाव गांव में आधा दर्जन लोगों की मौत हुई है जिसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है इसमें से अधिकांश लोग सर्दी बुखार एवं सांस के तकलीफों के कारण दम तोड़े हैं।

रिपोर्ट- तिलक कुमार 

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लखनऊ अग्निकांड के बाद बड़ा सवाल: क्या बलिया के कोचिंग संस्थान सुरक्षित हैं?

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बलिया। लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में सुरक्षा मानकों और अग्निशमन व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही की बात सामने आई है, जिसके बाद कई जिलों में प्रशासन ने कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू कर दी है।

इसी बीच बलिया जिले में भी बिना मानकों और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के संचालित हो रहे सैकड़ों कोचिंग संस्थानों को लेकर चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय से लेकर बेल्थरा रोड, रसड़ा, सिकंदरपुर, बांसडीह और बैरिया जैसी तहसीलों तक अनेक कोचिंग सेंटर संकरी गलियों, बहुमंजिला भवनों और व्यावसायिक परिसरों में संचालित हो रहे हैं, जहां न तो अग्निशमन उपकरण दिखाई देते हैं और न ही आपातकालीन निकास की समुचित व्यवस्था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोचिंग संस्थान क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाकर कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। अधिकांश भवनों में फायर एनओसी, आपातकालीन निकास, अग्निशमन यंत्र और सुरक्षा मानकों की स्थिति की कभी जांच नहीं होती। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना होती है तो हालात बेहद भयावह हो सकते हैं।

लखनऊ हादसे के बाद कानपुर समेत कई जिलों में प्रशासन ने सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले कोचिंग संस्थानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और कई संस्थानों को सील भी किया गया है।

अब सवाल यह है कि क्या बलिया प्रशासन भी जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वे कराएगा? क्या बिना मानक और बिना सुरक्षा व्यवस्था के चल रहे कोचिंग सेंटरों की जांच होगी? लखनऊ की त्रासदी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

(यह जनहित से जुड़ा विषय है। प्रशासन को जिले के सभी कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था, फायर एनओसी और भवन मानकों की तत्काल जांच करानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।)

 

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बलिया के जमुना राम मेमोरियल स्कूल में सफलता का जश्न, छात्रों ने रचा इतिहास

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सीबीएसई कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणाम घोषित होते ही जमुना राम मेमोरियल स्कूल में खुशी की लहर दौड़ गई। उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने शानदार सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया।

गुरुवार की सुबह विद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला, जब 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दर्जनों विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ स्कूल पहुंचे। इस दौरान विद्यालय के प्रबंध निदेशक इंजीनियर तुषारनंद जी एवं प्राचार्य अजीत कुमार सिंह ने मेधावी छात्रों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और मिष्ठान खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया।

परीक्षा परिणाम में चैतन्य कुमार ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में प्रथम स्थान हासिल किया। अर्पित मिश्रा ने 94.6 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि सजल शेखर तिवारी 92 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान पर रहे।

इसके अलावा अविरल तिवारी, रोहन गिरी, शिवराज चौहान, अनन्या सिंह, आस्था गुप्ता, अंशुमान सिंह, शिवम सिंह, भूमि सिंह एवं प्रिया मौर्य सहित कई छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया।

विद्यालय के संस्थापक प्रबंधक प्रोफेसर धर्मात्मानंद जी ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले चैतन्य कुमार के पिता अनिल कुमार (प्रधानाचार्य, जूनियर हाई स्कूल नरही) तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सजल शेखर तिवारी के पिता देवेश तिवारी को भी विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।

विद्यालय परिवार ने इस सफलता को सामूहिक प्रयास का परिणाम बताते हुए कहा कि छात्रों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग से यह उपलब्धि संभव हो पाई है।

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बलिया के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में धूमधाम से हुआ ‘नव आरंभ विदाई समारोह’

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बलिया के चित्तबड़ागांव स्थित श्री जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शनिवार को भावनाओं, उत्साह और रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच “नव आरंभ विदाई समारोह-2026” का भव्य आयोजन किया गया। बीए चतुर्थ व एमए द्वितीय सेमेस्टर के छात्रों ने अपने सीनियर्स (बीए VI व एमए IV सेमेस्टर) को यादगार विदाई दी।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंजि० तुषारनंद ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को भावुक और उत्साहपूर्ण बना दिया।

प्राचार्य डॉ० अंगद प्रसाद गुप्त ने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अतिथियों द्वारा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया, वहीं सीनियर छात्रों ने गुरुजनों को अंगवस्त्र भेंट कर आभार जताया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गीत, नृत्य, भजन और कविता ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को नए सफर के लिए आत्मविश्वास और प्रेरणा देते हैं।

समारोह में महाविद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही, जबकि संचालन बृजेश गुप्ता, अंकिता और सलोनी ने संयुक्त रूप से किया।

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