बलिया
बलिया- 20 साल के युवक का पेड़ से लटका मिला शव, केरल में रहकर करता था प्राइवेट नौकरी
बलिया के हल्दी थाना क्षेत्र में 20 वर्षीय एक युवक का शव पेड़ पर लटका मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। वहीं पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। आत्महत्या का कारण फिलहाल अज्ञात है।
दरअसल परसिया गांव निवासी सोनू कुमार यादव पुत्र स्व. मुन्ना यादव का शव रविवार को गांव के उत्तर स्थित बचीगे में एक महुआ के पेड़ पर लटका मिला। इसको लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं है। सोनू 3 भाइयों में दूसरे नंबर का था। अभी उसकी शादी नहीं हुई थी। बड़ा भाई हैदराबाद में प्राइवेट नौकरी करता है।
सोनू केरल में रह कर प्राइवेट नौकरी करता था। वह लगभग10 दिन पहले ही गांव आया था। रविवार को ही उसे वापस केरल जाना था। लेकिन केरल न जाकर किन परिस्थितियों में आत्महत्या कर लिया यह समझ से परे है। ग्रामीणों की मानें तो देर शाम उसने अपना मोबाइल फोड़ा था।
पुलिस ने मोबाइल को भी कब्जे में ले लिया है। मृतक का छोटा भाई थाने में इत्तेफाकिया तहरीर दिया है। इस बावत पूछे जाने पर थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया कि मृतक का भाई इत्तेफाकिया तहरीर दिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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फेफना में अकीदत के साथ मनाया गया मोहर्रम, मातमी जुलूस और हैरतअंगेज करतब बने आकर्षण का केंद्र
बलिया। फेफना थाना क्षेत्र में शुक्रवार को मोहर्रम का पर्व पूरी अकीदत, शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चिलचिलाती धूप के बावजूद फेफना सहित आसपास के गांवों में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातमी दस्तों ने नोहा-ख्वानी और मातम कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
फेफना में निकले मातमी जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के युवाओं ने पारंपरिक हैरतअंगेज करतबों का प्रदर्शन किया, जिसने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं समाजसेवी लडू अंसारी द्वारा जुलूस में शामिल लोगों और राहगीरों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की गई, जिसकी लोगों ने सराहना की।
जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए कर्बला पहुंचा, जहां परंपरागत रीति-रिवाज के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।

फेफना के अलावा तीखा, मिठवार, पक्काकोट, बहादुरपुर, सिंहपुर, एकौनी, बलेजी, सागरपाली, अमडारी, निधरिया और मिढ्ढा गांवों में भी मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर थानाध्यक्ष अखिलेश चंद पांडेय पुलिस बल के साथ लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और पूरे आयोजन पर नजर बनाए रखी। पर्व सकुशल संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने बलेजी में लगे मेले का भी आनंद लिया।

ग्रामीणों ने कहा कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग, सत्य और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है, जो समाज में भाईचारा, एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करता है।
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