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बलिया: फोरलेन बनाने में बड़ी चुनौती होगा अतिक्रमण, सड़क से सटे करीब 150 निर्माण जद में आएंगे
बलिया नगरवासियों को जल्द ही चकाचक फोरलेन की सड़क मिलेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय ने सांसद की पहल पर माल्देपुर से कदम चौराहा तक 4.455 किमी की दूरी में एनएच 31 को फोरलेन बनाने और दोनों तरफ आरसीसी ढक्कन युक्त नाला बनाने के लिए 48.95 करोड़ की स्वीकृति दी है। इस मार्ग से बन जाने से अब यातायात और सुगम हो जाएगा। लेकिन माल्देपुर से कदम चौराहा तक सड़क को फोरलेन बनाने में करीब 150 निर्माण आड़े आ सकते हैं। बीच में कटहल नाला पर एक चौड़ा पुल भी बनेगा। इस प्रक्रिया में जिला प्रशासन के लिए अतिक्रमण हटाना चुनौतीपूर्ण होगा, क्योंकि पूरी सड़क पर स्थायी और अस्थायी रूप से अतिक्रमण किया गया है। मुश्किल ये है कि रास्ते में कई मंदिर भी आएंगे।
माल्देपुर से लेकर कदम चौराहा तक जल्द ही निर्माण का चिह्नांकन किया जाएगा। इसके तहत सड़क से सटे करीब 150 निर्माण जद में आएंगे। इन्हें नोटिस भी दिया जाएगा। एनएचएआई की ओर से प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। वहीं अधिकारियों की माने तो माल्देपुर से कदम चौराहे तक फोरलेन बनाने के लिए बहेरी स्थित कटहल नाला पर चौड़ा पुल बनाने का भी प्रस्ताव है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती अतिक्रमण को लेकर होगी।
माल्देपुर से लेकर कदम चौराहा तक चप्पे-चप्पे पर कहीं कच्चा तो पक्का निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है। माल्देपुर, हैबतपुर, बहेरी, चित्तू पांडेय चौराहा, स्टेशन रोड पर कदम चौराहा तक सड़क पर अतिक्रमण कर संकरा कर दिया गया है। अब फोरलेन बनाने के लिए अस्थायी और स्थायी निर्माण का ध्वस्त होना भी तय है।
बता दें कि, जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाके तक की सड़कों पर वाहनों को खड़ा कर चालक और कंडेक्टर सवारियां को वाहन में बैठाते हैं। इसके चलते शहर में जाम भी लगता है। लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। पांच माह पहले मुख्यमंत्री ने ऑटो, टेपों और डग्गामार वाहनों के लिए संचालित अवैध स्टैंडों को 24 घंटे के अंदर हटाने का निर्देश दिया था। लेकिन इसका असर जिले में कहीं भी नहीं दिखता। सोमवार को पहले की तरह ही चित्तू पांडेय चौराहा के चारों तरफ ई-रिक्शा व ऑटो कतार लगा कर खड़े थे और सवारियां बैठाते दिखे। इसी तरह, कुंवर सिंह चौराहा के पास रामपुर में सड़क किनारे ही बसों व अन्य वाहनों की कतार लगी रही।
नगर के रेलवे स्टेशन, मालगोदाम रोड, टोडी कॉलेज चौराहा, बहेरी, रोडवेज से सटे ओवरब्रिज के नीचे मिट्टी चौराहा आदि कई स्थानों पर अवैध स्टैंड का संचालन जारी है। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी सदर और यातायात प्रभारी अशोक कुमार मिश्र ने बताया कि यह मामला संज्ञान में है। त्योहार बाद सड़क किनारे वाहनों को खड़ाकर सवारी बैठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एनएन 31 पर माल्देपुर से लेकर कदम चौराहा तक हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। टू लेन सड़क होने के कारण आए दिन जाम लगता है। इसके चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब फोरलेन सड़क बन जाने के बाद समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
इस मामले में आजमगढ़ के एनएचएआई पीडी एसपी पाठक ने जानकारी दी कि फोरलेन निर्माण के लिए चिह्नांकन करने के बाद सबसे पहले विद्युत पोल आदि को शिफ्ट कराने का काम कराया जाएगा। चिह्नांकन की जद में आने वाले स्थायी और अस्थायी निर्माण को हटाने की भी कार्रवाई होगी।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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